18 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटाने पर कांग्रेस का हमला, वेणुगोपाल बोले — 'जनता सही समय पर सजा देगी'

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सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटाने पर कांग्रेस का हमला, वेणुगोपाल बोले — 'जनता सही समय पर सजा देगी'

सारांश

जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजे जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। वेणुगोपाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की, तो पवन खेड़ा ने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर और गृह मंत्रालय पर संवैधानिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को जंतर-मंतर धरनास्थल से तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल स्थानांतरित किया गया।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे 'निंदनीय' बताया और धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाने की माँग की।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर पर संवैधानिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने कहा कि मानसून सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अनिवार्य है।
विपक्ष ने महिला पहलवानों और पूर्व सैनिकों के प्रदर्शन से जोड़ते हुए इसे सरकार की 'लोकतंत्र-विरोधी' प्रवृत्ति का हिस्सा बताया।

नई दिल्ली, 18 जुलाईजंतर-मंतर पर धरने पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल स्थानांतरित किए जाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के बजाय वांगचुक को उनके प्रदर्शन स्थल से हटाना चुना — जिसे उन्होंने 'निंदनीय' करार दिया।

वेणुगोपाल का आरोप

केसी वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया: 'धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने के बजाय उन्होंने (केंद्र) सोनम वांगचुक को उनके प्रोटेस्ट की जगह से हटा दिया। सरकार को दया और इंसानियत दिखानी चाहिए थी, लेकिन असली फासीवादी तरीके से उन्होंने एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तोड़ना चुना, क्योंकि उन पर जनता का दबाव बढ़ रहा था। यह बहुत निंदनीय काम है, जिसकी जनता सही समय पर सजा देगी।' उन्होंने यह भी माँग की कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाया जाए।

पवन खेड़ा का संवैधानिक सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है, लेकिन गृह मंत्रालय का रवैया इसी संवैधानिक अधिकार को निशाना बना रहा है। खेड़ा ने दिल्ली पुलिस के नए कमिश्नर पर भी सवाल उठाए, कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और कल ही मंत्रालय ने नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। उन्होंने कहा, 'अगर आज की बर्बर कार्रवाई कमिश्नर साहब का पहला संदेश है, तो इससे साफ पता चलता है कि उनकी वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से अधिक सत्ता के प्रति है।'

पूर्व की घटनाओं का हवाला

खेड़ा ने महिला पहलवानों के प्रदर्शन और पूर्व सैनिकों के साथ कथित बदसलूकी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरकार बार-बार दिखा चुकी है कि उसे न संविधान की इज्जत है और न लोकतांत्रिक मर्यादा की। उन्होंने कहा, 'इस सरकार के लिए शांतिपूर्ण विरोध किसी नागरिक का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि एक 'कानून व्यवस्था' की समस्या है।'

कांग्रेस का आगे का रुख

केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष अपना प्रदर्शन पूरे जोर-शोर से जारी रखेगा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब संसद का मानसून सत्र निकट है और विपक्ष पहले से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर आक्रामक मुद्रा में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब विपक्ष पहले से ही शिक्षा मंत्री के खिलाफ मुखर है — यह संयोग राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। कांग्रेस की माँग तब तक सांकेतिक दबाव ही रहेगी जब तक विपक्ष संसद के भीतर इसे ठोस रणनीति से नहीं जोड़ता। दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर पर उठे सवाल भी इस बात की याद दिलाते हैं कि राजधानी पुलिस की स्वायत्तता और जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित बना हुआ है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों हटाया गया?
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 18 जुलाई को जंतर-मंतर धरनास्थल से अस्पताल स्थानांतरित किया गया। कांग्रेस ने इसे सरकार द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जबरन तोड़ने की कोशिश बताया है।
कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग क्यों की?
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वांगचुक को हटाने की बजाय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाया जाना चाहिए था। पार्टी ने माँग की है कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधान इस्तीफा दें।
पवन खेड़ा ने दिल्ली पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन है और नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति के अगले ही दिन यह कार्रवाई हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे साफ है कि कमिश्नर की वफादारी संवैधानिक कर्तव्य से अधिक सत्ता के प्रति है।
इस घटना का संसद के मानसून सत्र पर क्या असर पड़ सकता है?
कांग्रेस और विपक्ष ने संकेत दिया है कि वे मानसून सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएँगे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग अब विपक्ष के सत्र-रणनीति का केंद्र बन सकती है।
कांग्रेस ने इस घटना को पहले के किन मामलों से जोड़ा?
पवन खेड़ा ने महिला पहलवानों के प्रदर्शन को सड़कों पर कथित तौर पर जबरन समाप्त किए जाने और पूर्व सैनिकों के साथ बदसलूकी का हवाला दिया। उनके अनुसार यह सरकार की उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जो शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार नहीं, बल्कि 'कानून व्यवस्था की समस्या' मानती है।
राष्ट्र प्रेस
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