तमिलनाडु CM विजय को धमकी देने वाले DMK विधायक मार्कंडेयन गिरफ्तार, कोविलपट्टी में बवाल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कोविलपट्टी में रविवार रात हुई एक जनसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित तौर पर धमकी भरे बयान देने के बाद विलाथिकुलम से द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के विधायक मार्कंडेयन को सोमवार, 20 जुलाई की तड़के उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। भाषण के वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होने के बाद राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की ओर से कड़ी निंदा और तत्काल कानूनी कार्रवाई की माँग उठी, जिसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार रात कोविलपट्टी के कृष्णन कोविल ग्राउंड्स में DMK की एक जनसभा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक आई. करुणानिधि ने की। सभा में पार्टी के यूनियन सेक्रेटरी बीकिलिपट्टी मुरुगेसन के अलावा राधाकृष्णन, जयकन्नन, सुब्रमण्यन, करुप्पासामी और चिन्नापांडियन भी उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक मार्कंडेयन ने हाल की राजनीतिक घटनाओं और राज्य विधानसभा के कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री विजय पर तीखा हमला बोला। कथित तौर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि यदि विधानसभा बुलाई गई तो 'आपकी हड्डियाँ साबुत नहीं बचेंगी' और DMK विधायक 'आपकी हड्डियाँ तोड़ देंगे और आपको वापस भेज देंगे।' इन बयानों को मुख्यमंत्री के विरुद्ध सीधी हिंसक धमकी के रूप में देखा गया।
वायरल वीडियो और जन-आक्रोश
रविवार रात ही भाषण के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल गए। आलोचकों ने विधायक पर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ भड़काऊ और हिंसक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की माँग की।
गिरफ्तारी और समर्थकों का विरोध
शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सोमवार की तड़के विलाथिकुलम में विधायक मार्कंडेयन के आवास पर पहुँचकर उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक घर के बाहर जमा हो गए और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में नारेबाज़ी की तथा पुलिस वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर सड़क खाली कराई और विधायक को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय ले जाया गया।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद मार्कंडेयन को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। एक मौजूदा विधायक की इस गिरफ्तारी ने तमिलनाडु की राजनीति में व्यापक हलचल मचा दी है। यह विवाद सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच पहले से जारी तनाव को और गहरा करता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि DMK नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाता है और क्या पार्टी अपने ही विधायक के बयान से खुद को अलग करती है।