दीपावली सीजन में कनॉट प्लेस के व्यापारी परेशान, प्रदर्शनों से कारोबार ठप; गृह मंत्री को चिट्ठी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक केंद्र कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने 16 अक्टूबर 2026 को दीपावली के पीक सीजन के दौरान लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों को लेकर गहरी नाराज़गी जताई है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शनों के कारण रास्ते बंद होने और ग्राहकों की आवाजाही कम होने से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने इस मसले पर गृह मंत्री को औपचारिक पत्र भी लिखा है।
मुख्य घटनाक्रम
कनॉट प्लेस में प्रिंटिंग का कारोबार करने वाले मुकेश चावला ने कहा कि जब से विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए हैं, पूरा कारोबार प्रभावित है। उन्होंने सरकार से माँग की कि कनॉट प्लेस को प्रदर्शनों से मुक्त किया जाए। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष राहुल अडलाखा ने बताया कि किसी भी विरोध प्रदर्शन के आयोजन से दो-तीन दिन पहले ही व्यापार ठप होने लगता है।
व्यापारियों की प्रमुख माँगें
अडलाखा ने स्पष्ट किया कि व्यापारी संगठन ने पत्र में सरकार से माँग की है कि अगले तीन महीनों तक दिल्ली में प्रदर्शनों की अनुमति नहीं दी जाए। यह माँग इसलिए अहम है क्योंकि दीपावली का पीक सीजन साल का सबसे व्यस्त कारोबारी समय होता है और इस दौरान सर्वाधिक बिक्री होती है।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि नवरात्रि से होली तक का सीजन व्यापारियों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस सीजन के लिए माल पहले से खरीदकर रखा जाता है और बार-बार के प्रदर्शनों से ग्राहकों के आने-जाने में परेशानी होती है। भार्गव ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध-प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन यह व्यापारिक केंद्रों में नहीं, बल्कि प्रशासन द्वारा आवंटित स्थानों पर होना चाहिए।
आम जनता और व्यापार पर असर
कनॉट प्लेस में दशकों से कारोबार कर रहे राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यहाँ देश-विदेश से लोग खरीदारी के लिए आते हैं और प्रदर्शनों की वजह से यह आवाजाही लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कनॉट प्लेस में कारोबार चलाना महँगा है — किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन जैसे खर्चे बेरोकटोक जारी रहते हैं, भले ही बिक्री ठप हो जाए।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रदर्शनों की आवृत्ति बढ़ी है। गौरतलब है कि कनॉट प्लेस दिल्ली का ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र है और यहाँ के व्यापारियों की माँग पहली बार नहीं है — इससे पहले भी व्यापारी संगठन इस मुद्दे पर आवाज़ उठाते रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्या होगा आगे
व्यापारी संगठनों की नज़रें अब गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि सरकार इस माँग पर विचार करती है, तो दिल्ली में प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों की नीति पर नए सिरे से बहस छिड़ सकती है।