टीवीके मंत्री निर्मल कुमार का आरोप: उपचुनाव में वोट बाँटने के लिए साथ मिलकर काम कर रही हैं DMK और AIADMK
सारांश
मुख्य बातें
तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) सरकार के मंत्री निर्मल कुमार ने 24 सितंबर 2026 को चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) पर आगामी विधानसभा उपचुनाव में वोटों का बँटवारा करने के लिए साझा रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों दल शुरुआत में एक संयुक्त उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रहे थे, लेकिन बाद में TVK को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में उतारने का निर्णय लिया। हालांकि, मंत्री ने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
मुख्य आरोप और दावे
निर्मल कुमार ने कहा कि DMK और AIADMK मिलकर TVK उम्मीदवारों के विरुद्ध प्रचार अभियान चला रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान TVK उम्मीदवारों के खिलाफ जो विरोध देखने को मिल रहा है, वह आम मतदाताओं की सहज अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि इन दोनों दलों द्वारा संगठित किया गया है। उनके अनुसार, दोनों पार्टियाँ सार्वजनिक सभाओं में अपने कार्यकर्ताओं को भेजकर TVK उम्मीदवारों के खिलाफ नारेबाजी करवा रही हैं।
AIADMK विधायकों के इस्तीफों पर TVK का रुख
मंत्री ने AIADMK विधायकों के हालिया इस्तीफों को भी इस संदर्भ में जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस्तीफा देने वाले विधायकों ने पार्टी नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के रवैये और DMK के साथ कथित तालमेल से असहमत होकर पद छोड़ा। निर्मल कुमार के अनुसार, इन विधायकों ने कोई गलत कदम नहीं उठाया और उनका इस्तीफा AIADMK के भीतर बढ़ती बेचैनी का प्रमाण है।
मदुरै मंदिर और पीटीआर पर भी बयान
मदुरै के एक मंदिर में जारी कुंभाभिषेक (प्राण प्रतिष्ठा) कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि मंदिर के ट्रस्ट बोर्ड के सदस्यों ने पूरी तरह स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियाँ निभाई हैं और उनके फैसले किसी राजनीतिक नेता के निर्देश पर नहीं लिए गए।
पूर्व वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागा राजन (PTR) के संदर्भ में निर्मल कुमार ने DMK से सवाल किया कि यदि PTR ने वित्त मंत्री के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया था, तो DMK ने उन्हें वित्त विभाग से क्यों हटाया? यह सवाल DMK की आंतरिक नीति-निर्माण प्रक्रिया पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
DMK और AIADMK की प्रतिक्रिया
TVK मंत्री के इन तमाम आरोपों पर DMK और AIADMK की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु की राजनीति में TVK एक नई और उभरती शक्ति के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश में है और राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियाँ इस चुनौती का सामना कर रही हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि उपचुनाव के नतीजे TVK की राजनीतिक साख के लिए एक अहम कसौटी होंगे। मंत्री के इस बयान से तमिलनाडु की तिकोनी चुनावी लड़ाई और भी पेचीदा हो गई है। DMK और AIADMK के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं।