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क्या <b>ईपीएस</b> ने <b>डीएमके</b> सरकार पर राज्य को कर्ज में धकेलने का गंभीर आरोप लगाया?

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क्या <b>ईपीएस</b> ने <b>डीएमके</b> सरकार पर राज्य को कर्ज में धकेलने का गंभीर आरोप लगाया?

सारांश

तिरुवल्लूर में एआईएडीएमके नेता पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें कर्ज और किसानों की उपेक्षा शामिल है। उन्होंने 'लोगों को बचाओ, तमिलनाडु को बचाओ' का नारा दिया। क्या यह आगामी चुनावों में एआईएडीएमके की जीत का संकेत है?

मुख्य बातें

पलानीस्वामी ने डीएमके पर गंभीर आरोप लगाए।
कर्ज का मुद्दा प्रमुख है।
किसानों की उपेक्षा का आरोप।
आगामी चुनावों में एआईएडीएमके की जीत की संभावना।
डीएमके में आंतरिक दरारें बढ़ रही हैं।

चेन्नई, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने तिरुवल्लूर जिले में एक प्रभावशाली कैंपेन की शुरुआत की। उन्होंने 'लोगों को बचाओ, तमिलनाडु को बचाओ' का नारा दिया और सत्ताधारी डीएमके सरकार पर तीव्र हमला किया।

कवरईपेट्टई में एक जनसभा में बोलते हुए, पलानीस्वामी ने डीएमके पर तमिलनाडु के लोगों को हर दिशा में विफल करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य बिना किसी दिशा के चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "डीएमके सरकार एक बिना इंजन वाली कार की तरह है। पिछले 10 वर्षों से इसे केवल इसके गठबंधन सहयोगियों ने ही खींचा है।"

एआईएडीएमके के आलोचकों पर निशाना साधते हुए, पलानीस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी ने अपने राजनीतिक विरोधियों को हराकर बार-बार अपनी ताकत साबित की है। उन्होंने कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि यदि एआईएडीएमके अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन करती है, तो वह सांप्रदायिक हो जाती है। जब डीएमके ने गठबंधन बनाया था, तो क्या वे उन्हीं पार्टियों के साथ नहीं थे? दोहरा मापदंड लोगों से छिपा नहीं रह सकता।"

एआईएडीएमके नेता ने डीएमके सरकार पर किसानों और खेतिहर मजदूरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "पिछले 56 महीनों में, डीएमके ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया है। यह केवल एआईएडीएमके के दबाव के कारण ही केंद्र सरकार ने 'मनरेगा' के तहत गारंटीड रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 की।"

पलानीस्वामी ने आगे आरोप लगाया कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर आंतरिक दरारें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, "डीएमके मोर्चे के भीतर अशांति है। वीसीके और सीपीआई जैसे गठबंधन सहयोगी भी अब सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से सरकार की अस्थिरता को दर्शाता है।"

राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर कड़ा हमला बोलते हुए पलानीस्वामी ने डीएमके पर तमिलनाडु को कर्ज में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "तमिलनाडु कर्ज लेने में नंबर एक राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री ने आने वाली पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ डाल दिया है। इन कर्जों को चुकाने के लिए, सरकार लोगों पर और टैक्स लगाएगी।"

उन्होंने एक वित्तीय निगरानी समिति के गठन की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि इसके गठन के बावजूद, राज्य का कर्ज केवल बढ़ा है। उन्होंने कहा, "बोझ कम करने के बजाय, सरकार और अधिक कर्ज ले रही है, जिससे लोगों को और गहरी वित्तीय परेशानी में धकेला जा रहा है।"

अपने भाषण के अंत में, पलानीस्वामी ने जोर देकर कहा कि एआईएडीएमके आगामी चुनावों में विजयी होगी और तमिलनाडु में अगली सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि लोग देख रहे हैं। इस अक्षम सरकार को हराने और सुशासन बहाल करने का समय आ गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि चुनाव नजदीक हैं और ऐसे आरोपों का राजनीतिक लाभ उठाया जा सकता है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पलानीस्वामी ने किस मुद्दे पर हमला किया?
उन्होंने डीएमके सरकार पर राज्य को कर्ज में धकेलने और किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
पलानीस्वामी ने कौन सा नारा दिया?
'लोगों को बचाओ, तमिलनाडु को बचाओ' का नारा दिया।
डीएमके सरकार के खिलाफ पलानीस्वामी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि डीएमके सरकार बिना इंजन वाली कार की तरह है।
राष्ट्र प्रेस
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