स्टालिन का विजय पर पलटवार: 'जब मैं दिल्ली जाता था तब आरोप लगाते थे, अब आप क्यों गए?'
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 14 जून 2026 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की हालिया नई दिल्ली यात्रा पर तीखे सवाल उठाए और उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। स्टालिन ने कहा कि जब वे स्वयं मुख्यमंत्री के रूप में दिल्ली जाते थे, तब विजय उन पर ईडी मामलों से बचने और भाजपा से गुप्त समझौते के आरोप लगाते थे — और अब वही सवाल विजय के दिल्ली दौरे पर उठाए जाने चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
स्टालिन ने चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब भी वे मुख्यमंत्री के रूप में राष्ट्रीय राजधानी जाते थे, तब मौजूदा मुख्यमंत्री विजय उन पर कई तरह के राजनीतिक आरोप मढ़ते थे। उनके अनुसार, विजय ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि DMK ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ कोई गुप्त राजनीतिक समझौता किया है।
स्टालिन ने विजय की हालिया दिल्ली यात्रा का सीधा हवाला देते हुए पूछा, 'अब आपने क्या किया है? क्या आप करूर सीबीआई मामले से बचने के लिए दिल्ली गए थे? क्या आप BJP की आलोचना करने से इसलिए डरते हैं क्योंकि आपको लगता है कि इससे आपकी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं?'
विरोधाभास पर स्टालिन का तर्क
DMK नेता ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद विजय को व्यक्तिगत रूप से नीचा दिखाना नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक भाषा में दिख रहे विरोधाभास को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना किसी भी मुख्यमंत्री की संवैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा है और इसे स्वतः ही राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
स्टालिन ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करके अपना स्तर नहीं गिराऊंगा, सिर्फ इसलिए कि वह दिल्ली में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।' यह बयान उनकी उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वे खुद को संयमित विपक्ष के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
टीवीके और DMK के बीच बढ़ता टकराव
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सत्ताधारी तमिलनाडु विकास कझगम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी DMK के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों दल BJP और केंद्र सरकार के साथ अपने-अपने संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। गौरतलब है कि यह वही पैटर्न है जो तमिलनाडु की राजनीति में तब उभरता है जब कोई क्षेत्रीय दल केंद्र के साथ अपने संबंधों को संतुलित करने की कोशिश करता है।
आलोचकों का कहना है कि TVK सरकार का BJP-विरोधी रुख, जो सत्ता में आने से पहले काफी मुखर था, अब अपेक्षाकृत नरम पड़ता दिख रहा है — और यही DMK के हमले का मूल बिंदु है।
करूर सीबीआई मामला: पृष्ठभूमि
स्टालिन ने अपने सवालों में करूर सीबीआई मामले का विशेष उल्लेख किया। हालांकि उन्होंने इस मामले के विवरण में नहीं गए, लेकिन उनका संकेत स्पष्ट था — कि विजय की दिल्ली यात्रा इस मामले से जुड़ी हो सकती है। यह आरोप अभी कथित तौर पर है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे की राजनीतिक दिशा
तमिलनाडु में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर DMK और TVK के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले महीनों में और तेज होने की संभावना है। स्टालिन का यह बयान विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें TVK सरकार को BJP की 'बी-टीम' के रूप में चित्रित करने की कोशिश की जा रही है।