टीवीके ने सीईओ को सौंपीं 2 शिकायतें — परिवहन व पुलिस व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन ने 23 अप्रैल को तमिलनाडु सीईओ को दो औपचारिक शिकायतें सौंपीं।
- पहली शिकायत में बस टर्मिनलों पर मतदाताओं के लिए पर्याप्त परिवहन न मिलने का आरोप है, जिससे कई लोग मतदान से वंचित रहे।
- दूसरी शिकायत में पुलिस अधिकारियों पर सत्तारूढ़ दल से जुड़ाव और मतदान में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
- ईवीएम की तकनीकी खराबी को तत्काल दूर करने की मांग भी शिकायत में शामिल है।
- टीवीके ने निर्वाचन आयोग से दोषी अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
- पार्टी ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं और किसी भी बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
चेन्नई, 23 अप्रैल — तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के चुनाव प्रचार प्रबंधन महासचिव आधव अर्जुन ने तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को दो अलग-अलग औपचारिक शिकायतें सौंपी हैं। इन शिकायतों में मतदान प्रक्रिया के दौरान परिवहन व्यवस्था की विफलता, पुलिस के कथित पक्षपाती रवैये और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की तकनीकी खराबियों को लेकर गंभीर आपत्तियाँ दर्ज कराई गई हैं।
परिवहन व्यवस्था में भारी चूक — पहली शिकायत
पहली शिकायत में आधव अर्जुन ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु के विभिन्न बस टर्मिनलों पर उन मतदाताओं के लिए पर्याप्त परिवहन सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, जो अपने मूल स्थानों पर जाकर मतदान करना चाहते थे। इस लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में मतदाता अपने मतदान केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच सके।
शिकायत में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी दर्ज किए गए हैं, जिन पर कथित प्रशासनिक लापरवाही का आरोप है। टीवीके ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
पुलिस पर पक्षपात के आरोप — दूसरी शिकायत
दूसरी शिकायत में पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। टीवीके का आरोप है कि कुछ पुलिस अधिकारी शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा डाल रहे हैं और उनका झुकाव सत्तारूढ़ दल की ओर है। पार्टी का कहना है कि इस तरह का व्यवहार मतदाताओं में भय और असहजता उत्पन्न कर सकता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पुलिस का यह रवैया चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाता है, जो किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अस्वीकार्य है।
ईवीएम खराबी पर तत्काल कार्रवाई की मांग
इन दोनों शिकायतों के अतिरिक्त टीवीके ने निर्वाचन आयोग से यह भी मांग की है कि मतदान केंद्रों पर ईवीएम में आने वाली किसी भी तकनीकी खराबी को तत्काल ठीक किया जाए अथवा बिना देरी के मशीन बदली जाए। पार्टी का तर्क है कि मतदान में किसी भी प्रकार की देरी या व्यवधान मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
आधव अर्जुन की निर्वाचन आयोग से अपील
आधव अर्जुन ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी दबाव या असुविधा के अपने मताधिकार का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सके।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रशासन पर इस तरह की शिकायतें पहले भी दर्ज होती रही हैं। यह घटना उस व्यापक प्रवृत्ति की ओर संकेत करती है, जिसमें राज्य में चुनावी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर विभिन्न दलों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
निर्वाचन आयोग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है — यह आने वाले घंटों में स्पष्ट होगा।