6 अगस्त 2026
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कावेरी विवाद पर डीएमके का काली शर्ट विरोध, तमिलनाडु कृषि बजट 2026-27 के दौरान सदन में हंगामा

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कावेरी विवाद पर डीएमके का काली शर्ट विरोध, तमिलनाडु कृषि बजट 2026-27 के दौरान सदन में हंगामा

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा में कृषि बजट पेश होते ही DMK ने काली शर्ट पहनकर TVK सरकार को घेरा — मुद्दा कावेरी जल और मेकेदातु बाँध। विपक्ष का संदेश साफ था: बजट की सुर्खियाँ भले बदलें, जल अधिकारों पर जवाब देना होगा।

मुख्य बातें

DMK विधायक 6 अगस्त 2026 को तमिलनाडु विधानसभा में काली शर्ट पहनकर पहुँचे, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में।
विरोध का निशाना TVK सरकार की कावेरी जल अधिकार और मेकेदातु बाँध विरोध में कथित निष्क्रियता थी।
विनोद ने 2026-27 का कृषि बजट पेश किया — मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय की TVK सरकार का पहला स्वतंत्र कृषि बजट।
बजट भाषण में सत्तारूढ़ दल के चुनाव चिह्न 'सीटी' की राजनीतिक प्रशंसा पर DMK ने आपत्ति जताई; स्पीकर जे.सी.डी.
प्रभाकर ने हस्तक्षेप किया।
किसान संगठन फसल ऋण, सिंचाई और खरीद मूल्य पर ठोस घोषणाओं की प्रतीक्षा में हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में 6 अगस्त 2026 को कृषि बजट पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के विधायक काली शर्ट पहनकर सदन में पहुँचे। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में यह प्रदर्शन कावेरी जल विवाद और कर्नाटक के प्रस्तावित मेकेदातु बाँध परियोजना के मुद्दे पर सत्तारूढ़ सरकार को घेरने के उद्देश्य से किया गया। यह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार का पहला स्वतंत्र कृषि बजट था।

विरोध प्रदर्शन का स्वरूप और मकसद

DMK विधायक काले कपड़ों में सदन में दाखिल हुए और अपनी सीटों पर बैठे रहे, जब कृषि मंत्री आर. विनोद ने 2026-27 का कृषि बजट पेश करना शुरू किया। DMK ने स्पष्ट किया कि यह विरोध TVK सरकार की उस कथित नाकामी को उजागर करने के लिए था, जिसमें वह कावेरी नदी में तमिलनाडु का न्यायसंगत जलांश सुनिश्चित करने और मेकेदातु जलाशय परियोजना को प्रभावी ढंग से रोकने में विफल रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब कावेरी और मेकेदातु के मुद्दे तमिलनाडु की राजनीति में बड़े फ्लैशपॉइंट बन चुके हैं। गौरतलब है कि DMK दशकों से कावेरी जल अधिकारों पर आक्रामक रुख अपनाती रही है, और अब विपक्ष में रहते हुए वह इसी मुद्दे पर नई सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है।

सदन में हंगामा और स्पीकर का हस्तक्षेप

बजट भाषण के शुरुआती क्षणों में ही विवाद खड़ा हो गया, जब कृषि मंत्री विनोद ने मुख्यमंत्री विजय और TVK सरकार की प्रशंसा करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी के चुनाव चिह्न 'सीटी' का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने संगीत की भाषा में सीटी को 'हवा से पैदा होने वाला पहला राग' बताया।

DMK सदस्यों ने इस पर तीखी आपत्ति जताई और सवाल किया कि कृषि बजट के दौरान इतनी लंबी राजनीतिक भूमिका का क्या औचित्य है। जब आपत्तियाँ जारी रहीं, तो स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से कहा कि वे अपनी बात बजट भाषण तक सीमित रखें। इसके बाद विनोद ने कृषि क्षेत्र के लिए सरकार के प्रस्ताव पेश किए।

