कनॉट प्लेस व्यापारियों की चेतावनी: बार-बार विरोध-प्रदर्शन से कारोबार ठप, कर्मचारियों का वेतन देना मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के कनॉट प्लेस और आसपास के इलाके में व्यापार करने वाले दुकानदारों और रेस्टोरेंट मालिकों ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को एक सुर में कहा कि बार-बार होने वाले धरना-प्रदर्शनों के कारण उनका कारोबार लगभग ठप हो जाता है और किराया, बिजली बिल तथा कर्मचारियों का वेतन चुकाना गंभीर चुनौती बन जाता है। व्यापारियों ने माँग की है कि प्रदर्शनों के लिए सेंट्रल दिल्ली से बाहर कोई अलग स्थान निर्धारित किया जाए।
व्यापारियों का अनुभव
कनॉट प्लेस स्थित 'भापे दा होटल' और 'मीनार रेस्टोरेंट' के मालिक आयुष चोपड़ा ने बताया कि किसी भी विरोध-प्रदर्शन की घोषणा होते ही उससे चार दिन पहले से ही व्यावसायिक गतिविधियाँ प्रभावित होने लगती हैं, क्योंकि लोग डर के कारण घरों से बाहर निकलना बंद कर देते हैं।
चोपड़ा के अनुसार, प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं होती — सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के कारण ग्राहकों के मन में डर बना रहता है और वे अगले चार दिनों तक बाहर नहीं आते। उन्होंने कहा, 'विरोध-प्रदर्शन से काम बिल्कुल खत्म हो जाता है और हमारे खर्च — किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन — बने रहते हैं, इन्हें देना चुनौती बन जाता है।'
छोटे विक्रेताओं पर भी असर
चोपड़ा ने यह भी रेखांकित किया कि इस संकट की मार केवल बड़े प्रतिष्ठानों पर ही नहीं पड़ती — छोटे रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और अनौपचारिक दुकानदारों का कारोबार भी समान रूप से घटता है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि प्रदर्शनों के लिए सेंट्रल दिल्ली से बाहर एक विशेष स्थल निर्धारित किया जाए।
50 प्रतिशत से कम रह गया कारोबार
'बंगाली स्वीट हाउस और पेस्ट्री शॉप' के मालिक वर्जेश अग्रवाल ने बताया कि हालिया विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनका कारोबार सामान्य स्तर के 50 प्रतिशत से भी कम रह गया। तीन-चार दिनों तक ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर रही और यातायात प्रतिबंधों ने स्थिति को और विकट बना दिया।
10 अक्टूबर का प्रदर्शन और उसका असर
कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में एक बड़े विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया था, जिसके चलते सेंट्रल दिल्ली के कई महत्वपूर्ण मार्ग बंद करने पड़े थे। इससे कनॉट प्लेस क्षेत्र के बड़ी संख्या में छोटे और बड़े — दोनों तरह के — व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हुई।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है और विभिन्न दलों के प्रदर्शन नियमित अंतराल पर आयोजित होते रहे हैं। गौरतलब है कि कनॉट प्लेस देश के सबसे व्यस्त व्यावसायिक केंद्रों में से एक है, जहाँ हज़ारों कर्मचारी और लाखों रुपये का दैनिक कारोबार दाँव पर होता है।
आगे क्या
व्यापारी संगठनों की ओर से अभी कोई आधिकारिक माँग-पत्र प्रशासन को नहीं सौंपा गया है, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे सामूहिक रूप से अधिकारियों से मिलेंगे। दिल्ली पुलिस और नगर प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।