जंतर-मंतर पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकी, वांगचुक को हटाए जाने के बाद भूख हड़ताल का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 18 जुलाई को उस समय हंगामा मच गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही जैसा तरल पदार्थ फेंक दिया। यह घटना तब हुई जब दीपके सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षाविद सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के विरोध में समर्थकों को संबोधित कर रहे थे और उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की थी।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार सुबह पुलिसकर्मी जंतर-मंतर पहुँचे और नारेबाजी व विरोध के बीच 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को अस्पताल ले गए। यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों और चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह के अनुपालन में उठाया गया, क्योंकि तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी।
इसके बाद दीपके ने सभा को संबोधित किया, पुलिस पर वांगचुक को 'जबरन' हटाने का आरोप लगाया और घोषणा की कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी दौरान समर्थकों के बीच से एक महिला आगे आई और उसने दीपके पर स्याही जैसा तरल पदार्थ फेंक दिया।
हंगामे की स्थिति
स्याही फेंके जाने के तुरंत बाद समर्थक मंच की ओर दौड़ पड़े और कार्यक्रम में थोड़ी देर के लिए बाधा उत्पन्न हो गई। महिला की पहचान और घटना के पीछे का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर 6 जून से प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर डटे हुए हैं। 28 जून को वांगचुक आधिकारिक रूप से इस विरोध स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। यह आंदोलन शिक्षा नीति से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार तेज होता रहा है।
आगे की स्थिति
दीपके की भूख हड़ताल की घोषणा के बाद आंदोलन का अगला चरण शुरू होने की संभावना है। वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने और दीपके पर हुए हमले के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव बना हुआ है। पुलिस की कार्रवाई और घटना की जाँच के नतीजे आंदोलन की दिशा तय कर सकते हैं।