मद्रास हाईकोर्ट का आदेश: पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को ही रिहा करें
सारांश
मुख्य बातें
मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को तंजावुर पुलिस को आदेश दिया कि विपक्ष के नेता और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के युवा विंग सचिव उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ उसी दिन पूरी कर उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। यह मामला मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी से जुड़ा है, जो उदयनिधि ने सोमवार को चेन्नई में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान की थी।
मामले की पृष्ठभूमि
सोमवार को पन्गल इमारत के सामने मेकेदातु बाँध विवाद और कावेरी जल मुद्दे को लेकर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसका नेतृत्व उदयनिधि स्टालिन ने किया। इस प्रदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की गई और डेल्टा जिलों को सुखाग्रस्त घोषित करने की माँग उठाई गई।
अपने संबोधन के दौरान उदयनिधि ने मुख्यमंत्री विजय के बारे में कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी की, जिसकी सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं और मंत्रियों ने कड़ी निंदा की। इसके बाद TVK की महिला शाखा की पदाधिकारी भैरवी ने पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ 9 धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। मंगलवार सुबह पुलिस चेन्नई के नीलांकरई स्थित उनके आवास पर पहुँची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पूर्व मंत्री पी.के. सेकर बाबू और एम.ए. सुब्रमण्यन भी वहाँ उपस्थित थे।
गौरतलब है कि DMK ने मद्रास हाईकोर्ट में तत्काल राहत की माँग करते हुए याचिका दायर की थी। न्यायाधीश ने लोक अभियोजक को निर्देश दिया कि दोपहर तक कोई कार्रवाई न की जाए — परंतु याचिका सूचीबद्ध होने से पहले ही उदयनिधि को गिरफ्तार किया जा चुका था।
हाईकोर्ट का आदेश
मामले की सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि तंजावुर पुलिस पूछताछ मंगलवार को ही पूरी करे और उदयनिधि को उसी दिन रिहा करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि बुधवार को किसी भी परिस्थिति में पूछताछ जारी नहीं रखी जाए। साथ ही उदयनिधि को निर्देश दिया गया कि वे जाँच में पूरा सहयोग करें।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और विरोध प्रदर्शन
उदयनिधि की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही DMK कार्यकर्ताओं ने पूरे तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए और कई स्थानों पर सड़कें जाम कर दी गईं। यह ऐसे समय में हुआ जब तमिलनाडु की राजनीति में DMK और TVK के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।
आगे क्या होगा
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार उदयनिधि को मंगलवार को ही रिहा किया जाना था। बुधवार को पूछताछ पर रोक के बावजूद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सुनवाई जारी रहने की संभावना है। यह मामला तमिलनाडु की राजनीतिक बिसात पर नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।