उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी पर DMK युवा विंग का हमला, TVK सरकार पर विपक्ष दबाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की युवा शाखा ने 4 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पार्टी सचिव उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की। संगठन ने आरोप लगाया कि तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार कावेरी जल विवाद पर उठाए जा रहे सवालों से बचने के लिए पुलिस की ताकत का इस्तेमाल कर रही है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
युवा विंग के अनुसार, उदयनिधि स्टालिन को ठीक उस वक्त हिरासत में लिया गया जब वह आगामी विधानसभा सत्र में सरकार से कावेरी जल विवाद सहित कई अहम मुद्दों पर सवाल पूछने की तैयारी कर रहे थे। संगठन का दावा है कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक प्रेरणा से उपजा है, न कि किसी वास्तविक कानूनी आधार पर।
गिरफ्तारी का कारण तंजावुर की एक जनसभा में दिया गया कथित आपत्तिजनक भाषण बताया जा रहा है। हालांकि युवा विंग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उदयनिधि स्टालिन ने अपने संबोधन में किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था और उनके राजनीतिक विरोधी जानबूझकर उनकी टिप्पणियों की गलत व्याख्या कर रहे हैं।
TVK और मुख्यमंत्री विजय पर निशाना
मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी TVK पर सीधा हमला बोलते हुए DMK युवा विंग ने दावा किया कि विजय की पिछली फिल्मों के संवादों में ऐसे शब्दों का उपयोग हुआ है, जो उदयनिधि स्टालिन पर लगाए गए आरोपों की तुलना में कहीं अधिक आपत्तिजनक माने जा सकते हैं। संगठन ने पूछा कि TVK राजनीतिक भाषणों को लेकर इस तरह की चयनात्मक नाराजगी क्यों दिखा रही है।
युवा विंग ने यह भी उल्लेख किया कि जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नैनार नागेंद्रन ने कथित तौर पर एक अभिनेता को मुख्यमंत्री से जोड़ते हुए टिप्पणी की थी, तब TVK ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। संगठन ने सवाल किया कि उन टिप्पणियों पर समान सख्ती क्यों नहीं दिखाई गई।
कावेरी विवाद से ध्यान भटकाने का आरोप
DMK युवा विंग ने आरोप लगाया कि तंजावुर भाषण से जुड़े विवाद को जानबूझकर हवा दी जा रही है ताकि जनता और मीडिया का ध्यान कावेरी जल विवाद से हट सके। संगठन का कहना है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष को गिरफ्तार कर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब कावेरी जल बँटवारे को लेकर तमिलनाडु और पड़ोसी राज्यों के बीच तनाव बना हुआ है और विधानसभा में इस पर गर्मागर्म बहस की उम्मीद थी।
DMK का संकल्प
युवा विंग ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारियों या आपराधिक मामलों के जरिए सरकार की आलोचना और तमिलनाडु से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाने की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। संगठन ने उदयनिधि स्टालिन के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि DMK राज्यहित के मुद्दे उठाना जारी रखेगी, चाहे सत्तारूढ़ दल कोई भी कार्रवाई करे।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य में विपक्षी नेता की गिरफ्तारी को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आए हों। आने वाले विधानसभा सत्र में यह टकराव और गहरा होने की आशंका है।