राधाकृष्णन गिरफ्तारी पर DMK का हमला: स्टालिन बोले — 'फिल्मी स्टाइल में पुलिस राज'
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज़ हो गया है। 3 जुलाई 2026 को DMK ने पूर्व मंत्री और पार्टी नेता ए.आर. राधाकृष्णन की गिरफ्तारी को लेकर TVK सरकार पर विपक्षी नेताओं को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार कानून-व्यवस्था के असली मुद्दों की अनदेखी करते हुए विरोधियों को दबाने में लगी है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत देने से इनकार किए जाने के बाद ए.आर. राधाकृष्णन को गिरफ्तार किया गया। उन पर मुख्यमंत्री जोसेफ सी. विजय के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। यह मामला 20 जून को तूतीकोरिन ज़िले के ऑथूर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा से जुड़ा है, जहाँ कथित तौर पर राधाकृष्णन ने विजय के फिल्मी पृष्ठभूमि से राजनीति में आने और विधानसभा में उनके व्यवहार पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की थी।
गौरतलब है कि राधाकृष्णन DMK के तूतीकोरिन दक्षिण जिले के सचिव भी हैं। गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वे अपने विधानसभा क्षेत्र में निरीक्षण कार्य कर रहे थे।
स्टालिन का तीखा प्रहार
पूर्व मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'जो व्यक्ति अपने क्षेत्र में जनता की सेवा और निरीक्षण कार्य में लगा हुआ था, उसे गिरफ्तार करने की इतनी जल्दबाजी क्यों थी? मुख्यमंत्री फिल्मी स्टाइल में पुलिस राज चला रहे हैं।' स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि TVK सरकार विपक्ष को दबाने के लिए पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
उन्होंने सरकार पर चुनिंदा कार्रवाई का भी आरोप लगाया — यह कहते हुए कि TVK के एक विधायक पर लगे सामूहिक दुष्कर्म के आरोप और राज्य में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराध जैसे गंभीर मामलों में सरकार ने इतनी तत्परता नहीं दिखाई।
कनिमोझी और उदयनिधि की प्रतिक्रिया
DMK की लोकसभा सदस्य कनिमोझी ने भी इस गिरफ्तारी को 'राजनीतिक डराने-धमकाने की कार्रवाई' बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पूर्व मंत्री और DMK के तूतीकोरिन दक्षिण जिला सचिव थिरु ए.आर. राधाकृष्णन की गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करती हूँ। अपने क्षेत्र में निरीक्षण कार्य कर रहे एक विपक्षी विधायक को पूरी तरह अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तार किया गया है। DMK ऐसे दमनकारी तरीकों के सामने कभी नहीं झुकेगी।'
DMK युवा विंग के सचिव उदयनिधि स्टालिन ने TVK सरकार को 'सोफा मॉडल' और 'रील्स गवर्नमेंट' की संज्ञा दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सरकार सुशासन देने के बजाय राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है और तमिलनाडु में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही।
आम जनता और लोकतंत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ TVK सरकार के बीच तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि यदि विपक्षी विधायकों को उनके सार्वजनिक भाषणों के आधार पर गिरफ्तार किया जाता रहा, तो इससे राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
आगे देखना यह होगा कि मद्रास उच्च न्यायालय में राधाकृष्णन की जमानत याचिका पर क्या फैसला आता है और क्या TVK सरकार इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है।