TVK सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार कल, कांग्रेस को मिल सकती है जगह; AIADMK विधायकों का रास्ता बंद
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) सरकार गुरुवार, 22 मई 2026 को अपना पहला कैबिनेट विस्तार करने की तैयारी में है। सत्ताधारी खेमे के सूत्रों के अनुसार, यह विस्तार गठबंधन सहयोगियों की अपेक्षाओं, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और पार्टी के आंतरिक समीकरणों के बीच नाज़ुक संतुलन साधने की कोशिश है।
शपथ ग्रहण से पहले परामर्श का अंतिम दौर
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार सुबह संभावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले मंत्रियों की सूची को लेकर परामर्श का अंतिम दौर पूरा किया जाएगा। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, इस विस्तार से जुड़ी औपचारिकताओं की देखरेख के लिए बुधवार शाम चेन्नई पहुँचने की उम्मीद है।
कांग्रेस को मिल सकती है कैबिनेट में जगह
सत्ताधारी खेमे के सूत्रों के अनुसार, सरकार विस्तारित मंत्रिमंडल में अपने गठबंधन सहयोगी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) को भी प्रतिनिधित्व दे सकती है। कांग्रेस के दो विधायक मंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आए हैं। गौरतलब है कि TVK सरकार गठबंधन की बुनियाद पर टिकी है और सहयोगियों को संतुष्ट रखना नेतृत्व की प्राथमिकता बताई जा रही है।
AIADMK विधायकों को कैबिनेट से बाहर रखने का फैसला
सी.वी. शनमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले AIADMK गुट के सदस्यों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की अटकलें थीं, लेकिन सूत्रों ने बताया कि सत्ताधारी नेतृत्व ने इस कदम से पीछे हटने का फैसला किया है। कांग्रेस, वामपंथी दलों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) सहित गठबंधन सहयोगियों के कड़े विरोध के बाद यह निर्णय लिया गया।
एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि AIADMK विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने पर 'कभी कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई थी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधानसभा में विश्वास मत के दौरान उनका समर्थन केवल सदन में दिया गया राजनीतिक समर्थन था। सरकार के करीबी सूत्रों ने बताया कि कानूनी सलाहकारों और गठबंधन सहयोगियों ने ऐसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील फैसले से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी थी, ताकि सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में ही अस्थिरता न पैदा हो।
TVK के भीतर ज़ोरदार लॉबिंग
इस बीच, TVK के भीतर कथित तौर पर जोरदार लॉबिंग शुरू हो गई है। पहली बार विधायक बने कई सदस्य और पार्टी के प्रभावशाली पदाधिकारी कैबिनेट में जगह पाने के लिए प्रयासरत बताए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पर जल्द-से-जल्द प्रशासनिक ढाँचा मज़बूत करने का दबाव है।
20 से अधिक विभागों में मंत्रियों की कमी
इस विस्तार से उच्च शिक्षा, राजस्व, परिवहन और समाज कल्याण सहित 20 से अधिक प्रमुख सरकारी विभागों में मंत्रियों की कमी की समस्या दूर होने की उम्मीद है। कृषि, आवास एवं शहरी विकास, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, श्रम कल्याण, मत्स्य पालन और पर्यावरण जैसे विभाग अभी भी औपचारिक रूप से नियुक्त मंत्रियों के बिना हैं।
सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि कुछ विभाग फिलहाल मौजूदा मंत्रियों की अनौपचारिक देखरेख में काम कर रहे हैं और अधिकारी औपचारिक विभाग-बंटवारे से पहले ही फाइलों की समीक्षा कर रहे हैं। यह स्थिति जल्द सुधारने की ज़रूरत इस विस्तार को और अधिक अपरिहार्य बनाती है।