टीवीके मंत्री आधव अर्जुन ने किया स्पष्ट: शणमुगम गुट को मंत्री पद नहीं, सौहार्द संबंध चाहते हैं

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टीवीके मंत्री आधव अर्जुन ने किया स्पष्ट: शणमुगम गुट को मंत्री पद नहीं, सौहार्द संबंध चाहते हैं

सारांश

TVK मंत्री आधव अर्जुन ने साफ किया — शणमुगम के AIADMK बागी गुट को कैबिनेट में जगह नहीं, बल्कि सौहार्दपूर्ण संबंध का प्रस्ताव है। 10 मई को नौ मंत्रियों के साथ शपथ लेने वाली विजय सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार इसी सप्ताह संभावित है, जिसमें कांग्रेस, VCK और IUML को प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

मंत्री आधव अर्जुन ने 20 मई 2026 को चेन्नई में स्पष्ट किया कि सी.वी.
शणमुगम नेतृत्व वाले AIADMK बागी गुट का लक्ष्य मंत्री पद नहीं है।
TVK ने कहा वह AIADMK बागी गुट को राजनीतिक समर्थन नहीं, सौहार्दपूर्ण संबंध की दृष्टि से देखती है।
मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई 2026 को नौ मंत्रियों के साथ शपथ ली थी; पहला कैबिनेट विस्तार इसी सप्ताह संभावित।
सरकार में कांग्रेस , VCK , वामपंथी दलों और IUML को प्रतिनिधित्व देने की बात कही गई।
थिरुमावलवन को सरकार में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है।
शणमुगम जल्द अपनी आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। 20 मई 2026 को चेन्नई में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री आधव अर्जुन ने सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के बागी गुट को लेकर पार्टी का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि इस गुट का लक्ष्य सत्ता या मंत्री पद नहीं, बल्कि दिवंगत नेताओं एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता की राजनीतिक विरासत की रक्षा करना है।

कैबिनेट विस्तार की पृष्ठभूमि

विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी TVK ने 10 मई 2026 को नौ मंत्रियों के साथ सरकार का गठन किया था। पोर्टफोलियो आवंटन के बाद अब ध्यान पहले कैबिनेट विस्तार पर केंद्रित है, जिसके इसी सप्ताह होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, चेन्नई पहुँचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के मुख्यमंत्री विजय और वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर विस्तार की प्रक्रिया पर चर्चा करने की उम्मीद है।

गठबंधन में किसे मिलेगी जगह

मंत्री आधव अर्जुन ने बताया कि TVK व्यापक राजनीतिक प्रतिनिधित्व का समर्थक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विजय समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साझा मंच पर लाना चाहते हैं। पार्टी ने विदुथलाई चिरुथाईगल काची (VCK) के नेता थोल. थिरुमावलवन को सरकार में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। इसके अलावा प्रशासन में कांग्रेस, वामपंथी दलों और भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर दिया गया है।

संवैधानिक एकता का संदेश

आधव अर्जुन ने कहा, राहुल गांधी, थिरुमावलवन और वामपंथी नेता संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हुए हैं। 'एकता की यह भावना बनी रहनी चाहिए।' राजनीतिक विशेषज्ञ इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि कांग्रेस के कितने प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा और गठबंधन के अन्य सहयोगियों को कितना प्रतिनिधित्व मिलेगा।

AIADMK बागी गुट पर TVK का रुख

सी.वी. शणमुगम के नेतृत्व वाले AIADMK के बागी खेमे के बारे में आधव अर्जुन ने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव आया है। उनके अनुसार, इस गुट का एक वर्ग पार्टी की मौजूदा दिशा से असंतुष्ट है और आरोप लगाया गया है कि AIADMK अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शणमुगम गुट ने खुद कहा है कि उसका मकसद मंत्री पद हासिल करना नहीं है। मंत्री ने कहा, 'विजय एमजीआर का बहुत सम्मान करते हैं। हम AIADMK को मित्रता और सद्भावना की नज़र से देखते हैं — यह केवल राजनीतिक समर्थन की बात नहीं, बल्कि सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की बात है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सी.वी. शणमुगम जल्द ही अपनी आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।

आगे क्या होगा

कैबिनेट विस्तार की औपचारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसी सप्ताह विस्तार की चर्चा है। TVK के रुख से स्पष्ट है कि सरकार गठबंधन को व्यापक आधार देने की कोशिश में है, जबकि AIADMK के बागी गुट के साथ संबंध राजनीतिक सहयोग के बजाय वैचारिक सौहार्द तक सीमित रखने का संकेत दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि गठबंधन का विस्तार। विजय सरकार एक ओर संवैधानिक एकता का व्यापक आख्यान बुन रही है, वहीं दूसरी ओर AIADMK की विरासत राजनीति से सहानुभूतिपूर्ण दूरी बनाए रखना चाहती है — ताकि MGR-जयललिता के मतदाताओं को दीर्घकालिक रूप से साधा जा सके। असली परीक्षा यह होगी कि कैबिनेट विस्तार में कांग्रेस और IUML को कितनी वास्तविक हिस्सेदारी मिलती है, क्योंकि गठबंधन की मजबूती सिर्फ बयानों से नहीं, पोर्टफोलियो के बँटवारे से तय होगी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TVK सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार कब होगा?
सूत्रों के अनुसार TVK सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार इसी सप्ताह होने की संभावना है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के मुख्यमंत्री विजय से मिलकर इस प्रक्रिया पर चर्चा करने की उम्मीद है।
सी.वी. शणमुगम के AIADMK बागी गुट को TVK सरकार में शामिल किया जाएगा?
मंत्री आधव अर्जुन ने स्पष्ट किया है कि शणमुगम नेतृत्व वाले गुट का लक्ष्य मंत्री पद हासिल करना नहीं है। TVK इस गुट के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की बात करती है, न कि उसे गठबंधन में औपचारिक रूप से शामिल करने की।
TVK सरकार में कौन-कौन सी पार्टियाँ शामिल होंगी?
TVK मंत्री के अनुसार, सरकार में कांग्रेस, VCK, वामपंथी दलों और IUML को प्रतिनिधित्व देने की योजना है। VCK नेता थोल. थिरुमावलवन को सरकार में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया जा चुका है।
तमिलनाडु में TVK सरकार का गठन कब हुआ?
तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 10 मई 2026 को नौ मंत्रियों के साथ शपथ ली।
AIADMK के बागी गुट का क्या लक्ष्य है?
TVK मंत्री आधव अर्जुन के अनुसार, शणमुगम नेतृत्व वाले AIADMK बागी गुट का मकसद पूर्व नेताओं एम.जी. रामचंद्रन और जे. जयललिता की विरासत की रक्षा करना और पार्टी को फिर से मजबूत करना है। सी.वी. शणमुगम जल्द ही अपनी आगे की रणनीति की घोषणा करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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