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इंडी गठबंधन की 1 नवंबर रैली: CEC ज्ञानेश कुमार हटाने की मांग, 10-15 लाख भीड़ का दावा

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इंडी गठबंधन की 1 नवंबर रैली: CEC ज्ञानेश कुमार हटाने की मांग, 10-15 लाख भीड़ का दावा

सारांश

इंडी गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ी रैली करेगा। कांग्रेस नेताओं ने 10-15 लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। यह विपक्ष की ताकत और जनाक्रोश की असली परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

इंडी गठबंधन 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करेगा।
रैली मतदाता सूची की SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के विरोध में और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर है।
कांग्रेस नेता अतुल लोंढे पाटिल ने 10-15 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया है।
दिल्ली पुलिस ने रैली की अनुमति दे दी है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में देशभर के राज्यों से नेता और संगठन शामिल होंगे।

इंडी गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में एक बड़ी रैली की घोषणा की है, जो मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि इस रैली में 10 से 15 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को यह रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी है।

रैली की पृष्ठभूमि और मांगें

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि विपक्ष ने SIR प्रक्रिया में गंभीर खामियों की ओर बार-बार ध्यान दिलाया है और इसे रद्द करने सहित कई ज़रूरी सुधारों की माँग की है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'इस समय लोगों के मन में बहुत गुस्सा है क्योंकि यह सरकार किसी की बात बिल्कुल नहीं सुनती। बार-बार मुद्दा उठाने और अलग-अलग तरीकों से विरोध करने के बावजूद सरकार न तो CEC के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रही है और न ही उन्हें उनके पद से हटा रही है।'

दलवई ने यह भी कहा कि 12 अक्टूबर को दिल्ली में इंडी गठबंधन के नेतृत्व में हुए बड़े प्रदर्शन में भी भारी भीड़ जुटी थी, और 1 नवंबर की रैली उसी कड़ी का विस्तार है।

नेताओं का दावा: 10-15 लाख लोग जुटेंगे

कांग्रेस नेता अतुल लोंढे पाटिल ने दावा किया कि चुनावी अनियमितताओं और लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर जनता में इतनी चिंता है कि लोग बिना किसी राजनीतिक अपील के भी स्वतः आएँगे। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से वोट चुराए गए हैं, लोकतंत्र को चुरा लिया गया है, लोकतंत्र खतरे में है और संविधान खतरे में है, ऐसे हालात में लोग खुद-ब-खुद वहां आने के लिए तैयार हैं।'

लोंढे पाटिल ने अनुमान जताया कि इस रैली में 10 से 15 लाख से ज़्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'आप पाँच लाख लोगों की बात कर रहे हैं, लेकिन वहाँ खड़े होने की जगह भी नहीं बचेगी।' गौरतलब है कि ये संख्याएँ अभी दावे के स्तर पर हैं और वास्तविक उपस्थिति 1 नवंबर को ही पता चलेगी।

राहुल गांधी की अगुवाई में एकजुट विपक्ष

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस SIR संशोधन प्रक्रिया के खिलाफ व्यापक समर्थन जुटा रही है। रैली में देश के अलग-अलग राज्यों से राजनीतिक प्रतिनिधि और विभिन्न संगठन शामिल होने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना तेज़ हो रही है।

SIR प्रक्रिया पर विवाद

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' की प्रक्रिया में कई खामियाँ हैं, जिसके कारण वैध मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस प्रक्रिया को रद्द किया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। सरकार की ओर से अभी तक इन माँगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में होने वाली यह रैली इंडी गठबंधन के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा होगी। रैली की सफलता या विफलता विपक्ष की गोलबंदी की क्षमता और SIR मुद्दे पर जनाक्रोश की गहराई को उजागर करेगी। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग का रुख भी इस राजनीतिक संघर्ष की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संस्थागत सुधार की ठोस माँग को कमज़ोर भी करता है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडी गठबंधन की 1 नवंबर की रैली किस मुद्दे पर है?
यह रैली मतदाता सूची की 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के विरोध में और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस के अनुसार SIR में गंभीर खामियाँ हैं जिनसे वैध मतदाताओं के नाम सूची से कट सकते हैं।
1 नवंबर की रैली कहाँ होगी और क्या अनुमति मिल गई है?
यह रैली नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होगी। दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को इस रैली के आयोजन की अनुमति दे दी है।
रैली में कितने लोगों के आने की उम्मीद है?
कांग्रेस नेता अतुल लोंढे पाटिल ने दावा किया है कि रैली में 10 से 15 लाख से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। हालाँकि यह अनुमान है, वास्तविक उपस्थिति 1 नवंबर को पता चलेगी।
SIR प्रक्रिया क्या है और विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है?
SIR यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने की एक प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में गंभीर खामियाँ हैं, जिनके कारण वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरनाक है।
क्या राहुल गांधी इस रैली में शामिल होंगे?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस रैली के लिए समर्थन जुटा रही है। देश के विभिन्न राज्यों से राजनीतिक प्रतिनिधि और संगठन रैली में भाग लेने की तैयारी में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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