18 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा का आरोप — 20 जुलाई के प्रदर्शन से डरी सरकार

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सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा का आरोप — 20 जुलाई के प्रदर्शन से डरी सरकार

सारांश

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने को सरकार की घबराहट का प्रमाण बताया। 20 जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन, यूसीसी की चयनात्मक राजनीति और 100 से अधिक पेपर लीक — ये तीन मुद्दे अब एक बड़े टकराव की आहट दे रहे हैं।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 18 जुलाई को आरोप लगाया कि सरकार 20 जुलाई के प्रस्तावित प्रदर्शन से भयभीत है।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
वर्मा ने BJP पर 2014, 2019 और 2024 के घोषणापत्रों में यूसीसी का वादा करने के बावजूद पूरे देश में लागू न करने का आरोप लगाया।
सपा प्रवक्ता के अनुसार पिछले दस महीनों में 100 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
वर्मा ने गठबंधन में अनुशासनहीनता पर भी चिंता जताई, विशेषकर उत्तर प्रदेश में नेताओं के स्वतंत्र बयानों को लेकर।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 18 जुलाई को लखनऊ में कहा कि केंद्र सरकार 20 जुलाई को प्रस्तावित जन-प्रदर्शन से भयभीत है, और इसी कारण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने सरकार पर यूसीसी, पेपर लीक और गठबंधन राजनीति जैसे मुद्दों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

सोनम वांगचुक को हटाए जाने पर सपा का आरोप

वर्मा ने कहा, '20 तारीख को सोनम वांगचुक के समर्थन में या देश के लोगों के समर्थन में जो आवाज उठने वाली है, सरकार उससे कांप रही है। इसीलिए आज उन्होंने सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटा दिया और ले गए। वे नहीं चाहते कि सरकार के खिलाफ गुस्से की इतनी बड़ी लहर सड़कों पर उतरे।' उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इस विरोध को आज रोक दिया गया हो, लेकिन देश के युवाओं के मन में जो आक्रोश है, वह सरकार को सत्ता से बेदखल करने की ताकत रखता है।

यूसीसी पर सरकार की मंशा पर सवाल

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर आशुतोष वर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2014, 2019 और 2024 के अपने घोषणापत्रों में यूसीसी लागू करने का वादा किया था, फिर भी पार्टी पूरे देश में इसे लागू करने में नाकाम रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यूसीसी केवल असम, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों तक सीमित क्यों है और राष्ट्रीय स्तर पर इसे लागू करने में क्या बाधा है। आलोचकों का कहना है कि यह चयनात्मक क्रियान्वयन राजनीतिक हितों से प्रेरित है।

पेपर लीक और राम मंदिर चोरी — युवाओं के सामने संकट

सपा प्रवक्ता ने कहा कि देश के दो सबसे बड़े मुद्दे इस समय राम मंदिर में चोरी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस महीनों में 100 से अधिक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनके अनुसार सरकार इन गंभीर विषयों की अनदेखी कर अन्य मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

गठबंधन राजनीति पर सपा की चिंता

वर्मा ने गठबंधन की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी में लोकतंत्र आवश्यक है, किंतु वह इतना भी नहीं होना चाहिए कि पार्टी के अस्तित्व पर ही संकट आ जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि कई नेता अपनी भूमिका से आगे बढ़कर स्वतंत्र बयान देते हैं और गठबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता की परीक्षा हो रही है और आंतरिक अनुशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

आगे क्या होगा

20 जुलाई का प्रस्तावित प्रदर्शन अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि सोनम वांगचुक को विरोध स्थल से हटाए जाने के बाद समर्थकों में आक्रोश बढ़ा है। सपा समेत विपक्षी दल इस घटना को सरकार की 'दमनकारी मानसिकता' के रूप में पेश कर रहे हैं। गौरतलब है कि वांगचुक लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की माँग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एक साथ विपक्ष को एक सुसंगत आख्यान देते हैं। सपा का यह बयान केवल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की पूर्व-तैयारी भी है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इस आक्रोश को संगठित राजनीतिक ऊर्जा में बदल पाएगा, या यह भी महज बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से क्यों हटाया गया?
सोनम वांगचुक को दिल्ली के जंतर-मंतर विरोध स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा के अनुसार यह कदम 20 जुलाई को प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाया गया, हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
20 जुलाई का प्रस्तावित प्रदर्शन किस बारे में है?
20 जुलाई को सोनम वांगचुक के समर्थन में और लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा तथा संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा की माँग को लेकर एक बड़े जन-प्रदर्शन की योजना थी। विपक्षी दलों ने इसे सरकार के खिलाफ व्यापक जन-आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया है।
सपा ने यूसीसी पर क्या आपत्ति जताई है?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सवाल उठाया कि BJP ने 2014, 2019 और 2024 के घोषणापत्रों में यूसीसी का वादा किया, फिर भी इसे केवल असम, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे चुनिंदा राज्यों में लागू किया जा रहा है। उनके अनुसार यह चयनात्मक रवैया सरकार की राजनीतिक मंशा को उजागर करता है।
पिछले दस महीनों में कितने पेपर लीक हुए हैं?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा के दावे के अनुसार पिछले दस महीनों में 100 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है और सरकार इस पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही।
सपा ने गठबंधन राजनीति पर क्या कहा?
आशुतोष वर्मा ने कहा कि पार्टी में लोकतंत्र होना चाहिए, लेकिन अनुशासनहीनता पार्टी के अस्तित्व के लिए खतरा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में कुछ नेताओं द्वारा गठबंधन पर दबाव बनाने वाले स्वतंत्र बयानों पर चिंता जताई।
राष्ट्र प्रेस
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