तमिलनाडु: मंत्री राजमोहन का विपक्ष को जवाब — TVK गठबंधन सरकार पूरा करेगी पाँच साल का कार्यकाल
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा, तमिल विकास, सूचना एवं प्रचार मंत्री राजमोहन ने रविवार, 24 मई को चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए विपक्षी दलों की उन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए जा रहे थे। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाला प्रशासन अपना पूरा पाँच वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करेगा।
विपक्ष की भविष्यवाणियाँ बार-बार गलत साबित हुईं
राजमोहन ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने दावा किया था कि TVK सत्ता में नहीं आ पाएगी — और वे दावे गलत साबित हुए। उनके अनुसार, गठबंधन न केवल सरकार बनाने में सफल रहा, बल्कि उसे जनता का स्पष्ट जनादेश भी प्राप्त हुआ। मंत्री ने कहा कि शासन और जन कल्याण पर राज्य प्रशासन का ध्यान मतदाताओं के बीच उसकी स्थिति को और मजबूत करता रहेगा।
कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के आरोपों का खंडन
राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए राजमोहन ने कहा कि सरकार ने कार्यभार संभालने के पहले दिन से ही निवारक उपाय लागू करने शुरू कर दिए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग पूरे राज्य में संवेदनशील क्षेत्रों की सक्रिय रूप से पहचान कर रहा है और अपराधों को रोकने तथा सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए एहतियाती रणनीतियाँ लागू की जा रही हैं।
मंत्री ने कोयंबटूर की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार, यह राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम और निगरानी उपाय भी व्यापक सुरक्षा ढाँचे के तहत चलाए जा रहे हैं।
DMK पर 'सामंती मानसिकता' का आरोप
DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन से TVK गठबंधन की ओर कांग्रेस के पाला बदलने पर DMK की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए राजमोहन ने मुख्य विपक्षी दल पर राजनीतिक सहयोगियों को 'सामंती मानसिकता' से देखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने गठबंधन और राजनीतिक दिशा के बारे में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार है।
AIADMK विवाद पर स्पीकर का बयान
इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष जे.सीडी प्रभाकर ने AIADMK के भीतर प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच विधायक दल के नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद पर कहा कि दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदनों की जाँच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उचित समय पर विधानसभा में एक उपयुक्त निर्णय की घोषणा की जाएगी और सदन के अध्यक्ष के रूप में वे अपनी निष्पक्षता साबित करेंगे।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधन पुनर्गठन और विपक्षी एकजुटता को लेकर बहस तेज़ हो रही है। आने वाले महीनों में राज्य सरकार की नीतिगत उपलब्धियाँ ही इन राजनीतिक दावों की असली कसौटी होंगी।