सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल: पवन खेड़ा बोले — 'जान मत जोखिम में डालो, यह सरकार लोकतांत्रिक विरोध नहीं सुनती'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने 18 जुलाई 2025 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुँचकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनसे अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की। खेड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से उठाए गए विरोध को सुनने और उस पर प्रतिक्रिया देने वाली नहीं है।
मुलाकात में क्या हुआ
पवन खेड़ा ने अनशनकारियों से सीधे बात करते हुए कहा, 'आज मैं यही संदेश लेकर सोनम वांगचुक और उनके साथियों के पास आया हूँ। मैंने उनसे कहा कि वे अपनी जान खतरे में न डालें, क्योंकि यह ऐसी सरकार नहीं है जो लोकतांत्रिक विरोध को सुनती हो और उस पर प्रतिक्रिया देती हो।' खेड़ा ने यह भी बताया कि एक दिन पहले गुरुवार को कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया के ज़रिए यह चिंता जताई थी कि एक असंवेदनशील सरकार के सामने विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए जिससे आंदोलनकारियों की जान पर बन आए।
केजरीवाल का जंतर-मंतर दौरा
इससे एक दिन पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर पहुँचे थे। उन्होंने आंदोलन के मंच से देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। केजरीवाल ने सोनम वांगचुक के बारे में कहा कि वह अपने लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पेपर लीक पर केजरीवाल की चिंता
केजरीवाल ने कहा कि जब कोई छात्र प्रतियोगी परीक्षा में बैठता है तो वह केवल परीक्षा देने नहीं जाता, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्र पहुँचता है। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों ने युवाओं के इस विश्वास को गहरी चोट पहुँचाई है। केजरीवाल ने यह भी बताया कि वह स्वयं IIT से पढ़े हैं और उनके बच्चों ने भी प्रतियोगी परीक्षाएँ दी हैं — उस दौर में इस तरह के पेपर लीक सामने नहीं आते थे, लेकिन आज की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
आगे क्या
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है और विभिन्न राजनीतिक दलों का उनके आंदोलन की ओर ध्यान खिंचना इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव पर कोई ठोस प्रतिक्रिया देती है या नहीं।