पंजाब फेक वीडियो विवाद: कांग्रेस ने CM भगवंत मान से मांगा इस्तीफा, AAP ने कहा 'घटिया राजनीति'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित फर्जी वीडियो और फोरेंसिक रिपोर्ट में हेराफेरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक घमासान 24 जून को और तेज हो गया। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की, जबकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे विपक्ष की सुनियोजित साजिश करार दिया। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब पंजाब में कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर गतिविधियों को लेकर पहले से ही सियासी तनाव बना हुआ है।
AAP सरकार की प्रतिक्रिया
पंजाब सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने फोरेंसिक रिपोर्ट में कथित हेराफेरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'राजनीति से प्रेरित' बताया। उन्होंने कहा, 'यह विपक्ष की घटिया राजनीति का परिणाम है। पंजाब के लोगों के बीच मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।' मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही इस मामले पर अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं, इसलिए वे इस पर अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने भी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि राजनीति का स्तर इस हद तक गिर गया है कि लोगों की व्यक्तिगत छवि को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक हम इसे एक विवादित मामला ही मानेंगे।'
बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रूप से हताश नेता मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत और राजनीतिक — दोनों मोर्चों पर हमले कर रहे हैं। उनका कहना था कि यदि सरकार की नीतियों पर आपत्ति हो तो उनकी आलोचना की जाए, लेकिन व्यक्तिगत हमले निंदनीय हैं।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिख इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब को बदनाम करने या उससे जुड़ी रिपोर्ट को प्रभावित करने की कोशिश की हो।
अमर सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टर गतिविधियाँ और रंगदारी की घटनाएँ बढ़ रही हैं, दिनदहाड़े हत्याएँ हो रही हैं और सरकारी अधिकारियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक कथित फेक वीडियो और उसकी फोरेंसिक जाँच रिपोर्ट में कथित हेराफेरी के आरोपों से शुरू हुआ। मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसमें श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े संदर्भों का उल्लेख किया गया है, जो सिख धर्म की सर्वोच्च अस्थायी पीठ मानी जाती है।
आगे क्या
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस के इस्तीफे की मांग और AAP के जवाबी हमले के बीच यह देखना अहम होगा कि क्या मामले की स्वतंत्र जाँच की कोई माँग उठती है या मुख्यमंत्री भगवंत मान इस पर कोई अतिरिक्त सफाई देते हैं। पंजाब की राजनीति में यह टकराव आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।