नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: सीबीआई ने 11वें आरोपी मनीषा हवलदार को पुणे से किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 प्रश्न पत्र लीक मामले में 22 मई 2026 को एक और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या 11 हो गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवलदार के रूप में हुई है, जो पुणे, महाराष्ट्र स्थित सेठ हिरालाल सराफ प्रशाला में कार्यरत थीं।
आरोपी की भूमिका क्या थी
मनीषा हवलदार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ के रूप में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं और उनकी फिजिक्स के प्रश्न पत्रों तक सीधी पहुँच थी। सीबीआई के अनुसार, अप्रैल 2026 में उन्होंने फिजिक्स विषय के कुछ प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंडारे को साझा किए थे, जिन्हें 16 मई को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जाँच एजेंसी का दावा है कि साझा किए गए प्रश्न परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था, जिसमें नीट परीक्षा में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की भविष्य की उम्मीदें इस परीक्षा से जुड़ी हैं।
देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा
प्रारंभिक जाँच के बाद सीबीआई ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई। जब्त किए गए डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जाँच अभी जारी है। जाँच में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
बिचौलियों की भूमिका
सीबीआई के अनुसार, जाँच में यह भी सामने आया है कि कुछ बिचौलिए ऐसे छात्रों को जोड़ते थे जो लाखों रुपये देकर विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होते थे, जहाँ कथित तौर पर परीक्षा में आने वाले प्रश्न उपलब्ध कराए जाते थे। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हों — 2024 में भी इसी तरह के पेपर लीक विवाद ने देशव्यापी आंदोलन को जन्म दिया था।
जाँच की स्थिति और आगे की राह
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जाँच पूरी तरह निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है तथा पेपर लीक नेटवर्क के सभी स्तरों की पहचान की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि NTA की परीक्षा प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधारों के बिना केवल गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं होंगी। आने वाले हफ्तों में और गिरफ्तारियाँ और चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है।