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एटिका गोल्ड पर ED की बड़ी कार्रवाई: बेंगलुरु समेत 16 ठिकानों पर छापे, ₹7.52 लाख कैश जब्त

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एटिका गोल्ड पर ED की बड़ी कार्रवाई: बेंगलुरु समेत 16 ठिकानों पर छापे, ₹7.52 लाख कैश जब्त

सारांश

ED ने एटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ा शिकंजा कसा — बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में 16 ठिकानों पर एक साथ छापे पड़े। चोरी के सोने की खरीद-बिक्री और भारी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं, मुख्य आरोपी फरार, ₹7.52 लाख नकद और सोना-चाँदी जब्त।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 24-25 सितंबर 2026 को एटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के 16 ठिकानों पर PMLA की धारा 17 के तहत छापेमारी की।
तलाशी बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम में फैले परिसरों में चलाई गई।
कंपनी पर चोरी के सोने के आभूषणों की बार-बार खरीद व व्यापार तथा मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं।
मुख्य आरोपी पीएस अयूब उर्फ बोमनहल्ली बाबू , ओबेदुल्ला ए , मोहम्मद सलमान ए और अर्बिन ताज ए तलाशी के दौरान फरार रहे।
कार्रवाई में ₹7,52,000 नकद के अलावा विदेशी मुद्रा, सोने के गहने और चाँदी के सामान जब्त किए गए।
आरोपियों ने कर्मचारियों को भी तलाशी के दौरान उपलब्ध न रहने का निर्देश दिया था।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 24-25 सितंबर 2026 को एटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत 16 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम स्थित परिसर शामिल रहे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह जाँच विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज अनेक प्राथमिकी (FIR) और पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई। इन दस्तावेज़ों में आरोप लगाया गया था कि एटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड, उसके शेयरधारक और निदेशक बार-बार चोरी के सोने के आभूषणों की खरीद, अधिग्रहण और व्यापार में लिप्त रहे। FIR से प्राप्त सूचना को ED ने अलग से जुटाई गई सत्यापन योग्य जानकारी से और पुख्ता किया, जिसमें आरोपियों की कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा था।

मुख्य आरोपी और उनकी संलिप्तता

जाँच के दायरे में कंपनी के शेयरधारकों व निदेशकों के साथ-साथ कंपनी से करीबी रूप से जुड़े पीएस अयूब उर्फ बोमनहल्ली बाबू, ओबेदुल्ला ए, मोहम्मद सलमान ए, अर्बिन ताज ए एवं उनके परिवार के सदस्य और सहयोगी भी हैं। इन पर अपराध से अर्जित भारी रकम को एकत्र करने का आरोप है। गौरतलब है कि उपर्युक्त सभी प्रमुख व्यक्ति तलाशी के दौरान फरार रहे और उन्होंने ED को सहयोग नहीं किया।

तलाशी में बाधा और कर्मचारियों को निर्देश

ED के अनुसार, मुख्य आरोपियों ने न केवल स्वयं अनुपस्थित रहे, बल्कि व्यावसायिक परिसरों में मौजूद कर्मचारियों को भी तलाशी के दौरान उपलब्ध न रहने का निर्देश दिया। यह ऐसे समय में आया है जब ED देशभर में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में सर्राफा क्षेत्र की भूमिका की जाँच तेज कर रही है।

जब्ती और बरामदगी

तलाशी अभियान के दौरान अधिकारियों ने ₹7,52,000 नकद जब्त किए। इसके अलावा विदेशी मुद्रा, सोने के गहने और चाँदी के सामान भी बरामद किए गए। जब्त संपत्तियों का कुल मूल्यांकन अभी जारी है।

आगे की जाँच

ED सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। मामले में अतिरिक्त सम्पत्तियाँ चिह्नित की जा रही हैं और यह जाँच PMLA के तहत आगे बढ़ाई जाएगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि जाँच एजेंसी फरार आरोपियों को कब तक पकड़ पाती है और अपराध से जुड़ी संपत्तियों की कुल सीमा क्या निकलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उन्होंने कर्मचारियों को भी सहयोग न करने के निर्देश दिए — यह जाँच में जानबूझकर बाधा डालने का संकेत है। बरामद नकदी और आभूषणों का दायरा अभी सामने आना बाकी है; असली परीक्षा यह होगी कि ED फरार आरोपियों को हिरासत में लेकर संपत्तियों की पूरी श्रृंखला उजागर कर पाती है या नहीं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड पर ED की कार्रवाई क्यों हुई?
एटिका गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड पर विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज FIR और चार्जशीट के आधार पर PMLA, 2002 के तहत जाँच शुरू हुई, जिनमें कंपनी व उसके शेयरधारकों पर चोरी के सोने के आभूषणों की बार-बार खरीद-बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप थे। ED ने FIR से मिली जानकारी को अलग से जुटाई गई सत्यापन योग्य सूचना से पुष्ट कर छापेमारी की।
ED की छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
तलाशी अभियान में ₹7,52,000 नकद के साथ-साथ विदेशी मुद्रा, सोने के गहने और चाँदी के सामान जब्त किए गए। जब्त संपत्तियों का कुल मूल्यांकन अभी जारी है।
मामले में मुख्य आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपियों में पीएस अयूब उर्फ बोमनहल्ली बाबू, ओबेदुल्ला ए, मोहम्मद सलमान ए और अर्बिन ताज ए शामिल हैं। ये सभी कंपनी से करीबी रूप से जुड़े बताए गए हैं और तलाशी के दौरान फरार रहे।
छापेमारी किन-किन शहरों में हुई?
ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने कुल 16 ठिकानों पर तलाशी ली, जो बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, विशाखापत्तनम और अन्य स्थानों पर फैले थे। इनमें कंपनी का हेड ऑफिस, शाखाएँ और निदेशकों-शेयरधारकों के आवासीय परिसर शामिल थे।
इस मामले में आगे क्या होगा?
फरार आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है। ED अपराध से जुड़ी अतिरिक्त संपत्तियाँ चिह्नित कर रही है और जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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