12 जुलाई 2026
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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने 2 और आरोपी दबोचे, कुल गिरफ्तारियाँ 13 हुईं

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नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने 2 और आरोपी दबोचे, कुल गिरफ्तारियाँ 13 हुईं

सारांश

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच का दायरा तेज़ी से बढ़ रहा है — लातूर के डॉक्टर और पुणे के फैकल्टी सदस्य की गिरफ्तारी के साथ कुल आरोपी 13 हो गए हैं। रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान तीनों के पेपर लीक की पुष्टि ने इस घोटाले की गहराई उजागर की है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 27 मई 2026 को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 2 नए आरोपी गिरफ्तार किए; कुल गिरफ्तारियाँ 13 हुईं।
मनोज शिरुरे (लातूर) ने तीन छात्रों को रसायन विज्ञान का लीक पेपर दिलाने में भूमिका निभाई।
तेजस हर्षदकुमार शाह , पुणे की डॉ.
अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी के भौतिकी फैकल्टी, को आरोपी मनीषा हवलदार से लीक पेपर मिला था।
सीबीआई ने देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी ली; दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त।
गिरफ्तारियाँ नई दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से हुई हैं।
मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज किया गया था।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में 27 मई 2026 को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है। यह गिरफ्तारियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाकर एजेंसी नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने में जुटी है।

नए गिरफ्तार आरोपी कौन हैं

पहले आरोपी की पहचान डॉ. मनोज शिरुरे के रूप में हुई है, जो लातूर के निवासी हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे सहित तीन छात्रों को आरोपी पी.वी. कुलकर्णी के माध्यम से रसायन विज्ञान का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।

दूसरे गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह हैं, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी में भौतिकी के फैकल्टी सदस्य हैं। सीबीआई के अनुसार, उन्हें नीट-यूजी 2026 का लीक भौतिकी प्रश्नपत्र पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से प्राप्त हुआ था।

मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा

सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था, जिसमें नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की बात कही गई थी। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद एजेंसी ने विशेष जांच दल गठित किए और कई राज्यों में एक साथ छापेमारी शुरू की।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा विवादों के घेरे में आई है। 2024 में भी नीट-यूजी पेपर लीक के आरोपों ने देशव्यापी हंगामा खड़ा किया था और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचा था। इस बार 2026 की पुनरावृत्ति चिकित्सा प्रवेश परीक्षा प्रणाली की संरचनात्मक कमज़ोरियों पर फिर से सवाल उठाती है।

जब्त साक्ष्य और गिरफ्तारियों का भूगोल

जांच के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी विस्तृत फोरेंसिक जांच जारी है। अब तक नई दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं — जो दर्शाता है कि लीक नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था।

सीबीआई के अनुसार, जांच में यह स्थापित हुआ है कि परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान — तीनों विषयों के प्रश्नपत्र प्रसारित किए गए थे।

आगे की जांच की दिशा

एजेंसी अब प्रश्नपत्र लीक के मूल स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं क्योंकि साजिश की पूरी कड़ी अभी उजागर होनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित साजिश है। असली परीक्षण यह है कि क्या सीबीआई केवल निचले स्तर के वाहकों को पकड़ती है, या लीक के मूल स्रोत — परीक्षा तंत्र के भीतर — तक पहुँचती है। लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य इस जवाबदेही पर टिका है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
सीबीआई ने 12 मई 2026 को मामला दर्ज करने के बाद देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी ली और 27 मई तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारियाँ नई दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से हुई हैं।
डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस शाह की इस मामले में क्या भूमिका है?
डॉ. मनोज शिरुरे (लातूर) ने आरोपी पी.वी. कुलकर्णी के माध्यम से तीन छात्रों को रसायन विज्ञान का लीक पेपर दिलाने में सहायता की। तेजस हर्षदकुमार शाह, पुणे की डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी के भौतिकी फैकल्टी, को आरोपी मनीषा हवलदार से भौतिकी का लीक पेपर मिला था।
नीट-यूजी 2026 में कौन-कौन से विषयों के पेपर लीक हुए?
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान — तीनों विषयों के प्रश्नपत्र प्रसारित किए गए थे। एजेंसी अभी लीक के मूल स्रोत की पहचान कर रही है।
यह मामला कब और किसकी शिकायत पर दर्ज हुआ?
सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था, जिसमें नीट-यूजी 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी दी गई थी।
आगे जांच किस दिशा में जाएगी?
सीबीआई अब पेपर लीक के मूल स्रोत और पूरे नेटवर्क की पहचान में जुटी है। जब्त लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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