15 सितंबर 2026
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डीएमके ने कानून मंत्री निर्मल कुमार पर दर्ज कराई विशेषाधिकार शिकायत, सदन में गलत जानकारी देने का आरोप

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डीएमके ने कानून मंत्री निर्मल कुमार पर दर्ज कराई विशेषाधिकार शिकायत, सदन में गलत जानकारी देने का आरोप

सारांश

तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके ने कानून मंत्री निर्मल कुमार पर सदन को गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए विशेषाधिकार उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई। सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच टकराव गहराता जा रहा है, जबकि अध्यक्ष ने अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया।

मुख्य बातें

DMK विधायकों ने 15 सितंबर 2026 को तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मिलकर कानून मंत्री निर्मल कुमार के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन शिकायत दर्ज कराई।
आरोप है कि मंत्री ने विधानसभा में भ्रामक और गलत जानकारी प्रस्तुत की, जो सदन के नियमों का उल्लंघन है।
DMK ने मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय के MISA संबंधी बयान को विधानसभा अभिलेखों से हटाने की पुरानी याचिका पर भी जल्द निर्णय की माँग की।
विधानसभा में पहले से विशेषाधिकार समिति गठित है; DMK ने आशा जताई कि नई शिकायत उसे भेजी जाएगी।
अध्यक्ष ने दोनों मामलों — MISA याचिका और नई विशेषाधिकार शिकायत — पर अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के विधायकों ने 15 सितंबर 2026 को तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से मुलाकात कर कानून मंत्री निर्मल कुमार के विरुद्ध विशेषाधिकार उल्लंघन की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंत्री ने विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाएँ सदन के सामने रखीं, जो विधानसभा के नियमों और विशेषाधिकारों का उल्लंघन है।

प्रतिनिधिमंडल की माँगें

विधानसभा सचेतक ईवी वेलु के नेतृत्व में DMK विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष से मुलाकात की। विधायकों ने बैठक में दो प्रमुख मुद्दे उठाए — पहला, कानून मंत्री के खिलाफ नई विशेषाधिकार शिकायत; और दूसरा, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (MISA) पर की गई टिप्पणियों को विधानसभा अभिलेखों से हटाने की पूर्ववर्ती याचिका की स्थिति।

विधायकों ने अध्यक्ष से इस पुरानी अर्जी पर की गई कार्रवाई का विवरण माँगा और शीघ्र निर्णय का आग्रह किया।

डीएमके की मुख्य आपत्तियाँ

अध्यक्ष से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में DMK विधायकों ने कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना विधानसभा नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उन व्यक्तियों के खिलाफ सदन में आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए जो अपना बचाव करने के लिए वहाँ उपस्थित न हों।

गौरतलब है कि DMK ने MISA संबंधी टिप्पणियों पर पहले भी आपत्ति जताई थी, यह कहते हुए कि इनसे पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता का अपमान हुआ।

विशेषाधिकार समिति की भूमिका

विधायकों ने बताया कि एक विशेषाधिकार समिति पहले से गठित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई शिकायत को जाँच के लिए उसी समिति को भेजा जाएगा। DMK का कहना है कि आरोपों और संबंधित विधानसभा अभिलेखों की जाँच के बाद समिति आगे की कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।

विधायकों ने सत्तारूढ़ पक्ष पर आरोप लगाया कि वह शासन और जन-चिंताओं से जुड़े सवालों का जवाब देने की बजाय निराधार और तथ्यविहीन विवादों के ज़रिए जनता का ध्यान भटका रहा है।

सत्तारूढ़ टीवीके और डीएमके के बीच टकराव

यह बैठक तमिलनाडु विधानसभा के भीतर सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी DMK के बीच चल रहे टकराव में एक नया अध्याय जोड़ती है। अध्यक्ष ने अभी तक न तो MISA बयान को रिकॉर्ड से हटाने की पूर्व याचिका पर और न ही कानून मंत्री के खिलाफ नई विशेषाधिकार शिकायत पर कोई निर्णय सुनाया है।

DMK ने स्पष्ट किया है कि वह आगे की रणनीति तय करने से पहले अध्यक्ष के जवाब की प्रतीक्षा करेगी। विशेषाधिकार समिति के निर्णय पर तमिलनाडु की विधायी राजनीति की नज़र रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएमके ने कानून मंत्री निर्मल कुमार के खिलाफ विशेषाधिकार शिकायत क्यों दर्ज कराई?
DMK का आरोप है कि कानून मंत्री निर्मल कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी सदन के सामने रखी। पार्टी का कहना है कि सदन को गलत जानकारी देना विधानसभा के नियमों और विशेषाधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
MISA टिप्पणी विवाद क्या है?
DMK ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (MISA) पर की गई टिप्पणियों को विधानसभा के आधिकारिक अभिलेखों से हटाने की माँग की है। पार्टी का तर्क है कि इन टिप्पणियों से पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता का अपमान हुआ और ये सदन की मर्यादा के विरुद्ध हैं।
विशेषाधिकार समिति इस मामले में क्या कर सकती है?
तमिलनाडु विधानसभा में पहले से एक विशेषाधिकार समिति गठित है। यदि अध्यक्ष शिकायत को समिति को भेजते हैं, तो समिति आरोपों और संबंधित अभिलेखों की जाँच कर आगे की कार्रवाई की सिफारिश कर सकती है।
अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने इन शिकायतों पर अब तक क्या कदम उठाए हैं?
15 सितंबर 2026 तक अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने न तो MISA बयान को रिकॉर्ड से हटाने की पुरानी याचिका पर और न ही कानून मंत्री के खिलाफ नई विशेषाधिकार शिकायत पर कोई निर्णय सुनाया है। DMK ने कहा है कि वह आगे की रणनीति अध्यक्ष के जवाब के बाद तय करेगी।
तमिलनाडु में टीवीके और डीएमके के बीच विधानसभा में यह टकराव क्यों बढ़ रहा है?
सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी DMK के बीच कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। DMK के विधायकों ने आरोप लगाया है कि सरकार शासन और जनता की समस्याओं से जुड़े सवालों का जवाब देने की बजाय निराधार विवादों के ज़रिए ध्यान भटका रही है, जिससे विधायी टकराव और तेज़ हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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