कावेरी और मेकेदातु: विवाद की पृष्ठभूमि

कावेरी नदी के जल बँटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच दशकों पुराना विवाद चला आ रहा है। कर्नाटक सरकार द्वारा प्रस्तावित मेकेदातु बाँध तमिलनाडु में इस आधार पर विरोध का सामना करता रहा है कि इससे राज्य को मिलने वाले जल की मात्रा और घट सकती है। DMK का आरोप है कि TVK सरकार इस मुद्दे पर केंद्र और कर्नाटक सरकार पर पर्याप्त दबाव बनाने में नाकाम रही है।

कृषि बजट की प्राथमिकताएँ

TVK सरकार के इस पहले स्वतंत्र कृषि बजट से किसान संगठनों और राजनीतिक दलों को फसल ऋण, खरीद मूल्य, सिंचाई सुविधाओं, कृषि बुनियादी ढाँचे और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों पर ठोस घोषणाओं की उम्मीद थी। कार्यवाही के दौरान स्पीकर प्रभाकर ने डेयरी विकास मंत्री विजयलक्ष्मी और पशुपालन मंत्री कमाली का भी अभिवादन किया।

आगे क्या

DMK के काली शर्ट विरोध ने यह सुनिश्चित कर दिया कि कावेरी और मेकेदातु के मुद्दे राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रहें। TVK सरकार अपने पहले कृषि बजट के ज़रिये कृषि क्षेत्र में अपनी प्राथमिकताएँ स्थापित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जल अधिकारों पर विपक्ष का दबाव आने वाले सत्रों में और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह बजट भी पुरानी घोषणाओं की तरह किसानों की ज़मीनी समस्याओं से दूर रह जाता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DMK विधायकों ने तमिलनाडु विधानसभा में काली शर्ट क्यों पहनी?
DMK विधायकों ने 6 अगस्त 2026 को कृषि बजट के दौरान काली शर्ट पहनकर TVK सरकार की कावेरी जल अधिकार और मेकेदातु बाँध विरोध में कथित निष्क्रियता का विरोध किया। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।
मेकेदातु बाँध विवाद क्या है और तमिलनाडु इसका विरोध क्यों करता है?
मेकेदातु कर्नाटक सरकार की एक प्रस्तावित जलाशय परियोजना है जिसे तमिलनाडु इस आधार पर विरोध करता है कि इससे कावेरी नदी में राज्य को मिलने वाले जल की मात्रा और घट सकती है। यह विवाद दशकों पुराने कावेरी जल बँटवारे के झगड़े की नई कड़ी है।
तमिलनाडु कृषि बजट 2026-27 किसने पेश किया और यह खास क्यों है?
कृषि मंत्री आर. विनोद ने 6 अगस्त 2026 को 2026-27 का कृषि बजट पेश किया। यह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार का पहला स्वतंत्र कृषि बजट था, जिससे किसान संगठनों को फसल ऋण, सिंचाई और खरीद मूल्य पर घोषणाओं की उम्मीद थी।
कृषि बजट भाषण के दौरान सदन में हंगामा क्यों हुआ?
कृषि मंत्री आर. विनोद ने बजट भाषण की शुरुआत में TVK के चुनाव चिह्न 'सीटी' की विस्तृत राजनीतिक प्रशंसा की, जिस पर DMK सदस्यों ने आपत्ति जताई। स्पीकर जे.सी.डी. प्रभाकर को हस्तक्षेप कर मंत्री से बजट विषय पर लौटने को कहना पड़ा।
TVK सरकार पर कावेरी मुद्दे पर DMK के क्या आरोप हैं?
DMK का आरोप है कि TVK सरकार कर्नाटक से कावेरी का न्यायसंगत जलांश सुनिश्चित करने और मेकेदातु परियोजना को रोकने के लिए केंद्र व कर्नाटक सरकार पर पर्याप्त दबाव बनाने में नाकाम रही है। विपक्ष का कहना है कि सरकार की यह निष्क्रियता तमिलनाडु के किसानों के हितों के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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