25 अक्टूबर 2026
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दिल्ली BJP का 1 नवंबर कांग्रेस रैली पर विरोध, व्यापारी संगठनों और सिख समुदाय की आपत्ति का हवाला

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दिल्ली BJP का 1 नवंबर कांग्रेस रैली पर विरोध, व्यापारी संगठनों और सिख समुदाय की आपत्ति का हवाला

सारांश

दिवाली से ठीक पहले 1 नवंबर को कांग्रेस की दिल्ली रैली ने राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है। दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने व्यापारी संगठनों की नाराज़गी और 1984 स्मृति सप्ताह में सिख समुदाय की भावनाओं का हवाला देते हुए कांग्रेस से रैली स्थगित करने की माँग की है।

मुख्य बातें

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस की 1 नवंबर दिल्ली रैली का कड़ा विरोध किया।
व्यापारी संगठन सीएआईटी , सीआईटी और दिल्ली व्यापार महासंघ ने दिवाली सीज़न में करोड़ों रुपये के कारोबारी नुकसान की आशंका जताई।
सिख समुदाय ने भी आपत्ति जताई, क्योंकि 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 1984 सिख नरसंहार की स्मृति-अवधि है।
मल्होत्रा ने राहुल गांधी से दिवाली और भाई दूज तक सभी राजनीतिक आयोजन स्थगित करने का आग्रह किया।
मल्होत्रा ने जुलाई 2026 से चल रहे विपक्षी प्रदर्शनों पर दिल्ली और मुंबई के व्यापार को नुकसान पहुँचाने का आरोप भी लगाया।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस की 1 नवंबर को प्रस्तावित दिल्ली रैली का कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल जुलाई 2026 से लगभग प्रतिदिन दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन आयोजित कर देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उनके अनुसार, दिवाली से ठीक पहले घोषित इस रैली से दिल्ली के कारोबारी समुदाय में व्यापक आक्रोश फैल गया है।

रैली का विरोध क्यों

मल्होत्रा ने कहा कि यह रैली ऐसे समय में घोषित की गई है जब देश का कारोबारी समुदाय दिवाली के मौसम में अपनी सबसे अधिक बिक्री करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बड़े राजनीतिक आयोजन से करोड़ों रुपये के व्यापार का नुकसान होगा।

मल्होत्रा ने कहा, 'कांग्रेस और राहुल गांधी देश को राजनीतिक रूप से अस्थिर करने के साथ-साथ इसकी आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। ये दिवाली से ठीक पहले 1 नवंबर को दिल्ली में एक राजनीतिक रैली की घोषणा की है, जिससे कारोबारी समुदाय में व्यापक आक्रोश फैल गया है।'

व्यापारी संगठनों और सिख समुदाय की आपत्ति

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, व्यापारी संगठन सीआईटी (CIT), सीएआईटी (CAIT) और दिल्ली व्यापार महासंघ ने इस रैली का विरोध किया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सिख समुदाय में भी नाराज़गी है, क्योंकि समुदाय 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 1984 के सिख नरसंहार की स्मृति में तीन दिवसीय शोक अवधि मनाता है।

मल्होत्रा ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस को न तो देश के व्यापार की चिंता है, न ही हिंदू समाज के सबसे बड़े त्योहार दिवाली का सम्मान है और न ही सिख समुदाय की भावनाओं की परवाह है।'

विदेशी फंडिंग का आरोप

मल्होत्रा ने यह भी कथित तौर पर आशंका जताई कि दोनों विपक्षी नेता किसी विदेशी ताक़त से चंदा लेकर कारोबारी समुदाय को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। हालाँकि, उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

गौरतलब है कि मल्होत्रा ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को 'देश की सबसे अराजक पार्टी' बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग के कथित अपमान का भी उल्लेख किया।

विपक्षी राजनीति पर निशाना

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी खोई हुई राजनीतिक प्रासंगिकता पुनः प्राप्त करने के उद्देश्य से नीट परीक्षा आंदोलन शुरू करवाया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी क्रम में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और किसान नेता जैसे लोग भी विपक्षी वर्चस्व की लड़ाई में कूद पड़ते हैं।

मल्होत्रा ने INDIA ब्लॉक और केजरीवाल के बीच 'कौन सबसे बड़ी अराजक विपक्षी ताक़त बने' की प्रतिस्पर्धा का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह सब जुलाई 2026 से शुरू हुई एक सुनियोजित अराजकता का हिस्सा है।

BJP की माँग और आगे की राह

मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीएआईटी, सीआईटी और दिल्ली व्यापार संघ की अपील स्वीकार करते हुए दिवाली और भाई दूज तक सभी राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों को स्थगित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि दिल्ली देश का दूसरा सबसे बड़ा वाणिज्यिक केंद्र है और इस तरह के नियमित विरोध प्रदर्शन व्यापार जगत को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।

अब सभी की नज़रें इस पर होंगी कि कांग्रेस 1 नवंबर की रैली को लेकर अपना रुख बरकरार रखती है या व्यापारी और सामाजिक संगठनों की आपत्तियों के मद्देनज़र कोई बदलाव करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों को एक ही फ्रेम में रखकर। हालाँकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली में राजनीतिक रैलियाँ कोई नई बात नहीं हैं, और व्यापारिक व्यवधान का तर्क सभी दलों की रैलियों पर समान रूप से लागू होता है। विदेशी फंडिंग जैसे गंभीर आरोप बिना साक्ष्य के लगाए गए हैं — यह मुख्यधारा कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस व्यापारी और सिख समुदाय की भावनाओं के बीच रैली की तारीख को लेकर अपनी स्थिति बदलती है या इसे राजनीतिक दबाव मानकर खारिज करती है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली BJP ने 1 नवंबर की कांग्रेस रैली का विरोध क्यों किया?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यह रैली दिवाली से ठीक पहले आयोजित की जा रही है, जिससे कारोबारी समुदाय को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। साथ ही, 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक सिख समुदाय 1984 के नरसंहार की स्मृति मनाता है, जिससे सिख समाज में भी आक्रोश है।
कौन से व्यापारी संगठनों ने इस रैली का विरोध किया है?
व्यापारी संगठन सीएआईटी (CAIT), सीआईटी (CIT) और दिल्ली व्यापार महासंघ ने दिवाली सीज़न में इस बड़ी राजनीतिक रैली का विरोध किया है। इन संगठनों ने कांग्रेस से रैली को दिवाली और भाई दूज के बाद स्थगित करने की माँग की है।
BJP ने राहुल गांधी और केजरीवाल पर क्या आरोप लगाए?
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और केजरीवाल जुलाई 2026 से दिल्ली और मुंबई में लगातार विरोध प्रदर्शन आयोजित कर देश के व्यापार को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर विदेशी फंडिंग का आरोप भी लगाया, हालाँकि इसके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं दिया।
सिख समुदाय की आपत्ति का कारण क्या है?
सिख समुदाय 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 1984 के सिख नरसंहार की स्मृति में शोक अवधि मनाता है। मल्होत्रा के अनुसार, इसी अवधि में कांग्रेस की रैली रखना सिख समुदाय की भावनाओं की उपेक्षा है।
BJP ने कांग्रेस से क्या माँग की है?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि वे व्यापारी संगठनों की अपील स्वीकार करें और दिवाली तथा भाई दूज तक सभी राजनीतिक विरोध प्रदर्शन स्थगित करें। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली देश का दूसरा सबसे बड़ा वाणिज्यिक केंद्र है और इस तरह के आयोजन व्यापार को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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