24 सितंबर 2026
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वीरमणि मामला: एमके स्टालिन बोले — दोषी और सहयोगी दोनों को कानून के कटघरे में लाओ

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वीरमणि मामला: एमके स्टालिन बोले — दोषी और सहयोगी दोनों को कानून के कटघरे में लाओ

सारांश

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने जेम ग्रेनाइट मालिक वीरमणि की गिरफ्तारी के बाद एक्स पर सख्त बयान दिया — दोषी से लेकर उसके हर सहयोगी को कानून के कटघरे में लाया जाए। साथ ही TVK सरकार पर पार्टी नेताओं के खिलाफ उत्पीड़न के मामले दबाने का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 24 सितंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर जेम वीरमणि मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वीरमणि पर नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के आरोप में गिरफ्तारी हुई है।
स्टालिन ने कहा — वीरमणि के सहयोगियों को भी अधिकतम सज़ा मिलनी चाहिए, पद देखकर किसी को बचाया न जाए।
स्टालिन ने दावा किया कि DMK सरकार के कार्यकाल में वीरमणि को बचाने का कोई आदेश नहीं दिया गया।
TVK सरकार पर आरोप — पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई की बजाय समझौता कराने की कोशिश हो रही है।
स्टालिन ने सत्तारूढ़ दल से अपील की कि इस मामले को उपचुनाव का राजनीतिक हथियार न बनाएं।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 24 सितंबर 2026 को चेन्नई से स्पष्ट बयान जारी करते हुए मांग की कि जेम ग्रेनाइट के मालिक वीरमणि को नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद, उसकी मदद करने वाले या उसे बचाने की कोशिश करने वाले हर व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई हो। स्टालिन ने साफ कहा कि पद या राजनीतिक हैसियत के आधार पर किसी को भी कानून से बचाया नहीं जाना चाहिए।

एक्स पर स्टालिन का बयान

एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिये यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि जेम वीरमणि को नाबालिग लड़कियों के साथ अमानवीय और घृणित कृत्य करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। स्टालिन ने मांग की कि वीरमणि की मदद करने वाले और उसे संरक्षण देने की कोशिश करने वाले सभी लोगों को कानून के सामने लाया जाए और उन्हें अधिकतम सज़ा दिलाई जाए। उन्होंने कहा, 'यही DMK का रुख है।'

एक नेता, पिता और संवेदनशील इंसान की बात

स्टालिन ने एक राजनीतिक आंदोलन के नेता, परिवार के मुखिया और एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में इच्छा जताई कि इस मामले का परिणाम ऐसा हो, जो आने वाले समय में किसी को भी इस तरह का अपराध करने के बारे में सोचने तक की हिम्मत न दे। उन्होंने पीड़ित नाबालिग लड़कियों को न्याय दिलाने को इस पूरे मामले का एकमात्र लक्ष्य बताया।

DMK पर लग रहे आरोपों का खंडन

स्टालिन ने इस मामले को लेकर DMK पर लगाए जा रहे आरोपों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि संकीर्ण राजनीतिक हितों के चलते एक समूह बेवजह पार्टी के विरुद्ध झूठे आरोप फैलाने की कोशिश कर रहा है। स्टालिन ने स्पष्ट किया कि DMK सरकार के कार्यकाल में वीरमणि को बचाने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामलों में बिना किसी भेदभाव के आरोपियों की गिरफ्तारी, चार्जशीट और सज़ा सुनिश्चित की गई, और ये तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

TVK सरकार पर निशाना

स्टालिन ने मौजूदा TVK सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासन में विधायकों और जिला सचिवों समेत पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ महिलाओं की ओर से सार्वजनिक रूप से यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बावजूद, कार्रवाई की बजाय मामले को दबाने और समझौता कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि DMK सरकार के दौरान ऐसी घटनाएं नहीं हुईं।

सत्तारूढ़ दल से अपील

स्टालिन ने सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से नाबालिग लड़कियों के साथ हुई इस दुखद घटना को उपचुनाव का राजनीतिक हथियार न बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से DMK के खिलाफ झूठे आरोप फैलाने का सिलसिला तत्काल बंद होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में वीरमणि मामले को लेकर तीखी बयानबाजी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तमिलनाडु की बदलती राजनीतिक शतरंज पर एक चाल है — जहाँ DMK खुद को महिला-सुरक्षा के मोर्चे पर नैतिक रूप से श्रेष्ठ दिखाना चाहती है। दिलचस्प यह है कि वीरमणि की DMK से कथित नज़दीकियों पर सवाल उठ रहे हैं, और इसी राजनीतिक दबाव में स्टालिन ने यह बयान दिया है। TVK सरकार पर पदाधिकारियों के खिलाफ मामले दबाने के आरोप लगाकर स्टालिन ने बचाव को आक्रमण में बदलने की कोशिश की है — लेकिन विश्लेषकों के अनुसार, असली सवाल यह है कि क्या DMK के कार्यकाल में इस मामले में पर्याप्त त्वरित कार्रवाई हुई थी, और जाँच की स्वतंत्रता किस हद तक सुनिश्चित की गई।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीरमणि कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
वीरमणि जेम ग्रेनाइट कंपनी के मालिक हैं, जिन्हें नाबालिग लड़कियों के साथ कथित अमानवीय कृत्यों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तमिलनाडु में राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है।
एमके स्टालिन ने वीरमणि मामले में क्या माँग की?
स्टालिन ने माँग की कि वीरमणि के साथ-साथ उसकी मदद करने या उसे बचाने की कोशिश करने वाले हर व्यक्ति को कानून के सामने लाया जाए और उन्हें अधिकतम सज़ा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित नाबालिग लड़कियों को न्याय दिलाना ही इस मामले का एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए।
DMK पर वीरमणि मामले में क्या आरोप लगाए जा रहे हैं?
कुछ पक्षों का आरोप है कि DMK सरकार के दौरान वीरमणि को बचाने की कोशिश हुई। हालांकि स्टालिन ने इन आरोपों को 'झूठा' और 'संकीर्ण राजनीतिक हितों' से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि DMK के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बिना भेदभाव के कार्रवाई हुई।
स्टालिन ने TVK सरकार पर क्या आरोप लगाए?
स्टालिन ने आरोप लगाया कि मौजूदा TVK सरकार में विधायकों और जिला सचिवों समेत पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की सार्वजनिक शिकायतों पर कार्रवाई की बजाय, मामले को दबाने और समझौता कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
क्या इस मामले को उपचुनाव से जोड़ा जा रहा है?
स्टालिन ने खुद सत्तारूढ़ दल के सदस्यों से अपील की कि वे इस मामले को उपचुनाव का राजनीतिक हथियार न बनाएं। इससे स्पष्ट होता है कि तमिलनाडु में यह मामला आगामी चुनावी राजनीति में भी प्रासंगिक हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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