धारापुरम उपचुनाव: टीवीके का चुनाव आयोग जाने का ऐलान, डीएमके नेताओं पर महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के ऊर्जा एवं कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने 4 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नेताओं के विरुद्ध भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी। यह घोषणा 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से महज दो दिन पहले आई है, जब तमिलनाडु में चुनावी माहौल अपने चरम पर है।
आरोप क्या हैं
मीडिया से बातचीत में निर्मल कुमार ने डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और उनके पुत्र एवं नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों में एक महिला उम्मीदवार को भी निशाना बनाया गया।
टीवीके की प्रस्तावित शिकायत में विशेष रूप से उन बयानों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें महिला उम्मीदवार सहित अन्य लोगों के लिए अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया गया है। हालाँकि, डीएमके की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
टीवीके का राजनीतिक आकलन
निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि 6 अक्टूबर के मतदान से पहले डीएमके नेतृत्व की बढ़ती हताशा इन टिप्पणियों में साफ दिखाई देती है। उनके अनुसार, मतदाताओं के सामने रखने के लिए सकारात्मक मुद्दों के अभाव में डीएमके व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि स्टालिन और उदयनिधि स्टालिन की भाषा उनके 'असली चरित्र' को उजागर करती है।
मंत्री ने यह भी दावा किया कि धारापुरम के मतदाता डीएमके को 'निर्णायक हार' देंगे और पार्टी का राजनीतिक प्रभाव लगातार घटता जा रहा है। उन्होंने डीएमके को समाज के लिए 'हानिकारक ताकत' तक कह डाला — एक तीखी भाषा जो चुनावी तनाव की गहराई को दर्शाती है।
एआईएडीएमके और हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप
निर्मल कुमार ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी राजनीतिक रूप से कमज़ोर पड़ती जा रही है।
विरोधी दलों द्वारा लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को मंत्री ने सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'गलत जानकारी फैलाने के अभियान का हिस्सा' बताया। उनके अनुसार, ये आरोप चुनाव में हार के डर से लगाए जा रहे हैं।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विरोध
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बारे में पूछे जाने पर निर्मल कुमार ने इस प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार के विरोध को एक बार फिर दोहराया। गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार पहले भी इस प्रक्रिया की समयसीमा और तरीके पर सवाल उठा चुकी है।
6 अक्टूबर के मतदान के बाद धारापुरम सीट का परिणाम तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके की बढ़ती ताकत और डीएमके के जनाधार की असली परीक्षा होगी।