भगवंत मान का केंद्र पर हमला: 'अघोषित लॉकडाउन' और ईंधन कीमतों पर उठाए सवाल

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भगवंत मान का केंद्र पर हमला: 'अघोषित लॉकडाउन' और ईंधन कीमतों पर उठाए सवाल

सारांश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पटना में केंद्र पर 'अघोषित लॉकडाउन' का आरोप लगाया — चुनाव खत्म होते ही ₹3/लीटर ईंधन वृद्धि को जनविरोधी बताया और तेल, गैस व सोने के भंडार की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

मुख्य बातें

भगवंत मान ने 18 मई 2026 को पटना में केंद्र पर 'अघोषित लॉकडाउन' थोपने का आरोप लगाया।
चुनाव समाप्त होते ही ईंधन में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी को उन्होंने जान-बूझकर की गई चुनावी चाल बताया।
मान ने प्रधानमंत्री से तेल, गैस और सोने के भंडार की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
AAP और पंजाब सरकार ने मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' को सिख समुदाय की माँग की पूर्ति बताया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 18 मई 2026 को पटना में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने देश को एक 'अघोषित लॉकडाउन' में धकेल दिया है और नागरिकों से अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति छिपाई जा रही है। मान के ये बयान बढ़ती महंगाई और ईंधन मूल्यवृद्धि की पृष्ठभूमि में आए हैं।

अघोषित लॉकडाउन का आरोप

मुख्यमंत्री मान ने कहा, 'केंद्र ने असल में देश में एक अघोषित लॉकडाउन लगा दिया है। इन पाबंदियों का खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है, जबकि केंद्र लोगों से अर्थव्यवस्था की असली हालत छिपाता जा रहा है।' उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री देश के तेल, गैस और सोने के भंडार की असली स्थिति सार्वजनिक रूप से बताएं, ताकि नागरिक देश की वास्तविक आर्थिक दशा को समझ सकें।

ईंधन कीमतों पर चुनावी राजनीति का आरोप

मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जान-बूझकर कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाईं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। उन्होंने चेताया कि आने वाले दिनों में ये कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। उनके अनुसार, 'खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की आड़ में बार-बार ईंधन की कीमतें बढ़ाकर लोगों को महंगाई के बोझ तले कुचला जा रहा है।'

मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता

मान ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) और पंजाब राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान न तो असली मतदाताओं के नाम काटे जाएं और न ही फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जाएं। यह बयान चुनाव आयोग (ECI) की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के बीच आया है।

गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून पर बयान

मुख्यमंत्री ने 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कानून ने दुनिया भर के सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है, क्योंकि यह गुरु ग्रंथ साहिब की 'बेअदबी' करने वालों के लिए कड़ी सज़ा सुनिश्चित करता है।

आगे क्या

मान के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब देश में महंगाई को लेकर विपक्षी दलों का केंद्र पर दबाव बढ़ रहा है। AAP और पंजाब सरकार की ओर से आर्थिक पारदर्शिता की यह मांग आगामी राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकती है। ईंधन कीमतों में संभावित आगामी बढ़ोतरी पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें ठोस आर्थिक आँकड़ों का अभाव है — जो इसे आलोचना के प्रति संवेदनशील बनाता है। ईंधन कीमतों को चुनावी चक्र से जोड़ने का तर्क नया नहीं है और विभिन्न दलों की सरकारों पर यह आरोप लगता रहा है, फिर भी AAP इसे अपनी राष्ट्रीय विपक्षी पहचान बनाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। तेल-गैस-सोने के भंडार की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग वैध है, लेकिन इसका जवाब देना केंद्र के लिए भी राजनीतिक रूप से असहज हो सकता है। असली परीक्षा यह है कि क्या AAP इस बयानबाजी को नीतिगत विकल्पों में बदल पाती है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान ने 'अघोषित लॉकडाउन' से क्या मतलब निकाला?
मान के अनुसार केंद्र सरकार ने महंगाई और पाबंदियों के ज़रिए आम जनता की आर्थिक गतिविधियों को बाधित किया है, जो एक अघोषित लॉकडाउन जैसा असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी छिपाई जा रही है।
ईंधन कीमतों पर मान ने केंद्र पर क्या आरोप लगाया?
मान ने आरोप लगाया कि केंद्र ने जान-बूझकर विधानसभा चुनावों तक ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाईं और चुनाव खत्म होते ही ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में और वृद्धि हो सकती है।
मान ने तेल, गैस और सोने के भंडार की जानकारी क्यों माँगी?
उनका तर्क है कि नागरिकों को देश की आर्थिक स्थिति जानने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इन भंडारों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि देशवासी सही तस्वीर देख सकें।
'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' क्या है?
यह पंजाब सरकार द्वारा पारित कानून है जो गुरु ग्रंथ साहिब की 'बेअदबी' करने वालों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान करता है। मान ने इसे दुनिया भर के सिख समुदाय की दीर्घकालिक माँग की पूर्ति बताया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर AAP का क्या रुख है?
मान ने स्पष्ट किया कि AAP और पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में असली मतदाताओं के नाम न काटे जाएं और फर्जी नाम न जोड़े जाएं। यह बयान चुनाव आयोग की चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया के बीच आया है।
राष्ट्र प्रेस
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