22 जुलाई 2026
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डीएमके विधायक मार्कंडेयन की जमानत याचिका पर बुधवार को तूतीकोरिन अदालत में सुनवाई

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डीएमके विधायक मार्कंडेयन की जमानत याचिका पर बुधवार को तूतीकोरिन अदालत में सुनवाई

सारांश

DMK विधायक जी.वी. मार्कंडेयन को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर कथित भड़काऊ टिप्पणी के मामले में गिरफ्तार किया गया और 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बुधवार को तूतीकोरिन अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई होगी — फैसला TVK-DMK राजनीतिक टकराव की दिशा भी तय कर सकता है।

मुख्य बातें

मार्कंडेयन को तूतीकोरिन जिला अपराध शाखा ने मंगलवार को मानहानि मामले में गिरफ्तार किया।
आरोप है कि उन्होंने कोविलपट्टी की एक सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी की।
पूछताछ के बाद अदालत ने पुलिस हिरासत की माँग खारिज कर 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा; विधायक अब पलायमकोट्टई केंद्रीय कारागार में हैं।
जमानत याचिका दायर की गई है और बुधवार को तूतीकोरिन न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई निर्धारित है।
DMK ने गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया; सत्तारूढ़ TVK ने कहा — कानून सबके लिए समान है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विरुद्ध कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के विधायक जी.वी. मार्कंडेयन की जमानत याचिका पर बुधवार, 23 जुलाई 2026 को तूतीकोरिन की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में सुनवाई निर्धारित है। मार्कंडेयन को तूतीकोरिन जिला अपराध शाखा ने मंगलवार को मानहानि के एक मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गिरफ्तारी और पूछताछ का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, विधायक मार्कंडेयन को मंगलवार सुबह हिरासत में लेकर जिला पुलिस कार्यालय लाया गया, जहाँ उनसे करीब 11 घंटे तक लगातार पूछताछ की गई। उन पर कोविलपट्टी में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान मुख्यमंत्री के खिलाफ गलत और भड़काऊ बयान देने का आरोप है।

पूछताछ के बाद उन्हें तूतीकोरिन न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 की अदालत में पेश किया गया। जाँच एजेंसी ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमति के समक्ष आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की माँग करते हुए याचिका दायर की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

न्यायिक हिरासत और जमानत याचिका

मजिस्ट्रेट ने पुलिस हिरासत की माँग अस्वीकार करते हुए मार्कंडेयन को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें पलायमकोट्टई केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया। रिमांड आदेश के तुरंत बाद विधायक ने अदालत में जमानत याचिका दायर की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए सुनवाई बुधवार के लिए तय की। अदालत की ऑनलाइन कॉज लिस्ट के अनुसार, दिन के दौरान जमानत याचिका पर बहस होने की संभावना है।

राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि

यह मामला सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार और विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के बीच जारी राजनीतिक खींचतान के बीच आया है, जिससे यह मामला कानूनी से अधिक राजनीतिक महत्व भी रखता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब दोनों दलों के बीच वाकयुद्ध पहले से तेज चल रहा है।

DMK का आरोप, सत्तापक्ष का जवाब

विधायक की गिरफ्तारी के बाद DMK ने सरकार पर विपक्षी नेताओं को आपराधिक मामलों में फँसाकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। आलोचकों का कहना है कि इस गिरफ्तारी का समय और तरीका राजनीति से प्रेरित है। वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

आगे क्या होगा

बुधवार को जमानत याचिका पर अदालत का निर्णय मार्कंडेयन की तत्काल कानूनी स्थिति तय करेगा। इस बीच, पुलिस की जाँच जारी रहेगी और मामले का राजनीतिक असर तमिलनाडु की विपक्षी राजनीति पर भी पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अदालत की स्वतंत्रता की है। गौरतलब है कि भारत में विधायकों की गिरफ्तारी के मामले अक्सर कानूनी कम और राजनीतिक अधिक बन जाते हैं — जमानत का फैसला इस बार भी सुर्खियाँ बनाएगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK विधायक जी.वी. मार्कंडेयन को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
विधायक मार्कंडेयन को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विरुद्ध कोविलपट्टी की एक सार्वजनिक सभा में कथित तौर पर भड़काऊ और मानहानिकारक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। तूतीकोरिन जिला अपराध शाखा ने मंगलवार को यह गिरफ्तारी की।
मार्कंडेयन की जमानत याचिका पर सुनवाई कब और कहाँ होगी?
जमानत याचिका पर बुधवार को तूतीकोरिन न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 की अदालत में सुनवाई होगी। अदालत की ऑनलाइन कॉज लिस्ट के अनुसार, दिन के दौरान इस पर बहस होने की संभावना है।
अदालत ने पुलिस हिरासत की माँग क्यों खारिज की?
न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमति ने जाँच एजेंसी की पुलिस हिरासत की माँग को अस्वीकार कर दिया और विधायक को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत का यह निर्णय मानक कानूनी प्रक्रिया के तहत आया, हालाँकि पुलिस की जाँच जारी रहेगी।
DMK ने इस गिरफ्तारी पर क्या प्रतिक्रिया दी?
DMK ने सत्तारूढ़ TVK सरकार पर विपक्षी नेताओं को आपराधिक मामलों में फँसाकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है।
इस मामले का तमिलनाडु की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह मामला सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और विपक्षी DMK के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। जमानत पर अदालत का फैसला विधायक की कानूनी स्थिति के साथ-साथ दोनों दलों के बीच सियासी संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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