राजघाट पर इंडिया ब्लॉक का सत्याग्रह, राहुल-खड़गे-प्रियंका बोले — ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर इंडिया गठबंधन का विरोध-प्रदर्शन गुरुवार शाम राजघाट पहुँच गया, जहाँ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष एवं सांसद राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा तथा गठबंधन के अन्य सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। गठबंधन के नेताओं ने एकसुर में कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
राजघाट पर क्यों पहुँचा इंडिया गठबंधन
गठबंधन के नेताओं ने राजघाट पर एकत्र होकर गाँधीवादी अहिंसा और सत्याग्रह की परंपरा का हवाला दिया। कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने कहा, 'महात्मा गांधी ने हमें अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। हम सरकार को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि विपक्ष का यह अधिकार है कि वह आपको आपकी गलत नीतियों के बारे में बताए।' उन्होंने आरोप लगाया कि 'इस सरकार ने स्वतंत्र एजेंसियों को कठपुतली बना लिया है।'
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने बताया कि इंडिया गठबंधन के सभी सांसदों ने राजघाट पर प्रार्थना की और सरकार तथा ज्ञानेश कुमार को 'सद्बुद्धि मिलने' की कामना की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन भी जाएगा।
मुख्य आरोप: वोटर लिस्ट और 'वोट चोरी'
कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने माँग की कि जिन कथित तौर पर 13 करोड़ नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए, उन्हें पुनः जोड़ा जाए। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त 'वोट चोरी' का हिस्सा रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह कांग्रेस या इंडिया गठबंधन का आंदोलन नहीं, 'देश के गरीब लोगों का आंदोलन' है और उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी से ज्ञानेश कुमार को 'तुरंत हटाने' की माँग की।
सीपीआई (एम) नेता वी. शिवदासन ने कहा कि सांसदों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ यह संकल्प दोहराया कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रियंका गांधी पर 'धक्का-मुक्की' विवाद
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बचाने की कोशिश कर रही थीं और इस क्रम में हुई किसी घटना को 'धक्का-मुक्की' नहीं कहा जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह 'झूठी बातें' फैलाकर इस सत्याग्रह से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि एक दिन पहले जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन की अनुमति न मिलने और वहाँ की कथित घटनाओं को लेकर पहले से ही तनाव था।
विपक्ष की अगली कार्ययोजना
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि यह आंदोलन अब 'जन-आंदोलन' बन चुका है और कोई दमन इसे नहीं रोक सकता। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि वोट डिलीट नहीं किए जाएंगे और मशीनों में हेरफेर नहीं होगा, संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चेतावनी दी कि ज्ञानेश कुमार जितने लंबे समय तक पद पर बने रहेंगे, चुनाव आयोग पर आम जनता का भरोसा उतना ही घटेगा।
यह विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन तीन दिनों से दिल्ली की सड़कों पर है। आने वाले घंटों में गठबंधन का राष्ट्रपति भवन मार्च और गठबंधन की अगली रणनीति देश की निगाहों में रहेगी।