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अकाल तख्त विवाद: भाजपा नेताओं ने भगवंत मान पर साधा निशाना, फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट का लगाया आरोप

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अकाल तख्त विवाद: भाजपा नेताओं ने भगवंत मान पर साधा निशाना, फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट का लगाया आरोप

सारांश

अकाल तख्त के पंथ विरोधी फैसले के बाद भगवंत मान का विवाद और गहरा गया — भाजपा नेताओं ने कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट और गुरुग्राम होटल घटना को जोड़ते हुए माफी की माँग की। SGPC सदस्य ने कहा, मान को अकाल तख्त के सामने पेश होना चाहिए।

मुख्य बातें

भाजपा नेता तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि भगवंत मान ने माफी माँगने के बजाय कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट से श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय को चुनौती दी।
श्री अकाल तख्त साहिब ने जाँच के बाद पुष्टि की कि विवादित वीडियो असली है — न एआई-निर्मित, न टेंपर्ड।
अकाल तख्त ने भगवंत मान को पंथ विरोधी घोषित किया।
भाजपा नेता विजय सांपला ने गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाज़ा में पुलिस की कथित मिलीभगत से घटना कराने का आरोप लगाया; हरियाणा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
SGPC सदस्य भाई मंजीत सिंह ने माँग की कि मान श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हों, माफी माँगें और धार्मिक दंड स्वीकार करें।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान उस समय नए विवाद में घिर गए जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 24 जून 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े वीडियो विवाद और गुरुग्राम में हुई कथित गिरफ्तारियों को लेकर उन पर तीखे हमले बोले। नेताओं का आरोप है कि मान न केवल अकाल तख्त के निर्णय को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि एक कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट के ज़रिए सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा नेता तरुण चुघ का हमला

भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से लगातार अमर्यादित व्यवहार किया जा रहा है। उनके अनुसार, जब श्री अकाल तख्त साहिब ने संबंधित वीडियो की जाँच कराई तो यह स्पष्ट हो गया कि वीडियो न तो एआई-निर्मित है और न ही उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान को गुरुओं का अपमान करने के कारण पंथ विरोधी घोषित किया।

चुघ ने आगे आरोप लगाया कि माफी माँगने के बजाय मुख्यमंत्री ने एक कथित फर्जी और मनगढ़ंत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराकर अकाल तख्त के निर्णय को चुनौती देने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया।

विजय सांपला का आरोप: गुरुग्राम घटना से जोड़ा

भाजपा नेता विजय सांपला ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम श्री अकाल तख्त साहिब की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और उनके अधिकार को कमज़ोर करने की सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग उस कार्यक्रम में मौजूद थे, उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि वीडियो असली है।

सांपला ने आरोप लगाया कि इस सच्चाई को दबाने के लिए गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाज़ा में पुलिस अधिकारियों की कथित मिलीभगत से एक घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं।

एसजीपीसी सदस्य की माँग: मान श्री अकाल तख्त के सामने पेश हों

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सदस्य भाई मंजीत सिंह ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह पूर्णतः गलत है। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होना चाहिए, सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए और उचित धार्मिक दंड स्वीकार करना चाहिए।

भाई मंजीत सिंह ने कहा, 'जो भी गलती हुई है या जो भी गलत बयान दिए गए हैं, उनके लिए क्षमायाचना करनी चाहिए और अकाल तख्त का निर्णय मानना चाहिए।'

क्या होगा आगे

यह विवाद ऐसे समय में और गहरा गया है जब पंजाब में राजनीतिक तनाव पहले से ऊँचा है। हरियाणा पुलिस की एफआईआर और कथित गिरफ्तारियों के बाद मामला अब न्यायिक दायरे में भी प्रवेश कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब का निर्णय सिख समुदाय में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और मुख्यमंत्री का इस पर रुख उनकी राजनीतिक साख के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट से चुनौती देना मुख्यमंत्री के लिए राजनीतिक रूप से जोखिमभरा कदम है। गुरुग्राम में हुई कथित गिरफ्तारियाँ और हरियाणा पुलिस की एफआईआर इस मामले को अंतर-राज्यीय आयाम देती हैं, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। असली सवाल यह है कि क्या आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब इकाई इस धार्मिक-राजनीतिक दबाव को संभाल पाएगी, या यह विवाद 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता की नींव हिला देगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अकाल तख्त और भगवंत मान के बीच विवाद क्या है?
श्री अकाल तख्त साहिब ने एक वीडियो की जाँच के बाद पुष्टि की कि वह असली है और उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरुओं का अपमान करने के कारण 'पंथ विरोधी' घोषित किया गया। मान ने वीडियो को एआई-निर्मित और टेंपर्ड बताया था, जिसे अकाल तख्त की जाँच ने खारिज कर दिया।
भाजपा नेताओं ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा नेता तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि भगवंत मान ने माफी माँगने के बजाय एक कथित फर्जी और मनगढ़ंत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराकर श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय को चुनौती दी। भाजपा नेता विजय सांपला ने गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाज़ा में पुलिस की कथित मिलीभगत से एक घटना कराने का भी आरोप लगाया।
गुरुग्राम में क्या हुआ और हरियाणा पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
भाजपा नेता विजय सांपला के अनुसार, गुरुग्राम के होटल क्राउन प्लाज़ा में पुलिस अधिकारियों की कथित मिलीभगत से एक घटना को अंजाम दिया गया। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं।
SGPC ने भगवंत मान से क्या माँग की है?
SGPC सदस्य भाई मंजीत सिंह ने माँग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित हों, सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और उचित धार्मिक दंड स्वीकार करें।
'पंथ विरोधी' घोषणा का क्या अर्थ है और यह कितनी गंभीर है?
सिख धर्म में 'पंथ विरोधी' घोषणा श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा की जाने वाली अत्यंत गंभीर धार्मिक कार्रवाई है, जो किसी व्यक्ति को सिख पंथ के विरुद्ध आचरण करने वाला करार देती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए यह निर्णय सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
राष्ट्र प्रेस
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