हर्ष मल्होत्रा का AAP-कांग्रेस पर हमला: जंतर-मंतर प्रदर्शन से दिल्ली व्यापार ठप, दिवाली सीजन प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने 17 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि इन दोनों दलों के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन ने नई दिल्ली के कारोबार को लगभग ठप कर दिया है, खासकर तब जब दिवाली और शादी का सीजन नजदीक है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्ष के सवालों को राजनीति से प्रेरित बताया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और व्यापारियों पर असर
मल्होत्रा ने कहा कि जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है, फिर भी विपक्षी दल सर्वोच्च न्यायालय की ओर से बताई गई पाबंदियों की अनदेखी कर वहाँ प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। उनका कहना था कि यदि प्रदर्शन करना ही है तो किसी अधिसूचित स्थल का चुनाव किया जाना चाहिए।
उन्होंने कनॉट प्लेस के व्यापारियों का विशेष उल्लेख करते हुए दावा किया कि करीब दस दिनों से कई कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित है। बाहर से आने वाले ग्राहक और व्यापारी लगातार विरोध-प्रदर्शनों के कारण दिल्ली आने से बच रहे हैं, जिससे दिवाली और शादी के इस अहम व्यावसायिक मौसम में व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
एसआईआर और चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठ रहे विवाद पर मल्होत्रा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देश में एसआईआर की प्रक्रिया पहले भी सात बार कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में अपनाई जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यही प्रक्रिया पहले भी हुई थी, तो उस समय कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों नहीं किया।
मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीधे सवाल किया कि चुनाव आयुक्त ने ऐसा क्या गलत किया है जिसके आधार पर उन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति देश का नागरिक नहीं है, उसे देश के संसाधनों और मतदान के अधिकार का हक नहीं मिलना चाहिए। विपक्ष से उन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब माँगा।
सेवा संकल्प अभियान: कचरा प्रबंधन को मिली रफ्तार
मल्होत्रा ने सेवा संकल्प अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू हुए इस अभियान को दिल्ली में 18 अक्टूबर को समाप्त करने की योजना है।
अभियान के तहत सरिता विहार वार्ड और ओखला विधानसभा क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के लिए कॉम्पैक्टर मशीनें लगाई गई हैं। ये मशीनें कचरे को दबाकर उसका आकार लगभग दसवें हिस्से तक कम कर देती हैं, जिसके बाद उसे ट्रकों के जरिए निर्धारित स्थानों पर ले जाया जाएगा। दिल्ली में कुल करीब एक हजार ऐसी मशीनें लाई गई हैं, जिनमें से 100 मशीनों को इस वार्ड में हरी झंडी दिखाई गई। नए टिपर भी उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की व्यवस्था है।
दिल्ली सरकार और नगर निगम का सहयोग
मल्होत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार और नगर निगम मिलकर ये सुविधाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। नगर निगम को पर्याप्त धनराशि मिल रही है और कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार के दौरान नगर निगमों को पर्याप्त सहयोग नहीं मिला था। गौरतलब है कि दिल्ली में नगर निगम और राज्य सरकार के बीच धन आवंटन को लेकर विवाद पुराना रहा है, और मौजूदा सरकार इसे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि AAP और कांग्रेस आगामी चुनावों में संभावित हार को भाँपते हुए एसआईआर और चुनाव आयुक्त के मुद्दे को उठा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विपक्षी दलों के बीच मतदाता सूची संशोधन को लेकर तनाव चरम पर है और इसे लेकर सड़क पर विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी हैं। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।