ब्रिक्स में आतंकवाद पर सहमति, पर चीन को पाकिस्तान पर लगाम लगानी होगी: हरीश रावत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 13 सितंबर 2026 को कई अहम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद पर बनी सहमति, पाकिस्तान को लेकर चीन की भूमिका, राहुल गांधी की मलेशियाई प्रधानमंत्री से मुलाकात और हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर विस्तार से अपनी बात रखी।
ब्रिक्स में आतंकवाद और चीन की भूमिका
ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम हमले का उल्लेख होने और आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता पर सहमति बनने को रावत ने एक सकारात्मक कदम बताया, लेकिन साथ ही उन्होंने चीन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने पर सहमति बनी और ब्रिक्स देशों ने अपनी चिंता जाहिर की, लेकिन चीन को यह बताने की ज़रूरत है कि तुम पड़ोसी देश को सहारा देते हो। पाकिस्तान हमारे खिलाफ आतंकी कैंप लगा रहा है, ऐसे में उसे कौन कंट्रोल करेगा।"
रावत ने यह भी रेखांकित किया कि सीमा पर चीन और भारत के बीच तनाव बना हुआ है। उनके अनुसार, "दोनों देशों के बीच सीमाओं पर सामान्य स्थिति कैसे पैदा की जा सके, उस पर बात करनी चाहिए। मित्रता तभी आगे बढ़ सकती है, जब साफ साफ बातें की जाएं।"
ब्रिक्स की सीमाएँ और बड़े सवाल
रावत ने ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियों को सीमित बताते हुए कहा कि केवल साझा बयान जारी करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, "आज जो युद्ध हो रहे हैं, उनमें हथियारों की खतरनाक होड़ दिखाई दे रही है। एआई के आने के बाद कहीं ऐसा नहीं है कि इसका हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाए — यह बहुत ही खतरनाक स्थिति है। दुनिया के अंदर किसी एक देश की मोनोपोली नहीं होनी चाहिए।"
उन्होंने डॉलर के विकल्प के तौर पर स्थानीय मुद्राओं को बल देने का मुद्दा भी उठाया, जिसे उनके अनुसार सम्मेलन में पर्याप्त तवज्जो नहीं मिली। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स देश वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बदलाव की माँग को लेकर एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं।
ब्रिक्स डिनर विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया
ब्रिक्स सम्मेलन के डिनर में केवल शाकाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर उठे विवाद पर रावत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "डिनर में एक साथ पूरे देश की झलक जानी चाहिए, लेकिन वहाँ पर भाजपा की झलक दे रहे हैं। ऐसा करेंगे तो सवाल उठेंगे ही।"
राहुल गांधी और मलेशियाई पीएम की मुलाकात
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देने के बाद राहुल गांधी से मिलने को रावत ने स्वाभाविक और परंपराओं के अनुकूल बताया। उन्होंने कहा, "हमेशा परंपरा रही है कि नेता प्रतिपक्ष से भी विदेशी मेहमान मिलते रहे हैं। मलेशिया से हमारे आज़ादी से पहले के संबंध हैं।"
हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद पर कड़ा रुख
हल्द्वानी में कथित 'शुद्धिकरण' की घटना को लेकर दर्ज एफआईआर पर रावत ने संविधान और एससी/एसटी अधिनियम का हवाला देते हुए कहा, "वहाँ जो हुआ, वह संविधान पर हमला है। यह एससी/एसटी एक्ट का अपमान है। जिन्होंने ऐसा किया, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए — कानून की नज़र में वे अपराधी हैं।"
गौरतलब है कि यह मामला उत्तराखंड में सामाजिक तनाव के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। रावत के ये बयान संकेत देते हैं कि विपक्ष ब्रिक्स मंच पर भारत की कूटनीतिक उपलब्धियों के साथ साथ घरेलू शासन पर भी सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएगा।