8 अक्टूबर 2026
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राजघाट पर इंडिया ब्लॉक का सत्याग्रह, राहुल-खड़गे-प्रियंका बोले — ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे

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राजघाट पर इंडिया ब्लॉक का सत्याग्रह, राहुल-खड़गे-प्रियंका बोले — ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे

सारांश

इंडिया गठबंधन का तीन दिवसीय आंदोलन गुरुवार को राजघाट पहुँचा — राहुल गांधी, खड़गे और प्रियंका के साथ। माँग एक ही है: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। गठबंधन शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन जाने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

इंडिया गठबंधन के नेता 8 अक्टूबर 2026 को राजघाट पहुँचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का संकल्प दोहराया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे , नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए।
नेताओं ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर 13 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी से ज्ञानेश कुमार को 'तुरंत हटाने' की माँग की।
गठबंधन ने घोषणा की कि शुक्रवार को प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन जाएगा।

नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर इंडिया गठबंधन का विरोध-प्रदर्शन गुरुवार शाम राजघाट पहुँच गया, जहाँ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा गठबंधन के अन्य सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। गठबंधन के नेताओं ने एकसुर में कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

राजघाट पर क्यों पहुँचा इंडिया गठबंधन

गठबंधन के नेताओं ने राजघाट पर एकत्र होकर गाँधीवादी अहिंसा और सत्याग्रह की परंपरा का हवाला दिया। कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा, 'महात्मा गांधी ने हमें अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। हम सरकार को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि विपक्ष का यह अधिकार है कि वह आपको आपकी गलत नीतियों के बारे में बताए।' उन्होंने आरोप लगाया कि 'इस सरकार ने स्वतंत्र एजेंसियों को कठपुतली बना लिया है।'

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने बताया कि इंडिया गठबंधन के सभी सांसदों ने राजघाट पर प्रार्थना की और सरकार तथा ज्ञानेश कुमार को 'सद्बुद्धि मिलने' की कामना की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन भी जाएगा।

मुख्य आरोप: वोटर लिस्ट और 'वोट चोरी'

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने माँग की कि जिन कथित तौर पर 13 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, उन्हें पुनः जोड़ा जाए। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त 'वोट चोरी' का हिस्सा रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह कांग्रेस या इंडिया गठबंधन का आंदोलन नहीं, 'देश के गरीब लोगों का आंदोलन' है और उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी से ज्ञानेश कुमार को 'तुरंत हटाने' की माँग की।

सीपीआई (एम) नेता वी. शिवदासन ने कहा कि सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ यह संकल्प दोहराया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा।

प्रियंका गांधी पर 'धक्का-मुक्की' विवाद

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रही थीं और इस क्रम में हुई किसी घटना को 'धक्का-मुक्की' नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह 'झूठी बातें' फैलाकर इस सत्याग्रह से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि एक दिन पहले जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति न मिलने और वहाँ की कथित घटनाओं को लेकर पहले से ही तनाव था।

विपक्ष की अगली कार्ययोजना

कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि यह आंदोलन अब 'जन-आंदोलन' बन चुका है और कोई दमन इसे नहीं रोक सकता। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि वोट डिलीट नहीं किए जाएंगे और मशीनों में हेरफेर नहीं होगा, संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चेतावनी दी कि ज्ञानेश कुमार जितने लंबे समय तक पद पर बने रहेंगे, चुनाव आयोग पर आम जनता का भरोसा उतना ही घटेगा।

यह विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन तीन दिनों से दिल्ली की सड़कों पर है। आने वाले घंटों में गठबंधन का राष्ट्रपति भवन मार्च और गठबंधन की अगली रणनीति देश की निगाहों में रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

संवैधानिक दबाव नहीं। जंतर-मंतर से राजघाट तक का सफर बताता है कि विपक्ष आंदोलन को गाँधीवादी वैधता देना चाहता है, पर राष्ट्रपति भवन मार्च की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संसदीय लोकतंत्र में यह दबाव किसी ठोस संस्थागत प्रतिक्रिया को उकसाता है या नहीं।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
इंडिया गठबंधन का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में कथित तौर पर 13 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए और चुनाव प्रक्रिया में हेरफेर हुई। गठबंधन के नेताओं ने इसे 'वोट चोरी' करार देते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की माँग की है।
राजघाट पर विरोध-प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हुए?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, सीपीआई (एम) नेता वी. शिवदासन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी तथा इंडिया गठबंधन के कई अन्य सांसद 8 अक्टूबर 2026 को राजघाट पर एकत्र हुए।
गठबंधन की अगली कार्ययोजना क्या है?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने घोषणा की कि शुक्रवार को इंडिया गठबंधन का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन जाएगा। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और वोटर लिस्ट मुद्दे का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रियंका गांधी वाड्रा से जुड़ा 'धक्का-मुक्की' विवाद क्या है?
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को बचाने की कोशिश में थीं और इस दौरान हुई किसी घटना को 'धक्का-मुक्की' नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने BJP पर इस मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर आंदोलन से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
इंडिया गठबंधन का यह आंदोलन कब से चल रहा है?
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के अनुसार, इंडिया गठबंधन पिछले तीन दिनों से दिल्ली की सड़कों पर है। इससे पहले गठबंधन जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने गया था, जिसकी अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद 8 अक्टूबर को राजघाट पर सत्याग्रह का आयोजन किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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