इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर रैली होकर रहेगी, व्यापारियों के नुकसान के लिए भाजपा जिम्मेदार: अलका लांबा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने 24 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि इंडिया ब्लॉक की नई दिल्ली में प्रस्तावित रैली 1 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगी। व्यापारियों की ओर से रैली को दीपावली के बाद तक टालने की अपील को खारिज करते हुए लांबा ने दावा किया कि देशभर से 10 लाख लोग दिल्ली पहुँचेंगे। उन्होंने कथित वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को रैली के केंद्रीय मुद्दे बताया।
रैली टालने की अपील पर कांग्रेस का जवाब
अलका लांबा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोग पहले जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में रैली रोकने की कोशिश कर रहे थे। उनके अनुसार, जब वे प्रयास सफल नहीं हुए तो अब भाजपा से जुड़े व्यापार संघों को आगे किया जा रहा है। लांबा ने कहा कि 1 नवंबर को देशभर से बड़ी संख्या में लोगों के दिल्ली आने से होटल, खानपान और बाज़ारों में कारोबार बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले लोग सदर बाज़ार, चाँदनी चौक और अन्य बाज़ारों में खरीदारी भी करेंगे।
व्यापारियों को 'असली नुकसान' का आरोप भाजपा पर
लांबा ने दावा किया कि व्यापारियों को वास्तविक नुकसान तब हुआ था जब जंतर-मंतर पर आंदोलन रोकने के लिए दिल्ली को 'छावनी में बदल दिया गया था।' उन्होंने कहा कि उस दौरान 50 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए, रेल सेवाएँ रोकी गईं और इंटरनेट बाधित किया गया। इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन बिलिंग और कारोबार प्रभावित हुआ, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस नेता ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि 1 नवंबर की रैली से उनके कारोबार की भरपाई होगी।
रैली के मुख्य मुद्दे: वोट चोरी, एसआईआर और ईवीएम
लांबा के अनुसार, रैली का उद्देश्य कथित वोट चोरी और एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर आवाज़ उठाना है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई और प्रधानमंत्री पर उन्हें बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि देश में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की माँग उठ रही है। लांबा ने दावा किया कि रैली में शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों में ऐसे लोग भी हैं, जिनके नाम कथित तौर पर मतदाता सूची से काटे गए हैं।
नसीरुद्दीन शाह की आलोचना और व्यापक समर्थन का दावा
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की भाजपा-आलोचना पर लांबा ने कहा कि यह केवल एक नागरिक की भावना नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की चिंता है। उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नरीमन और पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चिंता जताई जा रही है।
दिल्ली में 17 वर्षीय छात्रा की मौत पर गंभीर सवाल
दिल्ली में एक 17 वर्षीय छात्रा की स्कूल के भीतर कथित मौत पर लांबा ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि छात्रा ने कथित तौर पर तीन पन्नों का नोट लिखा था। लांबा ने सवाल उठाया कि उस समय स्कूल प्रशासन और संबंधित कर्मचारी कहाँ थे और ऐसी परिस्थिति बनने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल की प्रिंसिपल, स्टाफ और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। खबर मिलने पर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष को घटनास्थल भेजा गया और शाहदरा जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है और इंडिया ब्लॉक अपनी जमीन मज़बूत करने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में 1 नवंबर की रैली की तैयारियाँ और भाजपा की प्रतिक्रिया राजनीतिक परिदृश्य को और स्पष्ट करेगी।