भगवंत मान के साढू की ED हिरासत पर जाखड़ का हमला, ₹5 करोड़ की कथित डील पर इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 17 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री भगवंत मान के साढू अमरदीप ग्रेवाल को कथित ₹5 करोड़ की डील के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जाखड़ ने इस मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफे की माँग की और दावा किया कि आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
जाखड़ के अनुसार, कथित ₹5 करोड़ की लेन-देन का मामला दो नाबालिग बच्चियों से जुड़े बलात्कार के केस को दबाने के आरोपों से संबंधित है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार का नारा महिलाओं के सम्मान की बात करता हो, वह इस विवाद पर चुप नहीं रह सकती। जाखड़ ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की है।
केजरीवाल पर निशाना और सत्ता के केंद्र पर सवाल
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब में वास्तविक सत्ता केंद्र अरविंद केजरीवाल हैं और मुख्यमंत्री मान उन्हीं के प्रभाव में काम करते हैं। जाखड़ ने दावा किया कि कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी बड़ी रकम आम आदमी पार्टी (AAP) के अन्य नेताओं तक भी पहुँच सकती है और मान को इस पूरे नेटवर्क में सीमित लाभ मिला होगा। उन्होंने कहा कि जाँच आगे बढ़ने पर बड़े खुलासे होने की संभावना है।
ड्रग माफिया और भ्रष्ट अधिकारी पर सवाल
जाखड़ ने मानसा में एक ड्रग एक्टिविस्ट की कथित हत्या का उल्लेख करते हुए पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि एक ड्रग इंस्पेक्टर के लॉकर से ₹7 से ₹8 करोड़ नकद, घर से करीब ₹1.5 करोड़, सोना और विदेशी मुद्रा बरामद होने की बात सामने आई थी। पंजाब के पुलिस महानिदेशक ने भी उस अधिकारी पर मनी लॉन्ड्रिंग और जेल में बंद ड्रग माफिया से संबंधों का आरोप लगाया था — बावजूद इसके, बाद में उसी अधिकारी को बहाल करके पदोन्नति दी गई और महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया।
केंद्र सरकार से जाँच की उम्मीद
जाखड़ ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा मानसा के मामले और गुलजार सिंह से जुड़े मामले की फाइलें मंगाए जाने के बाद जाँच के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बना है। उन्होंने सीमा पार से तस्करी और जेलों से संचालित कथित अवैध कारोबार की भी गहन जाँच की माँग की।
जाखड़ की मुख्य माँग
भाजपा नेता ने दोहराया कि जब तक जाँच पूरी नहीं होती और पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक भगवंत मान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार पहले से ही कई विवादों से घिरी है। गौरतलब है कि यह मामला आगामी राजनीतिक घटनाक्रम को और तीखा बना सकता है।