17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: पवन खेड़ा बोले — 'जान मत जोखिम में डालो, यह सरकार लोकतांत्रिक विरोध नहीं सुनती'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: पवन खेड़ा बोले — 'जान मत जोखिम में डालो, यह सरकार लोकतांत्रिक विरोध नहीं सुनती'

सारांश

जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन चुकी है। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल दोनों ने अलग-अलग मुलाकात की — लेकिन संदेश एक ही रहा: सरकार नहीं सुन रही, और दांव बहुत ऊँचा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 18 जुलाई 2025 को जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात कर जान जोखिम में न डालने की अपील की।
खेड़ा ने कहा कि यह सरकार लोकतांत्रिक विरोध को सुनने और प्रतिक्रिया देने वाली नहीं है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक दिन पहले सोशल मीडिया पर इसी चिंता को व्यक्त किया था।
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार को जंतर-मंतर पहुँचे और पेपर लीक से युवाओं के टूटते मनोबल पर चिंता जताई।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी है।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने 18 जुलाई 2025 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुँचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की। खेड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से उठाए गए विरोध को सुनने और उस पर प्रतिक्रिया देने वाली नहीं है।

मुलाकात में क्या हुआ

पवन खेड़ा ने अनशनकारियों से सीधे बात करते हुए कहा, 'आज मैं यही संदेश लेकर सोनम वांगचुक और उनके साथियों के पास आया हूँ। मैंने उनसे कहा कि वे अपनी जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह ऐसी सरकार नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुनती हो और उस पर प्रतिक्रिया देती हो।' खेड़ा ने यह भी बताया कि एक दिन पहले गुरुवार को कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया के ज़रिए यह चिंता जताई थी कि एक असंवेदनशील सरकार के सामने विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे आंदोलनकारियों की जान पर बन आए।

केजरीवाल का जंतर-मंतर दौरा

इससे एक दिन पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पहुँचे थे। उन्होंने आंदोलन के मंच से देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। केजरीवाल ने सोनम वांगचुक के बारे में कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

पेपर लीक पर केजरीवाल की चिंता

केजरीवाल ने कहा कि जब कोई छात्र प्रतियोगी परीक्षा में बैठता है तो वह केवल परीक्षा देने नहीं जाता, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्र पहुँचता है। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं के इस विश्वास को गहरी चोट पहुँचाई है। केजरीवाल ने यह भी बताया कि वह स्वयं IIT से पढ़े हैं और उनके बच्चों ने भी प्रतियोगी परीक्षाएँ दी हैं — उस दौर में इस तरह के पेपर लीक सामने नहीं आते थे, लेकिन आज की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

आगे क्या

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है और विभिन्न राजनीतिक दलों का उनके आंदोलन की ओर ध्यान खिंचना इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव पर कोई ठोस प्रतिक्रिया देती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे खुद अनशनकारियों को हड़ताल खत्म करने की सलाह दे रहे हैं — यानी दबाव सरकार पर नहीं, आंदोलनकारी पर। पेपर लीक का मुद्दा वास्तविक और गंभीर है, लेकिन राजनीतिक भागीदारी इसे संस्थागत सुधार की माँग से हटाकर दलीय प्रतिस्पर्धा की ओर ले जाने का जोखिम भी रखती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं?
सोनम वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की माँग को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पेपर लीक के बढ़ते मामलों और युवाओं के टूटते भरोसे को उन्होंने इस आंदोलन का केंद्रीय कारण बताया है।
पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक से मिलकर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक और उनके साथियों से अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह ऐसी सरकार नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुने और उस पर प्रतिक्रिया दे।
कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने इस मामले पर क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया के ज़रिए चिंता व्यक्त की कि एक असंवेदनशील सरकार के सामने विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे आंदोलनकारियों की जान पर बन आए।
अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर क्या कहा?
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक ने युवाओं के मनोबल को गहरी चोट पहुँचाई है और शिक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा कमज़ोर पड़ रहा है। उन्होंने सोनम वांगचुक के संघर्ष को देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जोड़ा।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का क्या असर हो सकता है?
विभिन्न राजनीतिक दलों का आंदोलन की ओर ध्यान खिंचना इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श में ला रहा है। हालाँकि सरकार की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और भूख हड़ताल जारी रहने पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ भी बढ़ रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले