12 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक से मिले लद्दाख के उपराज्यपाल सक्सेना, विकास और जिम्मेदार संवाद पर बनी सहमति

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सोनम वांगचुक से मिले लद्दाख के उपराज्यपाल सक्सेना, विकास और जिम्मेदार संवाद पर बनी सहमति

सारांश

लद्दाख के उपराज्यपाल सक्सेना और सोनम वांगचुक की यह बैठक महज शिष्टाचार मुलाकात नहीं थी — इसमें भ्रामक बयानबाजी, 'कॉकरोच पार्टी' और मणिपुर से तुलना जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सीधी बातचीत हुई। वांगचुक ने कुछ बातों पर खेद जताया, जो प्रशासन और नागरिक समाज के बीच नए संवाद का संकेत है।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 26 मई को सोनम वांगचुक और गीतांजलि आंगमो से मुलाकात की।
बैठक में लद्दाख में विकास कार्यों और राजनीतिक संवाद के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखने पर सहमति बनी।
वांगचुक ने स्वीकार किया कि लद्दाख की तुलना मणिपुर से करना उनकी गलती थी।
'कॉकरोच पार्टी' पर वांगचुक ने कहा कि उन्हें इस संगठन की जानकारी नहीं; वे संस्थापकों की मंशा का अध्ययन करेंगे।
वांगचुक ने हिम सरोवर परियोजना , इगू फे नहर की बहाली और माहे-टोपको नहर सहित विकास पहलों की सराहना की।
उपराज्यपाल ने चेताया कि लगातार विरोध प्रदर्शनों से लद्दाख के पर्यटन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंगलवार, 26 मई को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और गीतांजलि आंगमो से मुलाकात की। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि लद्दाख में विकास कार्यों और राजनीतिक संवाद, दोनों के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखना आवश्यक है। उपराज्यपाल ने इस बैठक की जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।

बैठक में क्या हुई बातचीत

उपराज्यपाल सक्सेना ने अपनी एक्स पोस्ट में बताया कि बैठक के दौरान किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ बयानबाजी से बचने की अपील की गई, क्योंकि इससे सार्वजनिक चर्चा का वातावरण प्रभावित होता है और समाज में अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का अर्थ भ्रामक बातें फैलाना नहीं होना चाहिए।

सक्सेना के अनुसार, वांगचुक ने स्वीकार किया कि लद्दाख की स्थिति की तुलना मणिपुर से करना उनके निर्णय में एक गलती थी। सार्वजनिक मंचों पर बयान देते समय जिम्मेदारी बरतने पर जोर दिया गया।

'कॉकरोच पार्टी' पर वांगचुक का स्पष्टीकरण

बैठक में हाल ही में चर्चा में आई 'कॉकरोच पार्टी' के विषय पर भी बातचीत हुई। उपराज्यपाल के अनुसार, वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस संगठन की शुरुआत और उसके उद्देश्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इसके संस्थापकों और उनकी मंशा का अध्ययन करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने रुख पर पुनर्विचार करेंगे।

पर्यटन और विकास पर चिंता

उपराज्यपाल सक्सेना ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लद्दाख में कई सकारात्मक विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका असर क्षेत्र के विकास पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने चेताया कि लगातार रैलियां और विरोध प्रदर्शन करने से पर्यटन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन लद्दाख की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे प्रभावित होने से बचाना बेहद आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब लद्दाख में पर्यटन सीजन अपने चरम पर होता है।

विकास पहलों की सराहना

बैठक के दौरान सोनम वांगचुक ने भी केंद्र सरकार की ओर से हाल के दिनों में शुरू की गई विभिन्न विकास पहलों की सराहना की। इनमें 'हिम सरोवर' परियोजना, 'इगू फे नहर' की बहाली, 'माहे-टोपको नहर' का निर्माण और बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा वृक्षारोपण अभियान प्रमुख रूप से शामिल हैं।

आगे की राह

इस मुलाकात को लद्दाख में विकास, संवाद और सामाजिक समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने और संवैधानिक सुरक्षा की माँग को लेकर सक्रिय रहे हैं। यह बैठक उस संदर्भ में प्रशासन और नागरिक समाज के बीच संवाद की एक नई शुरुआत मानी जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि जब तक लद्दाख की मूल माँगों — राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची संरक्षण — पर ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक ऐसी बैठकें असंतोष को शांत करने का प्रयास मात्र लग सकती हैं। पर्यटन पर विरोध के असर की चेतावनी भी एकतरफा नज़र आती है, जबकि आंदोलन की जड़ें आर्थिक नहीं, बल्कि संवैधानिक हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराज्यपाल सक्सेना और सोनम वांगचुक की बैठक क्यों हुई?
यह बैठक 26 मई को लद्दाख में विकास कार्यों, राजनीतिक संवाद और हालिया विवादास्पद बयानों के संदर्भ में हुई। दोनों पक्षों ने सकारात्मक माहौल बनाए रखने और भ्रामक बयानबाजी से बचने पर सहमति जताई।
सोनम वांगचुक ने मणिपुर से तुलना को गलती क्यों माना?
उपराज्यपाल सक्सेना के अनुसार, वांगचुक ने स्वीकार किया कि लद्दाख की स्थिति की तुलना मणिपुर से करना उनके निर्णय में एक गलती थी। यह बयान बैठक के दौरान जिम्मेदार सार्वजनिक अभिव्यक्ति पर हुई चर्चा के संदर्भ में आया।
'कॉकरोच पार्टी' क्या है और इस पर वांगचुक का क्या रुख है?
बैठक में उठे इस मुद्दे पर वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस संगठन की शुरुआत और उद्देश्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इसके संस्थापकों की मंशा का अध्ययन करेंगे और ज़रूरत पड़ी तो अपने रुख पर पुनर्विचार करेंगे।
लद्दाख में केंद्र सरकार की किन विकास परियोजनाओं की सराहना हुई?
बैठक में वांगचुक ने 'हिम सरोवर' परियोजना, 'इगू फे नहर' की बहाली, 'माहे-टोपको नहर' के निर्माण और वृक्षारोपण अभियान की सराहना की। उपराज्यपाल ने भी कहा कि केंद्र की विकास पहलों का असर लद्दाख में दिखाई दे रहा है।
लद्दाख के पर्यटन पर विरोध प्रदर्शनों का क्या असर बताया गया?
उपराज्यपाल सक्सेना ने चेताया कि लगातार रैलियों और विरोध प्रदर्शनों से लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन लद्दाख की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
राष्ट्र प्रेस
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