डीएमके ने टीवीके आईटी विंग पर एफआईआर की मांग, स्टालिन का एआई-जनित फर्जी वीडियो वायरल
सारांश
मुख्य बातें
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के लीगल विंग के संयुक्त सचिव आई. परांथामेन ने 31 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में पुलिस से मांग की है कि तमिझगा वेट्री कषगम (TVK) के आईटी विंग के एक्स अकाउंट के एडमिनिस्ट्रेटर और ऑपरेटरों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। आरोप है कि 'TVK IT Wing Official' नाम के एक्स अकाउंट से DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन का एक कथित एआई-जनित फर्जी वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें उनकी आवाज़ में डिजिटल छेड़छाड़ कर झूठे बयान जोड़े गए। यह मामला राज्य की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग की गंभीर चिंता को सामने लाता है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
आई. परांथामेन ने अपनी शिकायत में बताया कि 30 अक्टूबर 2026 को एम.के. स्टालिन का एक असली वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें उन्होंने TVK सरकार की राजनीतिक आलोचना की थी। इस मूल वीडियो में महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और TVK पदाधिकारियों के कथित रूप से गंभीर अपराधों में संलिप्तता जैसे मुद्दे उठाए गए थे। परांथामेन का आरोप है कि इसी असली वीडियो की आवाज़ में डिजिटल हेरफेर कर एक भ्रामक संस्करण तैयार किया गया, जिसमें ऐसी बातें स्टालिन के मुँह में डाली गईं जो मूल रिकॉर्डिंग का हिस्सा नहीं थीं।
एक्स अकाउंट और डिजिटल प्रसार की चिंता
शिकायत के अनुसार, यह छेड़छाड़ किया गया वीडियो 'TVK IT Wing Official' नाम के एक्स अकाउंट से जारी किया गया। DMK का आरोप है कि इसका उद्देश्य एम.के. स्टालिन की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचाना और जनता को गुमराह करना था। परांथामेन ने आगाह किया है कि इस छेड़छाड़ वाले वीडियो को डाउनलोड करके सोशल मीडिया पर और अधिक फैलाया जा सकता है, जिससे स्टालिन की प्रतिष्ठा को व्यापक नुकसान होने की आशंका है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
परांथामेन ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की माँग की है। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि वीडियो के मूल निर्माता तथा इसे संपादित करने, प्रकाशित करने और फैलाने में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
डिजिटल सबूत संरक्षित करने की अपील
शिकायत में एक्स (पूर्व में ट्विटर) को निर्देश देने की माँग की गई है कि वह इस कथित फर्जी वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म से हटाए अथवा उस तक पहुँच बंद करे। साथ ही, अकाउंट की जानकारी, आईपी लॉग, मेटाडेटा, अपलोड रिकॉर्ड और वीडियो के प्रसार से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखने को कहा गया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि तमिलनाडु में DMK और TVK के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही तीखा रहा है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में डीपफेक तकनीक के ज़रिए राजनेताओं को निशाना बनाने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। पुलिस की जाँच और संबंधित एक्स अकाउंट पर कार्रवाई का इंतजार है, जो यह तय करेगी कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।