मदुरंथकम उपचुनाव: मंत्री आधव अर्जुन का डीएमके पर हमला, उदयनिधि को बताया 'पार्टी विनाशक'
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कैबिनेट मंत्री आधव अर्जुन (चुनाव प्रबंधन प्रभारी) ने 27 सितंबर 2026 को मदुरंथकम विधानसभा उपचुनाव से पहले तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) के उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल के समर्थन में प्रचार करते हुए सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर तीखे आरोप लगाए। चेंगलपट्टू में आयोजित TVK की प्रचार सभा में अर्जुन के साथ मंत्री राजमोहन भी उपस्थित रहे।
मंत्री के आरोप और प्रचार का मिज़ाज
मंत्री आधव अर्जुन ने सभा में कहा कि शुरुआत में उन्हें आशंका थी कि क्या वे नामांकन पत्र दाखिल कर पाएंगे, मतदान केंद्रों तक पहुँच पाएंगे, या DMK जैसी अपार वित्तीय और बाहुबल वाली पार्टी के खिलाफ टिक पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि माताओं, बहनों और आम जनता के वोटों की बदौलत जीत मिली — बिना वित्तीय ताकत के।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके विरोधियों ने उन्हें 'केवल सीटी बजाने वाला' समझकर कम आँका था, परंतु वही सीटी उनकी पार्टी का प्रतीक बन गई और उन्होंने विपक्ष पर 'सीटी बजाकर' पलटवार किया। यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि 'सीटी' TVK की पहचान से जुड़ी है।
धरपुरम में भी एक लाख मतों की जीत की माँग
अर्जुन ने आग्रह किया कि मदुरंथकम से उठ रही बुलंद आवाज़ धरपुरम में भी गूँजनी चाहिए। उन्होंने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में एक लाख मतों के अंतर से जीत की माँग की। उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि TVK और उनके सहयोगी दोनों उपचुनावों में निर्णायक बहुमत के लिए अभियान को आक्रामक बना रहे हैं।
उदयनिधि स्टालिन पर गंभीर आरोप
मंत्री ने उदयनिधि स्टालिन के एक महिला उम्मीदवार के बगल में खड़े होने के दौरान 'अश्लील बातें' करने का आरोप लगाया — यह एक गंभीर और विवादास्पद दावा है जिसे अर्जुन ने सभा में उद्धृत किया। उन्होंने कहा कि जहाँ DMK नेता पहले अन्य दलों पर इस तरह के व्यवहार का आरोप लगाते थे, वहीं अब खुद वही कर रहे हैं।
उन्होंने टिप्पणी की कि जो लोग सत्ता में रहते हुए 'गीत गाते थे', अब दूसरों के गीत गाने पर आपत्ति जताते हैं — यह कटाक्ष DMK के कथित दोहरे मानदंडों पर था।
DMK के इतिहास पर सवाल
अर्जुन ने DMK की राजनीतिक यात्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पार्टी अन्ना (अन्नादुरई) द्वारा पोषित और कलाइग्नार (एम. करुणानिधि) द्वारा संरक्षित की गई थी, वह मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पाँच वर्षों के शासन के बाद जनता द्वारा 'निर्णायक रूप से नकारी' जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा DMK 'उदयनिधि की DMK' बन गई है, जिसकी पहचान केवल 'अश्लील भाषा' रह गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उदयनिधि विपक्ष के नेता बनने के योग्य हैं। गौरतलब है कि जहाँ कलाइग्नार कहते थे कि DMK को कोई नष्ट नहीं कर सकता, वहीं अर्जुन का कहना है कि अब इसके लिए किसी बाहरी ताकत की ज़रूरत नहीं — उदयनिधि स्वयं पर्याप्त हैं।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब मदुरंथकम और धरपुरम विधानसभा उपचुनाव तमिलनाडु की राजनीति में TVK की उभरती ताकत और DMK विरोधी खेमे की एकजुटता की कसौटी बन रहे हैं। TVK के नेता विजय की पार्टी के लिए ये उपचुनाव पहली बड़ी चुनावी परीक्षाओं में से एक हैं। चुनावी नतीजे यह तय करेंगे कि क्या यह नव-निर्मित राजनीतिक ताकत DMK के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाने में सफल होती है।