दिल्ली विरोध-प्रदर्शन से त्योहारी कारोबार चौपट, व्यापारियों का ₹100 करोड़ रोज़ाना नुकसान का दावा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में जारी विरोध-प्रदर्शनों के कारण त्योहारी सीज़न में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खान मार्केट, कनॉट प्लेस और बंगाली मार्केट के व्यापारियों का दावा है कि प्रदर्शन की वजह से ग्राहक बाज़ारों में आने से कतरा रहे हैं, जिससे बिक्री में भारी गिरावट आई है। व्यापारियों के अनुसार अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के ये महीने वार्षिक कारोबार की दृष्टि से सबसे अहम होते हैं और इस समय नुकसान उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट बन सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहता ने बताया कि बाज़ार में मुश्किल से चार ग्राहक घूमते दिखाई दे रहे हैं। उनके अनुसार, 'विरोध-प्रदर्शन के कारण ग्राहक बाज़ार आने से डर रहे हैं और दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। दुकानों में सामान पड़ा है और व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।' मेहता ने यह भी आरोप लगाया कि हिंदू त्योहारों के दौरान बिना वजह प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिससे व्यापारियों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
नुकसान का अनुमान
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने दावा किया कि कारोबारियों को प्रतिदिन करीब ₹100 करोड़ का नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाज़ार, मोहन सिंह प्लेस, म्युनिसिपल मार्केट और शंकर मार्केट समेत आसपास के क्षेत्रों पर इसका असर पड़ा है और यह नुकसान कई दिनों से जारी है। वहीं, व्यापारी कुलदीप कुमार ने और भी बड़ा दावा करते हुए कहा कि CJP और विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के कारण दिल्ली के व्यापारियों को रोज़ाना ₹2,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि दोनों आँकड़ों में बड़ा अंतर है और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।
त्योहारी सीज़न पर गहरा असर
भार्गव ने बताया कि व्यापारियों ने त्योहारों को ध्यान में रखकर पहले ही बड़ी मात्रा में माल खरीद लिया था और उसमें पूँजी लगाई थी, लेकिन बिक्री प्रभावित होने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति सामान्य नहीं होती तो कारोबारियों का नुकसान और बढ़ सकता है। भार्गव ने स्पष्ट किया कि हालात सामान्य होने पर व्यापारियों की पहली प्राथमिकता अपने नुकसान की भरपाई करना होगी और इसीलिए वे कनॉट प्लेस में विरोध-प्रदर्शन नहीं चाहते।
विदेशी फंडिंग का आरोप
बंगाली मार्केट एसोसिएशन के महासचिव प्रमोद गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर विदेशी फंडिंग मिलने से जुड़ी रिपोर्टों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन करने वालों को ऐसी फंडिंग मिल रही है तो उनकी गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं, लेकिन व्यापारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका कारोबार कैसे चलेगा। यह ध्यान देने योग्य है कि विदेशी फंडिंग के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के बाज़ार दीपावली से पहले के सबसे व्यस्त कारोबारी सप्ताहों में हैं। व्यापारी संगठनों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की माँग की है ताकि बाज़ारों में सामान्य कारोबारी माहौल बहाल हो सके। यदि स्थिति शीघ्र नहीं सुधरी तो इसका असर छोटे दुकानदारों और उनके परिवारों पर सबसे अधिक पड़ेगा।