उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी पर भड़के एमके स्टालिन, टीवीके सरकार पर कावेरी विफलता छुपाने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मंगलवार, 4 अगस्त को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु विकास कझगम (TVK) सरकार कावेरी जल विवाद पर अपनी कथित विफलता से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा ले रही है। एमके स्टालिन के अनुसार, यह गिरफ्तारी लोकतांत्रिक विपक्ष की आवाज़ को दबाने का सुनियोजित प्रयास है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एमके स्टालिन ने बताया कि मंगलवार सुबह पुलिस की एक टीम चेन्नई स्थित उदयनिधि स्टालिन के आवास पहुँची और उन्हें तंजावुर में डीएमके के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित बयान से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर तंजावुर ले गई। उन्होंने आपत्ति जताई कि पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। एमके स्टालिन ने सवाल किया कि यदि केवल पूछताछ करनी थी, तो उदयनिधि को चेन्नई से सैकड़ों किलोमीटर दूर तंजावुर क्यों ले जाया गया।
विधानसभा सत्र से एक दिन पहले की कार्रवाई पर सवाल
एमके स्टालिन ने गिरफ्तारी के समय को लेकर गहरी आपत्ति जताई। उनके अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र बुधवार, 5 अगस्त से शुरू होना था और सरकार ने जानबूझकर सत्र से ठीक एक दिन पहले उदयनिधि को गिरफ्तार किया, ताकि नेता प्रतिपक्ष के रूप में वे सदन की कार्यवाही में भाग न ले सकें। आलोचकों का कहना है कि यह संवैधानिक परंपराओं के विरुद्ध है।
कावेरी विवाद और सरकार पर आरोप
एमके स्टालिन ने स्पष्ट किया कि उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में कावेरी जल विवाद को लेकर सरकार से कई ठोस सवाल पूछे थे — जिनमें तमिलनाडु के लिए पर्याप्त जल सुनिश्चित करने में कथित विफलता और कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना को न रोक पाने के आरोप शामिल थे। उन्होंने कहा कि किसान संकट में हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके मंत्री विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब देने में असमर्थ रहे हैं।
मद्रास हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
गिरफ्तारी के बाद राज्यभर में डीएमके कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। इसके बाद सरकार ने मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उदयनिधि को हिरासत में रखने का कोई इरादा नहीं है और पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। एमके स्टालिन ने हाईकोर्ट के इस निर्देश का स्वागत करते हुए इसे टीवीके सरकार के कथित तानाशाही रवैये के लिए करारा झटका बताया।
डीएमके की माँगें और चेतावनी
एमके स्टालिन ने उदयनिधि की गिरफ्तारी के विरोध में राज्यभर में हिरासत में लिए गए डीएमके कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की माँग की। मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद से विजय ने जनता से किए वादे पूरे करने के बजाय सोशल मीडिया पर अधिक ध्यान दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि शासन में अहंकार का अंत राजनीतिक पतन के रूप में होता है — और इतिहास इसका साक्षी है।