ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें या विरोध जारी रहेगा — कांग्रेस का 'करो या मरो' का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे दिन नई दिल्ली के एक रेस्तरां में इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ लंच का आयोजन किया। इस अवसर पर पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा नहीं देते, विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। कांग्रेस ने इस लड़ाई को लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा की 'करो या मरो' की लड़ाई बताया है।
मुख्य घटनाक्रम
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए यहां हैं। देश के मतदाताओं और आम लोगों की रक्षा के लिए यह हमारे लिए करो या मरो की लड़ाई है। हमारा सीधा मकसद मतदाताओं और आम लोगों की रक्षा करना है।' यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन ने 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का औपचारिक अनुरोध पहले ही भेज दिया था।
वेणुगोपाल ने बताया कि राष्ट्रपति भवन ने बाद में उन नेताओं के नाम मांगे जो बैठक में शामिल होंगे और इंडिया गठबंधन ने सभी शीर्ष नेताओं को इस सूची में शामिल किया है।
पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष के आरोप
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने आरोप लगाया कि चुने हुए जन-प्रतिनिधि होने के बावजूद विपक्षी नेताओं को चुनाव आयुक्तों से मिलने से रोका गया। उन्होंने कहा, 'कल हम जंतर-मंतर जाना चाहते थे, धरना देना चाहते थे, लेकिन वहाँ भी हमें बैठने नहीं दिया गया। पुलिस ने बेरहमी दिखाई।' हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष लोगों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रहा है।
सीपीआई सांसद पी. संतोष कुमार ने दावा किया कि करीब 200 से 240 सांसदों को रोकने के लिए 40,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर, जो परंपरागत रूप से राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन की स्वीकृत जगह है, विपक्ष के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
राहुल गांधी पर एफआईआर और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर — मारपीट और बदसलूकी के आरोपों में — पर वेणुगोपाल ने दिल्ली पुलिस पर विरोध कर रहे नेताओं के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने तर्क दिया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा कभी भी जानबूझकर सुरक्षाकर्मियों से दुर्व्यवहार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, 'जब कोई काम बचाव में किया जाता है, तो वह अपराध नहीं माना जाता।' तन्खा ने एफआईआर को गलत इरादे से दर्ज बताते हुए कड़ी निंदा की।
विपक्ष की माँग और आगे की रणनीति
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने स्पष्ट किया कि लंच बैठकों के बावजूद विरोध प्रदर्शन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम अपना विरोध जारी रखेंगे।' यह प्रदर्शन राहुल गांधी, खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, वेणुगोपाल और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं के नेतृत्व में चलता रहेगा।
तन्खा ने कहा, 'सबसे बड़ी बात यह है कि ज्ञानेश कुमार को जाना होगा। जब तक चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और उस पर भरोसा बहाल नहीं होता, तब तक इसका कोई समाधान नहीं है।' समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव कुमार राय ने भी पुष्टि की कि उनकी पार्टी इस लड़ाई में इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन का राष्ट्रपति भवन से मिलने का अनुरोध अभी लंबित है और बैठक की तारीख तय नहीं हुई है। विपक्ष की यह एकजुटता आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की स्वायत्तता और नियुक्ति प्रक्रिया पर बड़ी राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है।