दिलजीत दोसांझ के दिल्ली शो पर रोक: BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का AAP पर तथ्य तोड़ने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 22 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी गायक दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर को प्रस्तावित दिल्ली शो को अनुमति न मिलने के मुद्दे पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। मल्होत्रा के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया है, न कि किसी राजनीतिक दबाव के चलते।
मुख्य घटनाक्रम
मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि AAP का यह आरोप कि किसान आंदोलन का समर्थन करने की वजह से दिलजीत का कार्यक्रम रोका गया, 'पूरी तरह गलत और हास्यास्पद' है। उन्होंने दलील दी कि दिलजीत ने 2014 से 2024 के बीच दिल्ली के कई विश्वविद्यालयों और इंदिरा गांधी स्टेडियम में शो किए हैं।
मल्होत्रा ने यह भी याद दिलाया कि किसान आंदोलन के बाद भी दिलजीत ने 26-27 अक्टूबर 2024 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम किया था। उनके अनुसार, यह तथ्य AAP के दावों को खोखला साबित करता है।
सुरक्षा चिंताएँ: BJP का पक्ष
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस समय पूरे देश में त्योहारों का मौसम है और दिलजीत के कार्यक्रम में करीब एक लाख लोगों के जुटने की संभावना है। इतनी बड़ी भीड़ पहले से दबाव में काम करने वाली सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में विपक्षी दलों ने विरोध-प्रदर्शन कर पुलिस पर दबाव बनाया है और 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करने की भी घोषणा की गई है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी।
MCD सदन में आप का हंगामा
इस बीच, दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन में AAP पार्षदों द्वारा किए गए हंगामे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बाधा उत्पन्न करने वाले पार्षदों को दो महीने के लिए सदन की कार्यवाही से निलंबित करने का प्रस्ताव पारित होना चाहिए।
कपूर ने आरोप लगाया कि AAP पार्षदों को प्रति तिमाही ₹25 लाख की विकास निधि अपर्याप्त लग रही है, जबकि 2023-24 और 2024-25 में जब AAP की सरकार थी, उसने पूरे साल के लिए भी ₹25 लाख उपलब्ध नहीं कराए थे।
AAP पर विकास कार्यों में विफलता का आरोप
कपूर ने आगे आरोप लगाया कि AAP सरकार अपने कार्यकाल में स्थायी समिति और वार्ड समितियों का गठन करने में विफल रही थी, जिससे दिल्ली में विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए। गौरतलब है कि यह विवाद दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव के संदर्भ में दोनों पार्टियों के बीच जारी राजनीतिक तकरार का नया मोर्चा बन गया है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या दिलजीत दोसांझ के शो को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है और AAP इस मुद्दे को किस हद तक राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश करती है।