6 अक्टूबर 2026
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जेम ग्रेनाइट्स केस: निर्मल कुमार और आधव अर्जुन ने मद्रास हाईकोर्ट में DMK के ₹1 करोड़ मानहानि मुकदमे को दी चुनौती

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जेम ग्रेनाइट्स केस: निर्मल कुमार और आधव अर्जुन ने मद्रास हाईकोर्ट में DMK के ₹1 करोड़ मानहानि मुकदमे को दी चुनौती

सारांश

जेम ग्रेनाइट्स के मालिक वीरमणि पर नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच, DMK बनाम TVK का यह कानूनी टकराव मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच तक पहुँच गया है। 13 अक्टूबर की सुनवाई तय करेगी कि मानहानि का मुकदमा आगे बढ़ेगा या नहीं।

मुख्य बातें

मंत्री निर्मल कुमार और आधव अर्जुन ने 6 अक्टूबर 2026 को मद्रास हाईकोर्ट में DMK के मानहानि मुकदमे को चुनौती देने वाली अपील दायर की।
DMK महासचिव दुरईमुरुगन ने ₹1.01 करोड़ के हर्जाने सहित मानहानि याचिका दायर की थी, जिस पर सिंगल बेंच ने कार्यवाही की अनुमति दी थी।
डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि मंत्रियों को बिना नोटिस दिए याचिका दायर करना उचित नहीं; रजिस्ट्री को नंबर न देने का निर्देश।
TVK आईटी विंग ने एक्स पर पोस्ट कर DMK सरकार पर वीरमणि को बचाने का आरोप लगाया था।
अपील पर अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।

तमिलनाडु के मंत्री सी.टी.आर. निर्मल कुमार और आधव अर्जुन ने 6 अक्टूबर 2026 को मद्रास हाईकोर्ट में अपील दायर कर उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को चेन्नई के 'जेम ग्रेनाइट्स' स्वामी वीरमणि के मामले में उनके खिलाफ ₹1.01 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर करने की इजाजत दी गई थी। यह मामला नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों के इर्द-गिर्द केंद्रित है, जिसमें तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) से जुड़े इन नेताओं ने DMK सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया था।

मामले की पृष्ठभूमि

जेम ग्रेनाइट्स के मालिक वीरमणि पर नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। इस मुद्दे पर मंत्री निर्मल कुमार और आधव अर्जुन ने कई इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि पिछली DMK सरकार इस मामले में उचित कार्रवाई करने में नाकाम रही और वीरमणि को जवाबदेही से बचने दिया। इसके साथ ही TVK आईटी विंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से DMK सरकार पर निशाना साधा था।

DMK की ओर से याचिका और अदालती अनुमति

DMK महासचिव और पूर्व मंत्री दुरईमुरुगन ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इन बयानों को मानहानिकारक बताया और दावा किया कि इनसे DMK की सार्वजनिक छवि को नुकसान हुआ है। उन्होंने अदालत से मांग की कि निर्मल कुमार, आधव अर्जुन और TVK आईटी विंग को इस मामले में DMK सरकार पर आरोप लगाने वाले बयान देने से रोका जाए। याचिका में ₹1.01 करोड़ के हर्जाने की माँग भी की गई थी। न्यायमूर्ति के. गोविंदराजन थिलाकवती ने DMK को तीनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा शुरू करने की अनुमति प्रदान की थी।

डिवीजन बेंच की टिप्पणी

इसी आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर निर्मल कुमार और आधव अर्जुन के वकीलों ने न्यायमूर्ति एन. सतीश कुमार और जी.के. मुथुकुमार की डिवीजन बेंच के समक्ष तत्काल सुनवाई की माँग की। बेंच ने स्पष्ट टिप्पणी की कि यदि मंत्रियों के खिलाफ कोई मुकदमा शुरू किया जाना था, तो उन्हें पहले नोटिस दिया जाना अनिवार्य था। चूँकि बिना नोटिस दिए याचिका दायर की गई थी, जजों ने कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इसे नंबर न दिया जाए।

दुरईमुरुगन पक्ष का आश्वासन और अगली तारीख

दुरईमुरुगन की ओर से पेश वकील ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे याचिका को नंबर देने पर जोर नहीं देंगे। इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए बेंच ने निर्देश दिया कि अपील को 13 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। गौरतलब है कि याचिका में यह भी उल्लेख किया गया था कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का मुख्यालय अमेरिका में है, जबकि TVK का मुख्यालय चेंगलपट्टू जिले में स्थित है — इस आधार पर अधिकार क्षेत्र का प्रश्न भी उठता है।

आगे क्या होगा

यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ DMK और विपक्षी TVK के बीच बढ़ते टकराव का प्रतीक बन गया है। 13 अक्टूबर की सुनवाई में डिवीजन बेंच यह तय करेगी कि मानहानि की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ेगी, और क्या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर भी बहस होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेम ग्रेनाइट्स मामला क्या है?
चेन्नई स्थित जेम ग्रेनाइट्स के मालिक वीरमणि पर नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में TVK से जुड़े नेताओं ने DMK सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया, जिसके बाद कानूनी विवाद शुरू हुआ।
DMK ने निर्मल कुमार और आधव अर्जुन के खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों दायर किया?
DMK महासचिव दुरईमुरुगन ने आरोप लगाया कि मंत्री निर्मल कुमार, आधव अर्जुन और TVK आईटी विंग के बयानों और सोशल मीडिया पोस्टों ने DMK की छवि को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने ₹1.01 करोड़ का हर्जाना माँगते हुए मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने क्या टिप्पणी की?
न्यायमूर्ति एन. सतीश कुमार और जी.के. मुथुकुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि मंत्रियों को बिना नोटिस दिए याचिका दायर करना उचित नहीं था, और रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि याचिका को नंबर न दिया जाए। दुरईमुरुगन के वकील ने आश्वासन दिया कि वे नंबर देने पर जोर नहीं देंगे।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने निर्मल कुमार और आधव अर्जुन की अपील को 13 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। उस दिन बेंच मानहानि कार्यवाही की वैधता पर विचार करेगी।
TVK आईटी विंग की इस मामले में क्या भूमिका है?
TVK आईटी विंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर DMK सरकार पर वीरमणि को कार्रवाई से बचाने का आरोप लगाया था। इन्हीं पोस्टों को DMK ने मानहानिकारक बताते हुए मुकदमे में शामिल किया; TVK आईटी विंग भी मानहानि याचिका में प्रतिवादी है।
राष्ट्र प्रेस
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