कावेरी विवाद: उदयनिधि स्टालिन ने CM विजय को विपक्षी सवालों का जवाब देने की दी खुली चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने 6 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को सीधी चुनौती दी कि वे कावेरी जल विवाद पर विपक्ष के सवालों का सार्वजनिक जवाब दें। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन महीने पुरानी टीवीके सरकार किसानों की बुनियादी चिंताओं को दूर करने में पूरी तरह विफल रही है।
कृषि बजट पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
यह बयान उस वक्त आया जब विधानसभा में कृषि मंत्री आर. विनोद ने तमिलनाडु सरकार का पहला कृषि बजट पेश किया। विनोद ने लगभग 129 मिनट के भाषण में कृषि क्षेत्र के लिए विभिन्न योजनाओं और उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
पत्रकारों से बात करते हुए उदयनिधि ने दावा किया कि इस बजट में किसानों के दो सबसे अहम मुद्दों — फसल ऋण माफी और कावेरी जल अधिकार — पर कोई ठोस स्पष्टता नहीं दी गई है। उनके अनुसार, बजट महज घोषणाओं का पुलिंदा है जिसमें किसानों की व्यावहारिक समस्याओं का समाधान नदारद है।
फसल ऋण माफी का वादा अधूरा
उदयनिधि ने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान पाँच एकड़ तक की खेती करने वाले किसानों के फसल ऋण माफ करने का वादा किया था। उनके अनुसार, सत्ता में आने के तीन महीने बाद भी इस वादे को पूरा करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे किसान निराश और हताश हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टीवीके सरकार पूर्व डीएमके सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का नाम बदलकर उन्हें नई घोषणाओं के रूप में पेश कर रही है, जो जनता के साथ छल है।
कावेरी विवाद: कर्नाटक का इनकार और सर्वदलीय बैठक की माँग
कावेरी जल विवाद पर उदयनिधि ने कहा कि कर्नाटक ने अपेक्षित जल नहीं छोड़ा है और आगे भी जल छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विजय की कर्नाटक यात्रा और प्रस्तावित वार्ता का कार्यक्रम भी तब विफल हो गया जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने उन्हें यात्रा न करने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि अतिरिक्त जल नहीं दिया जा सकता।
डीएमके ने राज्य के जल अधिकारों की रक्षा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की बार-बार माँग की है, लेकिन उदयनिधि के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस माँग पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह ऐसे समय में आया है जब कावेरी डेल्टा क्षेत्र के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं और खरीफ सीजन पर संकट के बादल मँडरा रहे हैं।
विधानसभा में तत्काल प्रस्ताव की माँग
उदयनिधि ने बताया कि विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर शुक्रवार को किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए एक तत्काल प्रस्ताव पेश करने की अनुमति माँगी है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्ष ने कावेरी मुद्दे पर सदन में बहस की माँग की हो — लेकिन सरकार की ओर से अब तक सार्थक संवाद की पहल नहीं हुई है।
आने वाले दिनों में विपक्ष का दबाव और तेज होने की संभावना है, खासकर तब जब किसान संगठन भी सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रहे हैं।