भगवंत मान पर सीमा शुल्क उल्लंघन का आरोप, दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विदेश यात्रा से लौटने के दौरान कथित तौर पर सीमा शुल्क नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। रिपोर्टों के अनुसार, मान ने कर योग्य विलासिता की वस्तुएं लेकर ग्रीन चैनल से निकलने का प्रयास किया, जिसके बाद सतर्क सीमा शुल्क अधिकारियों ने उनके सामान की जाँच कर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत ₹50,000 का जुर्माना लगाया।
मल्होत्रा का केजरीवाल से सवाल
मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल से माँग की कि वे उन वस्तुओं का विवरण सार्वजनिक करें जिन पर सीमा शुल्क विभाग ने जुर्माना लगाया। उन्होंने कहा कि देश और पंजाब की जनता यह जानना चाहती है कि मुख्यमंत्री ने सीमा शुल्क नियमों का उल्लंघन क्यों किया और वे किन कर योग्य वस्तुओं पर शुल्क बचाने की कोशिश कर रहे थे।
मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि मान कथित तौर पर कर योग्य सामान छुपाकर ग्रीन चैनल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें रोककर जाँच की। उन्होंने कहा कि इस तरह आम नागरिकों को क्या संदेश दिया जा रहा है, यह समझ से परे है।
BJP का तीखा हमला — 'पहले मुख्यमंत्री' का तंज
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भगवंत मान पहले भी विभिन्न विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मान अब सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जुर्माना पाने वाले देश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं — यह एक तंज था जिसे BJP ने राजनीतिक रूप से उभारा।
यह ऐसे समय में आया है जब AAP और BJP के बीच दिल्ली व पंजाब दोनों राज्यों में राजनीतिक टकराव तेज़ है। गौरतलब है कि इस तरह के राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप प्रायः चुनावी माहौल में तेज़ होते हैं।
पाठ्यपुस्तक घोटाले का आरोप
इसी क्रम में दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने सरकारी स्कूलों में वितरित पाठ्यपुस्तकों में कथित तौर पर 'खराब गुणवत्ता वाले कागज़' इस्तेमाल को लेकर AAP सरकार पर घोटाले का आरोप लगाया।
कपूर ने दावा किया कि केजरीवाल सरकार के 11 वर्षों के शासनकाल में दिल्ली में कक्षा 6 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों का संकट बना रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2022 में पंजाब में AAP के सत्ता में आने के बाद वहाँ भी पाठ्यपुस्तकों की कमी देखी गई।
अदालत तक पहुँचे मामले
कपूर ने कहा कि रिकॉर्ड इस बात के गवाह हैं कि केजरीवाल के 11 वर्षों के शासनकाल में पाठ्यपुस्तकें समय पर उपलब्ध न कराने के मामले लगभग हर साल न्यायालयों तक पहुँचे और शिक्षा विभाग को कई बार न्यायिक फटकार झेलनी पड़ी। भाजपा का यह हमला AAP की शिक्षा नीति की उस छवि को चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है, जिसे पार्टी अपनी प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
AAP की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
फ़िलहाल भगवंत मान या आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। BJP के इन बयानों को AAP की राजनीतिक विश्वसनीयता को क्षति पहुँचाने के एक सुनियोजित प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में AAP की ओर से पलटवार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।