59 साल बाद कांग्रेस तमिलनाडु कैबिनेट में वापस, राजेश कुमार और विश्वनाथन लेंगे मंत्री पद की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के दो विधायक — एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन — 22 मई 2026 को तमिलनाडु में मंत्री पद की शपथ लेंगे, जो राज्य की राजनीति में लगभग 59 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस की कैबिनेट में वापसी को चिह्नित करता है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार में यह शामिल होना, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की औपचारिक स्वीकृति के बाद संभव हुआ है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तमिलनाडु में कांग्रेस की कैबिनेट में आखिरी बार उपस्थिति करीब 1967 से पहले की है, जब राज्य की राजनीति में द्रविड़ आंदोलन के उभार ने राष्ट्रीय दलों को हाशिये पर धकेल दिया था। तब से राज्य की सत्ता मुख्यतः द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के बीच बँटी रही। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक शक्ति — TVK — ने सत्ता की बागडोर संभाली है और गठबंधन की राजनीति को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा, 'यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि कांग्रेस 59 साल के लंबे अंतराल के बाद तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है।' उन्होंने दोनों नवनियुक्त मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे कल्याण-उन्मुख शासन मॉडल को आगे बढ़ाएंगे।
गठबंधन की स्थिरता पर असर
तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के अभी 5 विधायक हैं। पार्टी का समर्थन, वामपंथी दलों, विदुथलाई चिरुथाईगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) सहित अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर, TVK नेतृत्व को विधानसभा में स्पष्ट बहुमत दिलाने में सहायक रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, मंत्रिमंडल में कांग्रेस को स्थान देना महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि TVK नेतृत्व की गठबंधन प्रबंधन की सुविचारित रणनीति है।
आगे की राह
गुरुवार का शपथ ग्रहण समारोह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस की कैबिनेट में वापसी से राज्य में पार्टी का जनाधार मजबूत करने और भविष्य के विधानसभा चुनावों में TVK-कांग्रेस गठबंधन की नींव और पक्की करने में मदद मिल सकती है।