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इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली होकर रहेगी, व्यापारियों के नुकसान के लिए भाजपा जिम्मेदार: अलका लांबा

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इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली होकर रहेगी, व्यापारियों के नुकसान के लिए भाजपा जिम्मेदार: अलका लांबा

सारांश

इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की दिल्ली रैली पर कांग्रेस अड़ी है — अलका लांबा ने व्यापारियों की अपील ठुकराई, भाजपा पर पर्दे के पीछे से विरोध कराने का आरोप लगाया और 10 लाख लोगों के आने का दावा किया। कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग रैली के केंद्र में है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने पुष्टि की कि इंडिया ब्लॉक की रैली 1 नवंबर को नई दिल्ली में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
लांबा ने दावा किया कि देशभर से 10 लाख लोग रैली में शामिल होने दिल्ली पहुँचेंगे।
रैली के मुख्य मुद्दों में कथित वोट चोरी, एसआईआर , मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर की माँग शामिल है।
लांबा ने आरोप लगाया कि पिछले विरोध प्रदर्शन के दौरान 50 मेट्रो स्टेशन बंद और इंटरनेट बाधित करने से व्यापारियों को 'असली नुकसान' हुआ — और इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है।
दिल्ली के एक स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा की कथित मौत पर लांबा ने स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की माँग की।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भाजपा-आलोचना को लांबा ने 'देश के करोड़ों लोगों की चिंता' बताया।

कांग्रेस नेता अलका लांबा ने 24 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि इंडिया ब्लॉक की नई दिल्ली में प्रस्तावित रैली 1 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगी। व्यापारियों की ओर से रैली को दीपावली के बाद तक टालने की अपील को खारिज करते हुए लांबा ने दावा किया कि देशभर से 10 लाख लोग दिल्ली पहुँचेंगे। उन्होंने कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को रैली के केंद्रीय मुद्दे बताया।

रैली टालने की अपील पर कांग्रेस का जवाब

अलका लांबा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोग पहले जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में रैली रोकने की कोशिश कर रहे थे। उनके अनुसार, जब वे प्रयास सफल नहीं हुए तो अब भाजपा से जुड़े व्यापार संघों को आगे किया जा रहा है। लांबा ने कहा कि 1 नवंबर को देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली आने से होटल, खानपान और बाज़ारों में कारोबार बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले लोग सदर बाज़ार, चाँदनी चौक और अन्य बाज़ारों में खरीदारी भी करेंगे।

व्यापारियों को 'असली नुकसान' का आरोप भाजपा पर

लांबा ने दावा किया कि व्यापारियों को वास्तविक नुकसान तब हुआ था जब जंतर-मंतर पर आंदोलन रोकने के लिए दिल्ली को 'छावनी में बदल दिया गया था।' उन्होंने कहा कि उस दौरान 50 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, रेल सेवाएँ रोकी गईं और इंटरनेट बाधित किया गया। इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन बिलिंग और कारोबार प्रभावित हुआ, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस नेता ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि 1 नवंबर की रैली से उनके कारोबार की भरपाई होगी।

रैली के मुख्य मुद्दे: वोट चोरी, एसआईआर और ईवीएम

लांबा के अनुसार, रैली का उद्देश्य कथित वोट चोरी और एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर आवाज़ उठाना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई और प्रधानमंत्री पर उन्हें बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि देश में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की माँग उठ रही है। लांबा ने दावा किया कि रैली में शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों में ऐसे लोग भी हैं, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से काटे गए हैं।

नसीरुद्दीन शाह की आलोचना और व्यापक समर्थन का दावा

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भाजपा-आलोचना पर लांबा ने कहा कि यह केवल एक नागरिक की भावना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की चिंता है। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नरीमन और पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चिंता जताई जा रही है।

दिल्ली में 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर गंभीर सवाल

दिल्ली में एक 17 वर्षीय छात्रा की स्कूल के भीतर कथित मौत पर लांबा ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि छात्रा ने कथित तौर पर तीन पन्नों का नोट लिखा था। लांबा ने सवाल उठाया कि उस समय स्कूल प्रशासन और संबंधित कर्मचारी कहाँ थे और ऐसी परिस्थिति बनने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल की प्रिंसिपल, स्टाफ और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। खबर मिलने पर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को घटनास्थल भेजा गया और शाहदरा जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और इंडिया ब्लॉक अपनी जमीन मज़बूत करने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में 1 नवंबर की रैली की तैयारियाँ और भाजपा की प्रतिक्रिया राजनीतिक परिदृश्य को और स्पष्ट करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चुनावी वैधता की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है — लेकिन व्यापारियों की चिंताओं को 'भाजपा की साजिश' बताकर खारिज करना एक जोखिम भरा दाँव है। रैली में 10 लाख लोगों का दावा सत्यापन की माँग करता है; पिछले ऐसे दावे अक्सर जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाए। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग संवैधानिक प्रक्रिया से अलग है और इसका राजनीतिक उद्देश्य स्पष्ट है। दिल्ली में छात्रा की मौत का मुद्दा उठाना संवेदनशील है, लेकिन इसे रैली के राजनीतिक ढाँचे में जोड़ना जवाबदेही की माँग को कमज़ोर कर सकता है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक की दिल्ली रैली कब और क्यों हो रही है?
इंडिया ब्लॉक की रैली 1 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित होनी है। कांग्रेस नेता अलका लांबा के अनुसार, रैली का उद्देश्य कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर आवाज़ उठाना है।
व्यापारियों ने रैली टालने की अपील क्यों की?
व्यापारियों ने दीपावली के त्योहारी सीज़न में कारोबार प्रभावित होने की आशंका से रैली टालने की अपील की थी। हालाँकि, अलका लांबा ने इस अपील को भाजपा से जुड़े व्यापार संघों की 'रैली रोकने की कोशिश' बताते हुए खारिज कर दिया।
अलका लांबा ने व्यापारियों के नुकसान के लिए भाजपा को जिम्मेदार क्यों ठहराया?
लांबा ने कहा कि पिछले जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान 50 मेट्रो स्टेशन बंद करने, रेल सेवाएँ रोकने और इंटरनेट बाधित करने से व्यापारियों को असली नुकसान हुआ था — और इसके लिए वे भाजपा को जिम्मेदार मानती हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की रैली से व्यापारियों के कारोबार की भरपाई होगी।
दिल्ली में 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने छात्रा की कथित मौत पर गंभीर चिंता जताते हुए स्कूल प्रशासन, प्रिंसिपल, स्टाफ और शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की माँग की। उन्होंने बताया कि महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को घटनास्थल भेजा गया और शाहदरा जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष पीड़ित परिवार से मिलीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग क्यों उठ रही है?
इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में गड़बड़ियाँ हुई हैं, जिसके लिए वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जिम्मेदार मानते हैं। अलका लांबा ने प्रधानमंत्री पर ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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