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बांग्लादेश में खसरा-डेंगू का दोहरा संकट: 24 घंटों में 4 बच्चों की मौत, कुल मृतक 784

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बांग्लादेश में खसरा-डेंगू का दोहरा संकट: 24 घंटों में 4 बच्चों की मौत, कुल मृतक 784

सारांश

बांग्लादेश में एक साथ दो महामारियों का संकट: खसरे से कुल 784 मौतें और 1,16,710 संदिग्ध मामले, साथ ही डेंगू से 33 मौतें। 24 घंटों में 4 बच्चों की जान गई — स्वास्थ्य तंत्र पर दोहरा दबाव।

मुख्य बातें

18 जुलाई को सुबह 8 बजे तक के 24 घंटों में खसरे जैसे लक्षणों से 4 बच्चों की मौत, कुल मृतक संख्या 784 हुई।
लैब-पुष्टि खसरा मृतक 95 ; संदिग्ध लक्षणों से मृतक 689 ।
देशभर में संदिग्ध खसरा मामले 1,16,710 ; लैब-पुष्टि संक्रमित 14,318 ।
15 मार्च से अब तक 99,249 मरीज़ अस्पताल में भर्ती; 95,529 स्वस्थ होकर घर लौटे।
डेंगू से इस वर्ष कुल 33 मौतें; पिछले 24 घंटों में 242 नए मरीज़ भर्ती।
DGHS ने टीकाकरण, मच्छर-नियंत्रण और तत्काल चिकित्सा सहायता की अपील की।

बांग्लादेश की राजधानी ढाका से मिली रिपोर्टों के अनुसार, देश में खसरे और डेंगू का दोहरा स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। 18 जुलाई को सुबह 8 बजे तक के पिछले 24 घंटों में खसरे जैसे संदिग्ध लक्षणों से चार बच्चों की मौत हो गई, जिससे देश में कन्फर्म और संदिग्ध खसरा-संबंधी मौतों की कुल संख्या 784 तक पहुँच गई है। इसी अवधि में डेंगू से भी एक व्यक्ति की जान गई, और इस वर्ष डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या 33 हो गई है।

खसरे के आँकड़े: क्या कहते हैं ताज़ा आँकड़े

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के आँकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हुई मौतों को 'संदिग्ध खसरा से मृत्यु' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ताज़ा मौतों के बाद खसरे जैसे लक्षणों से मरने वालों की संख्या बढ़कर 689 हो गई है, जबकि लैब परीक्षण से पुष्टि किए गए खसरा मृतकों की संख्या 95 पर स्थिर बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में 699 नए संदिग्ध खसरा मामले सामने आए हैं, जिससे देशभर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 1,16,710 हो गई है। इसी अवधि में 74 नए मामलों में लैब जाँच के ज़रिए खसरे की पुष्टि हुई, और देश में कुल संक्रमितों की संख्या 14,318 दर्ज की गई है।

अस्पतालों में भर्ती और उपचार की स्थिति

DGHS के अनुसार, 15 मार्च से अब तक 99,249 संदिग्ध खसरा मरीज़ों को देशभर के अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। इनमें से 95,529 मरीज़ इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि शेष का उपचार जारी है। यह आँकड़ा बताता है कि स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव लगातार बना हुआ है।

गौरतलब है कि यह संकट ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश पहले से ही राजनीतिक उथल-पुथल और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है, जिससे स्वास्थ्य ढाँचे पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

डेंगू का प्रकोप: मच्छरजनित ख़तरा बरकरार

खसरे के साथ-साथ मच्छरजनित डेंगू ने भी स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। 18 जुलाई को सुबह 8 बजे तक के पिछले 24 घंटों में डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 242 नए मरीज़ों को देशभर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। DGHS के अनुसार, इस वर्ष डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने नए मरीज़ों के सामने आने के बाद अस्पतालों में डेंगू निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मज़बूत करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और जन-अपील

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, देशभर में खसरे के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है और अस्पतालों को सतर्क रहने तथा प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से बच्चों का समय पर टीकाकरण कराने और खसरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।

DGHS ने नागरिकों से मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

आगे क्या होगा

यह बांग्लादेश में एक साथ दो संक्रामक रोगों के सक्रिय प्रकोप की स्थिति है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के मौसम में डेंगू के मामले और बढ़ सकते हैं। खसरे के व्यापक टीकाकरण अभियान की प्रभावशीलता आने वाले हफ्तों में स्थिति को नियंत्रित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी 784 मौतें एक गंभीर नीतिगत विफलता की ओर इशारा करती हैं। 1,16,710 संदिग्ध मामलों के मुकाबले केवल 14,318 लैब-पुष्टि मामले यह भी सवाल उठाते हैं कि जाँच क्षमता वास्तविक प्रसार को कितना पकड़ पा रही है। मानसून के मौसम में डेंगू के साथ यह दोहरा बोझ बांग्लादेश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की सीमाओं को उजागर करता है, और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समुदाय के लिए यह एक चेतावनी है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में खसरे से अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं?
DGHS के अनुसार, 18 जुलाई तक बांग्लादेश में कन्फर्म और संदिग्ध खसरा-संबंधी कुल 784 मौतें हो चुकी हैं। इनमें लैब-पुष्टि मृतक 95 और संदिग्ध लक्षणों से मृतक 689 शामिल हैं।
बांग्लादेश में खसरे के कुल कितने मामले सामने आए हैं?
देशभर में संदिग्ध खसरा मामलों की कुल संख्या 1,16,710 है, जबकि लैब परीक्षण से पुष्टि किए गए मामले 14,318 हैं। 15 मार्च से अब तक 99,249 मरीज़ अस्पतालों में भर्ती हुए।
बांग्लादेश में डेंगू की स्थिति कितनी गंभीर है?
इस वर्ष बांग्लादेश में डेंगू से 33 लोगों की मौत हो चुकी है। 18 जुलाई को पिछले 24 घंटों में 1 मौत और 242 नए मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए।
बांग्लादेश सरकार इस स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है?
DGHS ने अस्पतालों को सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों से बच्चों का समय पर टीकाकरण, मच्छर प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की गई है।
खसरे के लक्षण दिखने पर क्या करें?
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, खसरे जैसे लक्षण — जैसे बुखार, दाने, आँखों में लालिमा — दिखाई देने पर तुरंत नज़दीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। बच्चों का समय पर टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
राष्ट्र प्रेस
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