नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने 2 और आरोपी दबोचे, कुल गिरफ्तारियाँ 13 हुईं
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में 27 मई 2026 को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है। यह गिरफ्तारियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर एजेंसी नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने में जुटी है।
नए गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
पहले आरोपी की पहचान डॉ. मनोज शिरुरे के रूप में हुई है, जो लातूर के निवासी हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे सहित तीन छात्रों को आरोपी पी.वी. कुलकर्णी के माध्यम से रसायन विज्ञान का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरे गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह हैं, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में भौतिकी के फैकल्टी सदस्य हैं। सीबीआई के अनुसार, उन्हें नीट-यूजी 2026 का लीक भौतिकी प्रश्नपत्र पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से प्राप्त हुआ था।
मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा
सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था, जिसमें नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की बात कही गई थी। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद एजेंसी ने विशेष जांच दल गठित किए और कई राज्यों में एक साथ छापेमारी शुरू की।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा विवादों के घेरे में आई है। 2024 में भी नीट-यूजी पेपर लीक के आरोपों ने देशव्यापी हंगामा खड़ा किया था और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचा था। इस बार 2026 की पुनरावृत्ति चिकित्सा प्रवेश परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक कमज़ोरियों पर फिर से सवाल उठाती है।
जब्त साक्ष्य और गिरफ्तारियों का भूगोल
जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी विस्तृत फोरेंसिक जांच जारी है। अब तक नई दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं — जो दर्शाता है कि लीक नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था।
सीबीआई के अनुसार, जांच में यह स्थापित हुआ है कि परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान — तीनों विषयों के प्रश्नपत्र प्रसारित किए गए थे।
आगे की जांच की दिशा
एजेंसी अब प्रश्नपत्र लीक के मूल स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं क्योंकि साजिश की पूरी कड़ी अभी उजागर होनी बाकी है।