टीवीके मंत्री आधव अर्जुन ने किया स्पष्ट: शणमुगम गुट को मंत्री पद नहीं, सौहार्द संबंध चाहते हैं
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। 20 मई 2026 को चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री आधव अर्जुन ने सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के बागी गुट को लेकर पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि इस गुट का लक्ष्य सत्ता या मंत्री पद नहीं, बल्कि दिवंगत नेताओं एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता की राजनीतिक विरासत की रक्षा करना है।
कैबिनेट विस्तार की पृष्ठभूमि
विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK ने 10 मई 2026 को नौ मंत्रियों के साथ सरकार का गठन किया था। पोर्टफोलियो आवंटन के बाद अब ध्यान पहले कैबिनेट विस्तार पर केंद्रित है, जिसके इसी सप्ताह होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, चेन्नई पहुँचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के मुख्यमंत्री विजय और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर विस्तार की प्रक्रिया पर चर्चा करने की उम्मीद है।
गठबंधन में किसे मिलेगी जगह
मंत्री आधव अर्जुन ने बताया कि TVK व्यापक राजनीतिक प्रतिनिधित्व का समर्थक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साझा मंच पर लाना चाहते हैं। पार्टी ने विदुथलाई चिरुथाईगल काची (VCK) के नेता थोल. थिरुमावलवन को सरकार में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इसके अलावा प्रशासन में कांग्रेस, वामपंथी दलों और भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर दिया गया है।
संवैधानिक एकता का संदेश
आधव अर्जुन ने कहा, राहुल गांधी, थिरुमावलवन और वामपंथी नेता संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हुए हैं। 'एकता की यह भावना बनी रहनी चाहिए।' राजनीतिक विशेषज्ञ इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि कांग्रेस के कितने प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा और गठबंधन के अन्य सहयोगियों को कितना प्रतिनिधित्व मिलेगा।
AIADMK बागी गुट पर TVK का रुख
सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले AIADMK के बागी खेमे के बारे में आधव अर्जुन ने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव आया है। उनके अनुसार, इस गुट का एक वर्ग पार्टी की मौजूदा दिशा से असंतुष्ट है और आरोप लगाया गया है कि AIADMK अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शणमुगम गुट ने खुद कहा है कि उसका मकसद मंत्री पद हासिल करना नहीं है। मंत्री ने कहा, 'विजय एमजीआर का बहुत सम्मान करते हैं। हम AIADMK को मित्रता और सद्भावना की नज़र से देखते हैं — यह केवल राजनीतिक समर्थन की बात नहीं, बल्कि सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की बात है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सी.वी. शणमुगम जल्द ही अपनी आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।
आगे क्या होगा
कैबिनेट विस्तार की औपचारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसी सप्ताह विस्तार की चर्चा है। TVK के रुख से स्पष्ट है कि सरकार गठबंधन को व्यापक आधार देने की कोशिश में है, जबकि AIADMK के बागी गुट के साथ संबंध राजनीतिक सहयोग के बजाय वैचारिक सौहार्द तक सीमित रखने का संकेत दिया गया है।