दिल्ली BJP का 1 नवंबर कांग्रेस रैली पर विरोध, व्यापारी संगठनों और सिख समुदाय की आपत्ति का हवाला
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस की 1 नवंबर को प्रस्तावित दिल्ली रैली का कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल जुलाई 2026 से लगभग प्रतिदिन दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन आयोजित कर देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उनके अनुसार, दिवाली से ठीक पहले घोषित इस रैली से दिल्ली के कारोबारी समुदाय में व्यापक आक्रोश फैल गया है।
रैली का विरोध क्यों
मल्होत्रा ने कहा कि यह रैली ऐसे समय में घोषित की गई है जब देश का कारोबारी समुदाय दिवाली के मौसम में अपनी सबसे अधिक बिक्री करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बड़े राजनीतिक आयोजन से करोड़ों रुपये के व्यापार का नुकसान होगा।
मल्होत्रा ने कहा, 'कांग्रेस और राहुल गांधी देश को राजनीतिक रूप से अस्थिर करने के साथ-साथ इसकी आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। ये दिवाली से ठीक पहले 1 नवंबर को दिल्ली में एक राजनीतिक रैली की घोषणा की है, जिससे कारोबारी समुदाय में व्यापक आक्रोश फैल गया है।'
व्यापारी संगठनों और सिख समुदाय की आपत्ति
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, व्यापारी संगठन सीआईटी (CIT), सीएआईटी (CAIT) और दिल्ली व्यापार महासंघ ने इस रैली का विरोध किया है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि सिख समुदाय में भी नाराज़गी है, क्योंकि समुदाय 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 1984 के सिख नरसंहार की स्मृति में तीन दिवसीय शोक अवधि मनाता है।
मल्होत्रा ने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस को न तो देश के व्यापार की चिंता है, न ही हिंदू समाज के सबसे बड़े त्योहार दिवाली का सम्मान है और न ही सिख समुदाय की भावनाओं की परवाह है।'
विदेशी फंडिंग का आरोप
मल्होत्रा ने यह भी कथित तौर पर आशंका जताई कि दोनों विपक्षी नेता किसी विदेशी ताक़त से चंदा लेकर कारोबारी समुदाय को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। हालाँकि, उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
गौरतलब है कि मल्होत्रा ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को 'देश की सबसे अराजक पार्टी' बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय और चुनाव आयोग के कथित अपमान का भी उल्लेख किया।
विपक्षी राजनीति पर निशाना
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी खोई हुई राजनीतिक प्रासंगिकता पुनः प्राप्त करने के उद्देश्य से नीट परीक्षा आंदोलन शुरू करवाया। उन्होंने यह भी कहा कि इसी क्रम में योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और किसान नेता जैसे लोग भी विपक्षी वर्चस्व की लड़ाई में कूद पड़ते हैं।
मल्होत्रा ने INDIA ब्लॉक और केजरीवाल के बीच 'कौन सबसे बड़ी अराजक विपक्षी ताक़त बने' की प्रतिस्पर्धा का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह सब जुलाई 2026 से शुरू हुई एक सुनियोजित अराजकता का हिस्सा है।
BJP की माँग और आगे की राह
मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीएआईटी, सीआईटी और दिल्ली व्यापार संघ की अपील स्वीकार करते हुए दिवाली और भाई दूज तक सभी राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों को स्थगित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि दिल्ली देश का दूसरा सबसे बड़ा वाणिज्यिक केंद्र है और इस तरह के नियमित विरोध प्रदर्शन व्यापार जगत को गंभीर नुकसान पहुँचा रहे हैं।
अब सभी की नज़रें इस पर होंगी कि कांग्रेस 1 नवंबर की रैली को लेकर अपना रुख बरकरार रखती है या व्यापारी और सामाजिक संगठनों की आपत्तियों के मद्देनज़र कोई बदलाव करती है।