1 नवंबर की इंडिया गठबंधन महारैली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: अलका लांबा
सारांश
मुख्य बातें
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने 28 अक्टूबर 2026 को जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि देशभर से 10 लाख कार्यकर्ता इस रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुँचेंगे।
रैली की पृष्ठभूमि और नारा
लांबा ने बताया कि इस महारैली के लिए 'वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' का नारा तय किया गया है। उन्होंने कहा कि रैली की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसे अब रोका नहीं जा सकता। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित तौर पर सुझाव दिया है कि यदि केंद्र सरकार 30 अक्टूबर से पहले ज्ञानेश कुमार को पद से हटा देती है, तो रैली वापस लेने पर विचार किया जा सकता है — लेकिन ऐसा न होने की स्थिति में इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता अपनी मांगों के साथ दिल्ली पहुँचेंगे।
विपक्ष की चार प्रमुख मांगें
लांबा ने रैली में उठाई जाने वाली चार मुख्य मांगों का उल्लेख किया। पहली — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों ने 10 महीनों के दौरान 14 पत्र लिखकर पक्षपातपूर्ण फैसलों और निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखे जाने की शिकायत की है। दूसरी मांग — मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तत्काल रोका जाए। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से देशभर में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिनमें राजस्थान में 41 लाख मतदाता शामिल हैं। तीसरी मांग — ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएँ। चौथी मांग — मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को दोबारा शामिल किया जाए।
मतदाता सूची पर विवाद
लांबा ने दावा किया कि एसआईआर के ज़रिये हटाए जा रहे नागरिकों को घुसपैठिया या बांग्लादेशी बताने पर सवाल उठते हैं, क्योंकि ये लोग भारतीय नागरिक हैं और अपने-अपने प्रदेशों में निवासरत हैं। गौरतलब है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर यह विवाद ऐसे समय उभरा है जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ जोरों पर हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए अपना आंदोलन जारी रखेगी।
पीएम मोदी की टिप्पणियों और SCO बैठक पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस नेताओं पर की गई टिप्पणियों पर लांबा ने कहा कि राजनीतिक बहस में परिवार और महिलाओं से जुड़े व्यक्तिगत संदर्भों का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से नीतिगत मुद्दों — बेरोज़गारी, महंगाई, किसानों की समस्याएँ और मणिपुर की स्थिति — पर बात करने को कहा। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी पर लांबा ने केंद्र सरकार की आलोचना की और पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग करने के दावों के बावजूद सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार शुल्क दबाव में फैसले ले रही है।
आगे क्या होगा
अलका लांबा के अनुसार 1 नवंबर की रैली में लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार से जुड़े सभी मुद्दे उठाए जाएंगे। यह पहली बार नहीं है जब इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सार्वजनिक मंच पर सवाल उठाए हों — लेकिन CEC के इस्तीफे की मांग को किसी बड़ी रैली का केंद्रीय नारा बनाना एक नया और तीखा राजनीतिक कदम है। रैली का परिणाम और सरकार की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में विपक्ष की रणनीति की दिशा तय करेगी।