ईडी जांच में CM कार्यालय की 61 अनियमितताएं उजागर, रवनीत बिट्टू ने भगवंत मान से मांगा इस्तीफा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 18 अगस्त 2026 को पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल इस्तीफे की मांग की। बिट्टू ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में 61 गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जो उनके अनुसार यह साबित करती हैं कि भ्रष्टाचार सरकार के सर्वोच्च स्तर तक पहुंच चुका है।
मुख्य आरोप और खुलासे
बिट्टू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा कि जब तक भगवंत मान इस्तीफा नहीं देते, पंजाब भाजपा सड़कों पर विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी और यह लड़ाई कानूनी मोर्चे पर भी लड़ी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के तबादलों, जमीन के सौदों और हथियारों के लाइसेंस तक सब कुछ दिल्ली में बैठे विशेष कार्य अधिकारी (OSD) और बिचौलियों के माध्यम से संचालित हो रहा है। उनके अनुसार, CM के OSD और उनके करीबी सहयोगियों पर कमीशन और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप हैं।
परिवार पर आरोपों का विस्तार
बिट्टू ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि ED की जांच अब केवल OSD और राजनीतिक बिचौलियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कथित तौर पर यह सीधे मुख्यमंत्री की पत्नी और बहन की ओर भी इशारा कर रही है। उन्होंने इसे 'पंजाब को लूटने का पारिवारिक धंधा' करार दिया।
उन्होंने होटल में कथित पर्दे के पीछे हुई डील और विदेशी यात्राओं का हवाला देते हुए कहा कि पूरे तंत्र में रिश्वतखोरी को 'गिफ्ट' का नाम देकर छुपाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी (AAP) 'कट्टर ईमानदारी' के वादे पर सत्ता में आई थी।
भाजपा का राजनीतिक रुख
बिट्टू ने स्पष्ट किया कि जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने AAP के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिन्होंने पंजाबियों की मेहनत की कमाई लूटी है, उन्हें सजा भुगतनी ही होगी।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हों — दिल्ली में भी इसी तरह के आरोपों के बाद राजनीतिक उठापटक देखी गई थी।
आगे क्या होगा
ED की जांच अभी जारी है और इसके निष्कर्ष अभी आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं हुए हैं। भगवंत मान सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पंजाब भाजपा ने संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को विधानसभा और सड़क — दोनों मोर्चों पर उठाती रहेगी।