वीरमणि मामला: एमके स्टालिन बोले — दोषी और सहयोगी दोनों को कानून के कटघरे में लाओ
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 24 सितंबर 2026 को चेन्नई से स्पष्ट बयान जारी करते हुए मांग की कि जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि को नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद, उसकी मदद करने वाले या उसे बचाने की कोशिश करने वाले हर व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई हो। स्टालिन ने साफ कहा कि पद या राजनीतिक हैसियत के आधार पर किसी को भी कानून से बचाया नहीं जाना चाहिए।
एक्स पर स्टालिन का बयान
एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिये यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि जेम वीरमणि को नाबालिग लड़कियों के साथ अमानवीय और घृणित कृत्य करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। स्टालिन ने मांग की कि वीरमणि की मदद करने वाले और उसे संरक्षण देने की कोशिश करने वाले सभी लोगों को कानून के सामने लाया जाए और उन्हें अधिकतम सज़ा दिलाई जाए। उन्होंने कहा, 'यही DMK का रुख है।'
एक नेता, पिता और संवेदनशील इंसान की बात
स्टालिन ने एक राजनीतिक आंदोलन के नेता, परिवार के मुखिया और एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में इच्छा जताई कि इस मामले का परिणाम ऐसा हो, जो आने वाले समय में किसी को भी इस तरह का अपराध करने के बारे में सोचने तक की हिम्मत न दे। उन्होंने पीड़ित नाबालिग लड़कियों को न्याय दिलाने को इस पूरे मामले का एकमात्र लक्ष्य बताया।
DMK पर लग रहे आरोपों का खंडन
स्टालिन ने इस मामले को लेकर DMK पर लगाए जा रहे आरोपों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते एक समूह बेवजह पार्टी के विरुद्ध झूठे आरोप फैलाने की कोशिश कर रहा है। स्टालिन ने स्पष्ट किया कि DMK सरकार के कार्यकाल में वीरमणि को बचाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामलों में बिना किसी भेदभाव के आरोपियों की गिरफ्तारी, चार्जशीट और सज़ा सुनिश्चित की गई, और ये तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।
TVK सरकार पर निशाना
स्टालिन ने मौजूदा TVK सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन में विधायकों और जिला सचिवों समेत पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ महिलाओं की ओर से सार्वजनिक रूप से यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बावजूद, कार्रवाई की बजाय मामले को दबाने और समझौता कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि DMK सरकार के दौरान ऐसी घटनाएं नहीं हुईं।
सत्तारूढ़ दल से अपील
स्टालिन ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से नाबालिग लड़कियों के साथ हुई इस दुखद घटना को उपचुनाव का राजनीतिक हथियार न बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से DMK के खिलाफ झूठे आरोप फैलाने का सिलसिला तत्काल बंद होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में वीरमणि मामले को लेकर तीखी बयानबाजी जारी है।