1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मेकेदातु डैम विवाद: एमके स्टालिन का CM विजय पर हमला — 'अकेले पड़ गए मुख्यमंत्री'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मेकेदातु डैम विवाद: एमके स्टालिन का CM विजय पर हमला — 'अकेले पड़ गए मुख्यमंत्री'

सारांश

मेकेदातु डैम पर कर्नाटक के 'अभी मत आइए' के जवाब के बाद DMK अध्यक्ष स्टालिन ने CM विजय पर निशाना साधा — 'अकेले काम करना चाहते थे, अब अकेले पड़ गए।' कर्नाटक 2 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुला रहा है, जबकि तमिलनाडु में ऐसी कोई पहल नहीं।

मुख्य बातें

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 1 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री विजय को मेकेदातु डैम मुद्दे पर आड़े हाथों लिया।
स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के सभी राजनीतिक दलों और किसान संगठनों ने पहले ही कर्नाटक से बातचीत के खिलाफ चेतावनी दी थी।
CWMA के पानी छोड़ने के निर्देश के बाद कर्नाटक ने CM विजय के दूत का दौरा टालते हुए कहा — 'अभी मत आइए।' कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने 2 अगस्त को मेकेदातु मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई; तमिलनाडु में ऐसी कोई बैठक नहीं।
स्टालिन ने CM विजय से कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय सहमति और कानूनी मार्ग अपनाने की माँग की।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 1 अगस्त को मेकेदातु डैम मामले पर मुख्यमंत्री विजय को तीखी आलोचना का निशाना बनाया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में स्टालिन ने कहा कि जो मुख्यमंत्री अकेले काम करना चाहते थे, वे अब अकेले पड़ गए हैं।

स्टालिन का आरोप: चेतावनियाँ अनसुनी की गईं

स्टालिन ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के तमाम राजनीतिक दलों और किसान संगठनों ने पहले ही आगाह किया था कि मेकेदातु डैम के मुद्दे पर कर्नाटक के साथ सीधी बातचीत का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा, 'हमने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से कर्नाटक न जाने की अपील की थी।'

स्टालिन के अनुसार, अनुभव यह बताता है कि जिस राज्य ने साफ कह दिया हो कि वह तमिलनाडु को पानी नहीं दे सकता, उससे निपटने का एकमात्र प्रभावी रास्ता कानूनी प्रक्रिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक, तमिलनाडु को केवल अपने अतिरिक्त पानी के लिए एक डाउनस्ट्रीम माध्यम के रूप में देखता है।

कर्नाटक का 'दरवाज़ा बंद' करना

स्टालिन ने बताया कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) द्वारा कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का निर्देश दिए जाने के बाद, कर्नाटक सरकार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को यह कहकर टाल दिया — 'अभी मत आइए।' उन्होंने कहा कि उन्हें इस स्थिति का पूर्वानुमान था और उन्होंने इसके बारे में पहले ही सचेत किया था।

गौरतलब है कि इससे पहले मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक के साथ कावेरी जल विवाद पर बातचीत के लिए एक दूत भेजा था — यह कदम स्टालिन की सभी चेतावनियों को दरकिनार कर उठाया गया था।

कर्नाटक की सर्वदलीय बैठक बनाम तमिलनाडु की चुप्पी

स्टालिन ने एक तीखा सवाल उठाया: जहाँ कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने 2 अगस्त को मेकेदातु मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है — जो यह दर्शाता है कि कर्नाटक की सभी राजनीतिक पार्टियाँ इस विषय पर एकजुट हैं — वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ऐसी कोई बैठक बुलाने में असमर्थ या अनिच्छुक दिख रहे हैं।

स्टालिन ने सीधे पूछा: 'तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सर्वदलीय बैठक कब बुलाएंगे? क्या वे बुला सकते हैं या नहीं?'

कावेरी विवाद: पृष्ठभूमि

कावेरी नदी के जल बँटवारे का यह विवाद दशकों पुराना है। CWMA के निर्देशों के बावजूद कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच पानी की हिस्सेदारी पर तनाव बना रहता है। मेकेदातु डैम परियोजना — जिसे कर्नाटक कावेरी नदी पर बनाना चाहता है — तमिलनाडु के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है, क्योंकि राज्य को आशंका है कि इससे उसके हिस्से का पानी प्रभावित होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में नई सरकार अपनी पहचान स्थापित करने की कोशिश कर रही है, और स्टालिन की यह आलोचना मुख्यमंत्री विजय के लिए राजनीतिक रूप से एक बड़ी चुनौती बन सकती है।

आगे क्या होगा

स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से आग्रह किया है कि वे कावेरी मुद्दे पर सभी दलों से सलाह-मशविरा करें और आम सहमति बनाकर आगे बढ़ें। कर्नाटक की 2 अगस्त की सर्वदलीय बैठक के बाद तमिलनाडु पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेकेदातु डैम विवाद क्या है और तमिलनाडु को इससे क्यों आपत्ति है?
मेकेदातु कर्नाटक की एक प्रस्तावित डैम परियोजना है जिसे कावेरी नदी पर बनाया जाना है। तमिलनाडु को आशंका है कि इस डैम से राज्य को मिलने वाले कावेरी जल की मात्रा प्रभावित होगी, इसलिए वह इस परियोजना का विरोध करता रहा है।
एमके स्टालिन ने CM विजय की आलोचना क्यों की?
स्टालिन ने आरोप लगाया कि CM विजय ने सभी दलों और किसान संगठनों की चेतावनियों को नजरअंदाज कर कर्नाटक में एक दूत भेजा, जो बातचीत के लिए गया लेकिन खाली हाथ लौटा। स्टालिन के अनुसार, कर्नाटक ने CWMA के निर्देश के बाद दौरा ही टाल दिया।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने क्या निर्देश दिया?
CWMA ने कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के बाद कर्नाटक ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को स्थगित करने को कह दिया।
कर्नाटक की 2 अगस्त की सर्वदलीय बैठक का क्या महत्व है?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने 2 अगस्त को मेकेदातु मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो यह दर्शाती है कि कर्नाटक की सभी पार्टियाँ इस मुद्दे पर एकजुट हैं। स्टालिन ने इसके विपरीत तमिलनाडु में ऐसी किसी बैठक की अनुपस्थिति को CM विजय की कमज़ोरी बताया।
स्टालिन के अनुसार कावेरी विवाद में तमिलनाडु को क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
स्टालिन का कहना है कि कर्नाटक के साथ सीधी बातचीत की बजाय कानूनी प्रक्रिया ही एकमात्र प्रभावी रास्ता है। साथ ही उन्होंने CM विजय से आग्रह किया है कि वे कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय सहमति बनाकर आगे बढ़ें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले